अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

2.5 लाख गरीबों को स्वास्थ्य बीमा का लाभ

2.5 लाख गरीबों को स्वास्थ्य बीमा का लाभ

जिले में 25 सितंबर से आयुष्मान भारत योजना की शुरुआत होगी। इस योजना के तहत जिले के 2.5 लाख योग्य गरीब परिवार लाभान्वित होंगे। आयुष्मान भारत को दुनिया की सबसे बड़ी सरकारी हेल्थकेयर बीमा स्कीम कहा जा रहा है।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत आने वाले हर परिवार को 5 लाख रुपए का स्वास्थ्य बीमा कराया जाएगा। इस बीमा कवर से आप छोटे और बड़े सभी तरह के अस्पतालों में इलाज करा सकेंगे। हालांकि अभी जिले में सदर अस्पताल व चार पीएचसी में ही इस योजना का लाभ मिलेगा। पहले चरण में योजना की शुरुआत सदर अस्पताल से होगी और आगे चार पीएचसी व एक अनुमंडल अस्पताल में योजना लागू की जाएगी।

परिवार चाहे जितना बड़ा हो, उसके हर सदस्य को राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना का लाभ मिलेगा। महिला-पुरुष, बच्चे-वृद्ध सब इस योजना के लाभार्थी हो सकते है। इसके लिए कोई उम्र सीमा निर्धारित नहीं है। अस्पताल में भर्ती होने के पहले के स्वास्थ्य संबंधी खर्चे और अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद के खर्चे भी इसमें शामिल होंगे। पॉलिसी लेने के पहले दिन से ही ये सारी सुविधाएं मिलने लगेंगी। अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में आने जाने का परिवहन भत्ता भी दिया जाएगा।

इस योजना के लाभुकों का चयन 2011 के जनगणना के आधार पर किया जाएगा। बीपीएल परिवारों के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के जगह इस योजना को शुरू किया गया है। पुर्व की योजना में सिर्फ 30 हजार रुपये तक का बीमा कवर ही दिया जाता था।मरीज को अस्पताल में भर्ती होने के बाद अपने बीमा संबधित दस्तावेज देने होंगे। जिसके आधार पर अस्पताल इलाज के खर्च की जानकारी के बारे में बीमा कंपनी को सूचित कर देगा और बीमित व्यक्ति के दस्तावेजों की पुष्टि होते ही उसका इलाज बिना पैसे दिये हो जाएगा। इस योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर व बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठाने में असमर्थ परिवार के एक सदस्य हर साल एक लाख रुपये तक का इलाज करा सकते हैं। इसमें एक परिवार के पांच सदस्य शामिल हैं।

गरीब परिवार को प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र स्तर तक मिल जाती है।

द्वितीयक व तृतीयक स्तर पर स्वास्थ्य सुविधा इस योजना के तहत प्रदान की जा सकेगी।बिहार स्वास्थ्य सुरक्षा समिति आयुष्मान भारत राष्ट्रीय सुरक्षा मिशन के कार्यान्वयन के लिए राज्य स्वास्थ्य अभिकरण के रूप में काम करेगी।सरकारी अस्पताल में इलाज होने के बाद योजना से प्राप्त होने वाली राशि का एक भाग चिकित्सक एवं अन्य कर्मियों के बीच प्रोत्साहन के रूप में वितरित होगा। शेष राशि का उपयोग अस्पताल के आधारभूत संरचना और चिकित्सकीय सेवाओं के मजबूती के लिए होगा। सरकारी अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं होने पर निजी क्षेत्र में कार्यरत चिकित्सक की सेवा ली जाएगी और उन्हें राशि मिलेगी।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:2 5 lakh beneficiaries of poor health insurance