बिहार में बाढ़ सुरक्षा पर 1117 करोड़ के बजट को मंजूरी, दरभंगा एम्स को 'डूबने' से बचाने के लिए रिंग बांध बनेगा
बिहार सरकार इस साल मॉनसून से पहले बाढ़ सुरक्षा पर 1117 करोड़ रुपये खर्च करेगी। दरभंगा एम्स को बाढ़-बारिश के पानी में डूबने से बचाने के लिए रिंग बांध बनाया जाएगा।

बिहार में बाढ़ से निपटने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। इस साल बाढ़ से बचाव के लिए 1117 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी गई है। मॉनसून 2026 से पहले 384 परियोजनाओं पर यह राशि खर्च की जाएगी। बिहार राज्य बाढ़ नियंत्रण पर्षद की गुरुवार को हुई 66वी बैठक में यह फैसला लिया गया। दरभंगा एम्स को बाढ़ के पानी में डूबने से बचाने के लिए एक रिंग बांध भी बनाया जाएगा।
राज्य सरकार से मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार को पटना में जल संसाधन मंत्री विजय चौधरी की अध्यक्षता में बिहार राज्य बाढ़ नियंत्रण पर्षद की बैठक हुई। इसमें मंत्री ने राज्य के सभी तटबंधों की निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने इंजीनियरों से कहा कि वे खुद जाकर स्थल निरीक्षण करें और रिपोर्ट विभाग को सौंपें।
विजय चौधरी ने विभाग के अधिकारियों को स्थानीय प्रशासन से समन्वय बना कर सभी संवेदनशील क्षेत्रों में जरूरी मरम्मत कार्यों को शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि योजनाओं के कार्यान्वयन में किसी भी प्रकार की समस्या हो, तो तुरंत इसकी जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
दरभंगा एम्स के लिए विशेष कार्ययोजना
इस बैठक में दरभंगा एम्स में बाढ़ का पानी जमा ना हो, इसके लिए खास योजना पर मुहर लगाई गई। इस प्रोजेक्ट पर कुल 92.66 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके तहत रिंग बांध, ड्रेनेज चैनल, पंप हाउस और संप का निर्माण कराया जाएगा। बैठक में 30 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली 5 परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में बिहार राज्य बाढ़ नियंत्रण पर्षद के सदस्य वं जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव श्री संतोष कुमार मल्ल के साथ ही योजना एवं विकास विभाग, वित्त विभाग, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग, गंगा बाढ़ नियंत्रण आयोग के प्रतिनिधी, पर्षद के अन्य सदस्य एवं जल संसाधन विभाग के वरीय अधिकारी भी मौजूद रहे।
बता दें कि दरभंगा में बिहार के दूसरे एम्स का निर्माण कार्य चल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवंबर 2024 में इसका शिलान्यास किया था। यह 750 बेड की क्षमता वाला सुपर‑स्पेशलिटी हॉस्पिटल होगा, जिसमें इमरजेंसी/ट्रॉमा, ICU, AYUSH वार्ड आदि शामिल होंगे। शुरुआत में इसकी प्रस्तावित लागत लगभग 1,264 करोड़ रुपये थी। हाल ही में दरभंगा एम्स के लिए 700 करोड़ रुपये के अतिरिक्त बजट को भी मंजूरी दी गई।
दरभंगा एम्स का निर्माण शोभन में किया जा रहा है। विशेषज्ञों ने इसे बाढ़ संवेदनशील क्षेत्र के रूप में चिह्नित किया था। इससे निपटने के लिए जमीन पर मिट्टी भराई और रिंग बांध बनाने का फैसला लिया गया था।
लेखक के बारे में
Jayesh Jetawatजयेश जेतावत एक अनुभवी, जुझारू एवं निष्पक्ष पत्रकार हैं। बीते 10 सालों से स्थानीय मुद्दों को कवर कर रहे हैं। राजनीतिक, सामाजिक और आपराधिक घटनाओं की रिपोर्टिंग एवं संपादन में महारत हासिल है। बिहार में पर्यटन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी गहरी पकड़ रखते हैं। तकनीकी रूप से निपुण जयेश, तथ्यों की बारीकी से जांच कर समयसीमा के भीतर पाठकों तक सटीक खबरें एवं शोध-परक विश्लेषण पहुंचाते हैं। जनसरोकार के मुद्दे उठाना, पेशेवर नैतिकता का पालन करना, समाज एवं मानव कल्याण के प्रति जिम्मेदारी, इन्हें और भी योग्य बनाती है। भाषा पर इनकी अच्छी पकड़ है। जटिल मुद्दों को पाठकों एवं दर्शकों तक आसान शब्दों में पहुंचाना इनकी खूबी है।
जयेश जेतावत मूलरूप से मेवाड़ क्षेत्र (राजस्थान) के रहने वाले हैं। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। इसके बाद ईटीवी भारत में बतौर प्रशिक्षु समाचार संपादक के रूप में काम शुरू किया। फिर इंडिया न्यूज के डिजिटल सेक्शन में विभिन्न बीट कवर की। इसके बाद, वे2न्यूज में बतौर टीम लीडर तीन राज्यों की कमान संभाली। साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े, तब से यहां बिहार की खबरों को कवर कर रहे हैं। जयेश ने टाइम्स ऑफ इंडिया, लाइव इंडिया न्यूज चैनल और सी-वोटर रिसर्च एजेंसी में इंटर्नशिप भी की। पटना से प्रकाशित मैगजीन राइजिंग मगध में समसामयिक विषयों पर इनके लेख छपते रहे हैं। समाचार लेखन के अलावा जयेश की साहित्यिक पठन एवं लेखन में रुचि है, सामाजिक मुद्दों पर कई लघु कथाएं लिख चुके हैं।


