हादसों का शॉटकटः हाईवे पर चलते समय यह ध्यान रखना जरूरी, इंजीनियरिंग डिफेक्ट भी जानलेवा
फोरलेन पर कई छोटे-बड़े हादसों में दर्जनों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। बीच हाईवे पर बने अवैध कटों से वाहन मोड़ने या सड़क पार करने के दौरान अक्सर दुर्घटनाएं होती हैं। रात के समय यह खतरा और बढ़ जाता है।

Road Accident: बिहार में हाईवे पर अवैध कट हादसों का सबब बन रहे हैं। इन कटों से गुजरने वाले वाहन चालकों की जरा सी चूक जानलेवा साबित हो रही है। पटना-बख्तियारपुर, पटना-गया-डोभी और बिहटा सरमेरा फोरलेन पर कई छोटे-बड़े हादसों में दर्जनों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। बीच हाईवे पर बने अवैध कटों से वाहन मोड़ने या सड़क पार करने के दौरान अक्सर दुर्घटनाएं होती हैं। रात के समय यह खतरा और बढ़ जाता है। हाईवे किनारे के कई जगहों पर लोगों ने सुविधा के लिए कट बना लिए हैं। कई जगह इंजीनियरिंग डिफेक्ट के चलते कट बन गए हैं। पटना के साथ-साथ राज्य के अन्य जिलों में भी यही स्थिति है।
मोकामा में कट से सड़क को पार कर रहे लोग
फोरलेन हाईवे पर इंजीनियरिंग डिफेक्ट ग्रामीणों के लिए मौत का शॉर्टकट बना दिया है। मोकामा बाइपास में ग्रामीण सड़क सीधे नेशनल हाईवे पर खुल रही है। मोकामा बाजार और घोसवरी प्रखंड के गोसाई गांव के दो मुख्य सड़क आमने-सामने है। लोग साइकिल, मोटरसाइिकल कार और ऑटो फोरलेन के आरपार आते-जाते रहते हैं। इसकी वजह से हर वक्त हादसे का डर बना रहता है। यहां न तो कोई स्पीड ब्रेकर, न रिफ्लेक्टर और चेतावनी बोर्ड भी नहीं लगा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नजदीक कोई यू टर्न या सर्विस रोड नहीं है। 2-3 किमी घूमकर जाने की मजबूरी के कारण ग्रामीण फोरलेन पर बने कट से आर पार होते है। नतीजा आए दिन यहां दुर्घटना होते रहती है। कई बार इसकी शिकायत की गई पर कार्रवाई नहीं हुई।
नौबतपुर कट बंद कराने के कई प्रयास असफल रहे
पटना-बख्तियारपुर फोरलेन पर कुछ जगह ग्रामीणों ने तो कुछ जगह सड़क निर्माण कंपनी ने कट बनाए लिए। विक्रमपुर गांव के पास बाइक सवारों ने अपनी सुविधा के लिए सीधे डिवाइडर को काट कर रास्ता बना लिया है। इसका इस्तेमाल वे बेधड़क सड़क पार करने में कर रहे हैं। इससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। विक्रमपुर से फोरलेन पर चढ़कर पटना की ओर जाने वाले कभी भी विपरित दिशा से आ रहे वाहन की चपेट में आ सकते हैं। कमोबेश यही स्थिति आरओबी फोरलेन के पास की है। हालांकि, कुछ दिनों पहले तक बख्तियारपुर फोरलेन पर दर्जनभर अवैध कट थे। इनमें से ज्यादातर को बंद किया जा चुका है। अवैध कट के कारण यहां एक माह में पांच-छह हादसे हो रहे थे। हालांकि, कई अवैध कट बंद होने से हादसों में कमी आ गई है।
कई जगह गलत दिशा से चलती हैं गाड़ियां
बिहटा-सरमेरा पर ही चेचौल गांव के समीप लोगों ने सड़क पार करने के लिए अवैध कट बना दिया है। चेचौल की ग्रामीण सड़क आसपास के करीब 20 गांवों को एनएच-131जी से जोड़ती है। कट बंद होने पर लोगों को करीब तीन किलोमीटर दूर जाकर यू-टर्न लेना पड़ता है, जबकि कई लोग मजबूरी में 500 मीटर तक रॉन्ग साइड से वाहन चलाते हैं। ग्रामीण वर्षों से यहां ओवरब्रिज निर्माण की मांग कर रहे हैं। एनएचएआई के प्रशासन प्रबंधक विजय शंकर सिंह ने बताया कि यहां अंडरपास का प्रस्ताव था, लेकिन ग्रामीणों के विरोध के कारण निर्माण नहीं हो सका। पुलिस की मदद से अवैध कट बंद कराने के प्रयास भी अब तक सफल नहीं हुए।
लेखक के बारे में
Sudhir Kumarटीवी, प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में लगभग 18 साल का अनुभव रखने वाले सुधीर कुमार लाइव हिन्दुस्तान में अगस्त 2021 से बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर/को-ऑर्डिनेटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में हिन्दुस्तान दैनिक से इंटर्न के रूप में करियर की शुरुआत की। सुधीर ने लंबे समय तक ईटीवी/न्यूज18 में रिपोर्टर के रूप में बिहार और झारखंड में काम किया। दोनों राज्यों की राजनीति के साथ क्राइम, भूगोल और कल्चर की समझ रखते हैं। झारखंड में नक्सली वारदातों की कवरेज के साथ बिहार के चर्चित बालिकागृह कांड की पहली टीवी रिपोर्टिग कर गुनाहगारों का चेहरा उजागर किया। सुधीर ने स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के मुद्दों को कवर किया है और ह्यूमैन रिलेशन्स पर भी लिखते हैं। साइंस बैकग्राउंड के विद्यार्थी सुधीर कुमार ने इंदिरा गांधी नैशनल ओपन यूनिवर्सिटी से पीजी डिप्लोमा किया है। डिजिटल कंटेंट क्रिएशन में खास रूचि रखते।
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