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हर्षोल्लास के साथ मना चौठचंद्र और तीज पर्व

हर्षोल्लास के साथ मना चौठचंद्र और तीज पर्व

चंद्रमा देखकर पूजा करने के साथ ही जिले में हर्षोल्लास के साथ चौठचंद्र पर्व मनाया गया। साथ ही महिलाओं ने तीज पर्व भी श्रद्धापूर्वक मनाया। दोनों पर्व एक ही दिन मनाया गया।

भादो महीने के शुक्ल पक्ष के चतुर्थी को मनाये जाने वाले चौठचंद्र पर्व को मिथिला का मिनी छठ भी कहा जाता है। इस पर्व को शाम में फल के साथ चंद्रमा को देखने के बाद उसकी पूजा की जाती है। पूजा के बाद पूजास्थल पर घर के सभी सदस्य बैठकर प्रसाद ग्रहण करते हैं। जिसे मरर तोड़ना कहा जाता है। मिथिला में एक प्रचलित कहावत है कि ई पेट भरवा कहिया भादो मास चोरचन जहिया। चौठचंद्र के साथ ही हिंदू पर्व की शुरुआत हो गयी।

आज से 20 दिन बाद नवरात्र और नवरात्र के 20 दिन बाद दीपावली पर्व मनाया जाएगा। इधर चौठचंद्र व तीज पर्व को लेकर फलों की कीमतों में काफी वृद्धि रही। केला 30-40 रुपये दर्जन तो अमरूद 120 रुपये किलो मिल रहा था। मंहगाई के बावजूद पर्व मनाने के लिए लोगों का उत्साह बना रहा।

नवहट्टा से ए.सं. के अनुसार तीज एवं चौठ चंद्र पर्व श्रद्धा एवं उल्लास के साथ संपन्न हो गया। दोनों पर्व को लेकर बाजार में काफी चहल-पहल रही। इस मौके पर उपवास रखीं महिलाओं ने नियम निष्ठा के साथ दही जमा, खीर, पुरुकिया, ठेकुवा सहित अन्य प्रसाद बना सेब, केला, खीरा एवं अन्य फल-फूल चढ़ा शाम में उगते चंद्रमा को अर्घ्य दिया। वहीं आस्था का पर्व तीज विवाहित महिलाओं ने उत्साह के साथ मनाया, इस दौरान महिलाओं ने 24 घंटे निर्जल उपवास रख पति की लंबी उम्र की कामना की। इस पर्व में महिलाएं रातभर जगी रहीं।

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  • Web Title:Celebrating Chauthchandra and Teej Feast with Heservices