बाल हृदय योजना के तहत बच्चों को पटना भेजा गया
सहरसा में बाल हृदय योजना के तहत जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों को बेहतर इलाज के लिए तीन एंबुलेंस के माध्यम से पटना भेजा गया। ये बच्चे इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान में विशेष इको जांच शिविर में भाग लेंगे। स्वास्थ्य विभाग की इस पहल से बच्चों के उपचार में नई उम्मीद जगी है।

सहरसा, हमारे प्रतिनिधि। बाल हृदय योजना के तहत जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों के बेहतर इलाज और जांच के उद्देश्य से शनिवार को डीईआईसी सहरसा से तीन एंबुलेंस के माध्यम से बच्चों को पटना भेजा गया। ये बच्चे 05 अप्रैल को पीएमसीएच स्थित इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान में आयोजित विशेष इको जांच शिविर में भाग लेंगे। इस विशेष शिविर का आयोजन श्रीसत्य साईं अस्पताल अहमदाबाद द्वारा किया जा रहा है, जिसमें विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम द्वारा बच्चों की हृदय संबंधी जांच की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य जन्मजात हृदय रोग से ग्रसित बच्चों की समय पर पहचान कर उनका समुचित इलाज सुनिश्चित करना है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित इस योजना के अंतर्गत चयनित बच्चों को सभी आवश्यक सुविधाओं के साथ सुरक्षित रूप से पटना भेजा गया। अभिभावकों में इस पहल को लेकर खासा उत्साह देखा गया, क्योंकि इससे उनके बच्चों को बेहतर उपचार की उम्मीद जगी है।इस पूरी प्रक्रिया में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सौरबाजार प्रखंड से आरबीएसके के चिकित्सक डॉ. शम्भु कुमार सुमन एवं सिमरी प्रखंड से फार्मासिस्ट पवन कुमार ने बच्चों के जांच एवं समन्वय कार्य में सक्रिय सहयोग प्रदान किया। उनके प्रयास से सभी बच्चों को समय पर शिविर में भेजने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई। स्वास्थ्य विभाग के इस प्रयास से जिले में बाल स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा मिल रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के शिविरों से गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान संभव हो पाती है, जिससे बच्चों का जीवन बचाया जा सकता है। स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए सरकार और स्वास्थ्य विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया है।
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