काम की बात: बिहार में इलेक्ट्रिक कार खरीदने पर महिलाओं को 1 लाख रुपये तक सब्सिडी, टैक्स में 50 प्रतिशत छूट
बिहार में ईवी कार खरीदने पर महिलाओं को एक लाख रुपये तक सब्सिडी मिलेगी। सम्राट कैबिनेट ने बिहार इलेक्ट्रिक वाहन (संशोधन) नीति, 2026 और ख्यमंत्री बिहार पर्यावरण अनुकूल परिवहन रोजगार योजना को मंजूरी दी गई है।
बिहार में अब चारपहिया इलेक्ट्रिक वाहन यानी ईवी का खरीदने पर सरकार महिलाओं को 1 लाख रुपये तक प्रोत्साहन राशि देगी। दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहन की खरीद पर हर वर्ग के लोगों को 12 हजार रुपये तक की सब्सिडी मिलेगी। इसके साथ ही इलेक्ट्रिक वाहनों पर टैक्स में 50 प्रतिशत तक छूट भी दी जाएगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया है। इस बैठक में मुख्यमंत्री बिहार पर्यावरण अनुकूल परिवहन रोजगार योजना को मंजूरी दी गई। प्रोत्साहन राशि साल 2026-27 के लिए देय होगी।
कैबिनेट विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद चौधरी ने बताया कि सम्राट कैबिनेट की बैठक में बिहार इलेक्ट्रिक वाहन (संशोधन) नीति, 2026 को स्वीकृति दी गई। यह योजना वैश्विक अभियान ईवी 30@30 के लक्ष्यों को पूरा करने में भी सहायक होगी। इसके तहत राज्य सरकार ने साल 2030 तक नए वाहनों में 30 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहनों की भागीदारी सुनिश्चित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
उन्होंने कहा कि नई नीति के लागू होने से बिहार में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को व्यापक प्रोत्साहन मिलेगा। प्रदूषण नियंत्रण के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
बिहार में इलेक्ट्रिक वाहनों पर सब्सिडी मिलने से साल 2030 तक सालाना लगभग 10 करोड़ लीटर पेट्रोल-डीजल की बचत होगी। इससे ना केवल राज्य को प्रत्यक्ष रूप से आर्थिक बचत होगी, बल्कि आम जनता का भी परिवहन खर्च भी घटेगा। साथ ही वायुमंडल में लाखों टन कार्बन उत्सर्जन रुकने से वायु गुणवत्ता में भारी सुधार होगा।
राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री बिहार पर्यावरण अनुकूल परिवहन रोजगार योजना के माध्यम से इलेक्ट्रिक वाहनों को ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में तेजी से बढ़ावा देने की रणनीति बनाई है। इस योजना से युवाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर विकसित होंगे तथा परिवहन क्षेत्र में आधुनिक एवं कम लागत वाली सेवाओं का विस्तार होगा।
थ्री व्हीलर ईवी पर 60 हजार तक सहायता
इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन खरीदने पर सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को 10 हजार रुपये और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग को 12 हजार रुपये प्रति वाहन अनुदान दिया जाएगा। वहीं इलेक्ट्रिक मालवाहक तिपहिया वाहन की खरीद पर सामान्य वर्ग को 50 हजार रुपये तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग को 60 हजार रुपये तक की सहायता प्रदान की जाएगी।
मोटर वाहन कर में 50 प्रतिशत तक की छूट
नई नीति के तहत बिहार में क्रय एवं निबंधित सभी इलेक्ट्रिक वाहनों को मोटर वाहन टैक्स में 50 प्रतिशत तक की छूट प्रदान की जाएगी। साथ ही पुराने वाहनों की स्क्रैपिंग पर भारत सरकार की नीति के अनुरूप अतिरिक्त प्रोत्साहन का लाभ भी दिया जाएगा। इससे आम लोगों को इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर आकर्षित करने में मदद मिलेगी।
चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का होगा व्यापक विस्तार:
राज्य सरकार सार्वजनिक एवं निजी चार्जिंग स्टेशनों के विकास को भी प्राथमिकता देगी। बहुमंजिला भवनों, शॉपिंग मॉल, होटल, मोटल एवं पेट्रोल पंपों में ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने को प्रोत्साहित किया जाएगा।
लेखक के बारे में
Jayesh Jetawatजयेश जेतावत एक अनुभवी, जुझारू एवं निष्पक्ष पत्रकार हैं। बीते 10 सालों से स्थानीय मुद्दों को कवर कर रहे हैं। राजनीतिक, सामाजिक और आपराधिक घटनाओं की रिपोर्टिंग एवं संपादन में महारत हासिल है। बिहार में पर्यटन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी गहरी पकड़ रखते हैं। तकनीकी रूप से निपुण जयेश, तथ्यों की बारीकी से जांच कर समयसीमा के भीतर पाठकों तक सटीक खबरें एवं शोध-परक विश्लेषण पहुंचाते हैं। जनसरोकार के मुद्दे उठाना, पेशेवर नैतिकता का पालन करना, समाज एवं मानव कल्याण के प्रति जिम्मेदारी, इन्हें और भी योग्य बनाती है। भाषा पर इनकी अच्छी पकड़ है। जटिल मुद्दों को पाठकों एवं दर्शकों तक आसान शब्दों में पहुंचाना इनकी खूबी है।
जयेश जेतावत मूलरूप से मेवाड़ क्षेत्र (राजस्थान) के रहने वाले हैं। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। इसके बाद ईटीवी भारत में बतौर प्रशिक्षु समाचार संपादक के रूप में काम शुरू किया। फिर इंडिया न्यूज के डिजिटल सेक्शन में विभिन्न बीट कवर की। इसके बाद, वे2न्यूज में बतौर टीम लीडर तीन राज्यों की कमान संभाली। साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े, तब से यहां बिहार की खबरों को कवर कर रहे हैं। जयेश ने टाइम्स ऑफ इंडिया, लाइव इंडिया न्यूज चैनल और सी-वोटर रिसर्च एजेंसी में इंटर्नशिप भी की। पटना से प्रकाशित मैगजीन राइजिंग मगध में समसामयिक विषयों पर इनके लेख छपते रहे हैं। समाचार लेखन के अलावा जयेश की साहित्यिक पठन एवं लेखन में रुचि है, सामाजिक मुद्दों पर कई लघु कथाएं लिख चुके हैं।


