आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग से किसानों की बढ़ेगी आय
सहरसा में कृषि विभाग द्वारा दो दिवसीय कृषि यांत्रीकरण मेला शुरू किया गया। इस मेले में आधुनिक कृषि यंत्रों का प्रदर्शन किया गया, जिसमें पावर टिलर, ड्रोन और अन्य उपकरण शामिल थे। किसानों को तकनीकी जानकारी दी गई और उन्हें अनुदान योजनाओं के बारे में बताया गया।

सहरसा, हिन्दुस्तान संवाददाता। जिला कृषि विभाग के प्रांगण में शुक्रवार को दो दिवसीय कृषि यांत्रीकरण मेला -सह- प्रदर्शनी शुरू किया गया। विभिन्न कंपनियों एवं विक्रेताओं ने आधुनिक तकनीक से युक्त खेती में उपयोगी यंत्रों का प्रदर्शन किया। जिनमें पावर टिलर, रोटावेटर, सीड ड्रिल, रीपर-कम-बाइंडर, स्प्रे मशीन, ड्रोन, पंपसेट, प्लांट प्रोटेक्शन इक्विपमेंट एवं अन्य कृषि नवाचार शामिल रहे। किसानों ने इन यंत्रों को प्रत्यक्ष रूप से देखा, उनकी कार्यप्रणाली को समझा तथा तकनीकी विशेषज्ञों से जानकारी प्राप्त की। यांत्रिकरण मेला में लॉटरी के माध्यम से चयनित 398 यंत्र का स्वीकृति पत्र निर्गत किया गया, जिसमें कुल अनुदान की राशि 80 लाख है।
कार्यक्रम का उदघाटन करते संयुक्त निदेशक (शस्य), ने कहा कि मेला किसानों के लिए ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक तथा तकनीक समृद्ध साबित हो रहा है। उम्मीद है कि इस कार्यक्रम से प्रेरित होकर जिले के किसान आधुनिक यंत्रों एवं तकनीकों का अधिक से अधिक उपयोग करेंगे, जिससे कृषि क्षेत्र में नवीन संभावनाओं का द्वार खुलेगा और सहरसा जिला प्रगतिशील कृषि की दिशा में नई पहचान स्थापित करेगा। अन्य अधिकारियों ने कहा कि कृषि यांत्रिकरण समय की जरूरत है और इससे न केवल श्रम एवं समय की बचत होती है बल्कि उत्पादन एवं उत्पादकता में भी उल्लेखनीय वृद्धि होती है। आधुनिक कृषि यंत्रों का उपयोग किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। सरकार द्वारा उपलब्ध विभिन्न अनुदान योजनाओं की जानकारी भी किसानों को दी गई, ताकि वे कम लागत पर उन्नत यंत्र प्राप्त कर सकें।मौके पर जिला कृषि पदाधिकारी, उपनिदेशक कृषि अभियंत्रण, जिला उद्यान पदाधिकारी, वैज्ञानिकगण, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी सदर एवं सिमरी बख्तियारपुर, जिला परामर्शी, विभिन्न प्रखंडों से के प्रखंड कृषि पदाधिकारी, बीटीएम एटीएम कृषि समन्वयक, किसान सलाहकार एवं कृषि विभाग के अन्य कर्मियों सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे। किसानों के लिए तकनीकी परामर्श केंद्र भी स्थापित : मेला परिसर में किसानों के लिए तकनीकी परामर्श केंद्र भी स्थापित किए गए जहाँ कृषि वैज्ञानिकों तथा विशेषज्ञों ने फसल प्रबंधन, जैविक कृषि, सिंचाई तकनीक, उन्नत बीजों के चयन, मत्स्य पालन, उद्यानिकी तथा पशुपालन से संबंधित उपयोगी जानकारी प्रदान की। किसानों ने विभागीय अधिकारियों से अपनी समस्याएँ साझा कीं और समाधान भी प्राप्त किया। प्रथम दिन ही किसानों ने प्रदर्शनी में अत्यधिक रुचि दिखाई : मेला का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक से जोड़ना, उन्हें नवीनतम यंत्रों के प्रति जागरूक करना तथा कृषि उत्पादन को गति देना है। कार्यक्रम के प्रथम दिन ही किसानों ने प्रदर्शनी में अत्यधिक रुचि दिखाई और बड़े पैमाने पर तकनीकी जानकारी प्राप्त की।
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