आंखों में पढ़ाई का सपना और तैयारी मजदूर बनाने की, RPF ने 21 बच्चों को मानव तस्करों से बचाया
Bihar Latest News: बिहार के मोतिहारी स्टेशन पर RPF ने 4 से 16 साल के 21 आदिवासी बच्चों को रेस्क्यू कर एक मानव तस्कर को गिरफ्तार किया है। इन्हें पढ़ाई का झांसा देकर भागलपुर ले जाया जा रहा था।

Bihar Latest News: बिहार के पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) जिले से मानव तस्करी का एक बड़ा और बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। शहर के बापूधाम मोतिहारी रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 21 मासूम बच्चों और किशोरों को मानव तस्करों के चंगुल से सकुशल रेस्क्यू किया है। इन बच्चों को पढ़ाई और मेडिकल की तैयारी का झांसा देकर बहला-फुसलाकर ले जाया जा रहा था। इस गंभीर मामले में पुलिस ने मौके से ही एक शातिर मानव तस्कर को भी धर दबोचा है, जो इन सभी आदिवासी बच्चों को एक साथ भागलपुर ले जाने की फिराक में था।
संदिग्ध हालत में मिले 5 लड़कियां और 16 लड़के
आरपीएफ के पोस्ट कमांडर भरत प्रसाद ने इस पूरी कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि उन्हें मानव तस्करी और बाल मजदूरी को लेकर एक गुप्त सूचना मिली थी। इसी सूचना के आधार पर आरपीएफ की टीम शनिवार की शाम करीब 5:15 बजे बापूधाम मोतिहारी स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 02 पर पहुंची। वहां पुलिस ने एक संदिग्ध व्यक्ति के साथ 21 नाबालिग बालक-बालिकाओं को बैठे हुए देखा। रेस्क्यू किए गए सभी बच्चों की उम्र महज 4 साल से लेकर 16 साल के बीच है, जिनमें 5 लड़कियां और 16 लड़के शामिल हैं। ये सभी बच्चे आदिवासी समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। रेस्क्यू किए गए बच्चों से जब आरपीएफ ने पूछताछ की, तो उन्होंने बताया कि पिछले 4-5 महीने से अपने घर से लाकर मोतिहारी के चांदमारी स्थित एक हॉस्टल में रखे हुए था।
भागलपुर ले जाने का था मास्टरप्लान
पकड़े गए आरोपी की पहचान झारखंड के रांची जिले के महुआजाड़ी निवासी 51 वर्षीय फोन्सिस किस्पोटा के रूप में हुई है। पूछताछ में उसने बताया कि उसका प्लान बच्चों को अवध एक्सप्रेस से पहले मुजफ्फरपुर और फिर वहां से जनसेवा एक्सप्रेस के जरिए भागलपुर ले जाने का था। आरोपी के पास न तो बच्चों को साथ रखने या पढ़ाने का कोई आईडी प्रूफ था, न उनके माता-पिता का सहमति पत्र और न ही यात्रा का कोई टिकट। आरोपी द्वारा सही जवाब और सही दस्तावेज पेश न कर पाने पर आरपीएफ ने उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए आरोपी और सभी 21 बच्चों को राजकीय रेल थाना (GRP) बापूधाम मोतिहारी को सौंप दिया गया है। अब जीआरपी इस पूरे मानव तस्करी रैकेट की गहराई से जांच कर रही है ताकि इसके पीछे छिपे मास्टरमाइंड तक पहुंचा जा सके।


