
अनंत सिंह को मैंने पीटकर भगाया था; आनंद मोहन के बेटे चेतन को छोड़ कई कैंडिडेट पर भड़के आरके सिंह
भाजपा के बागी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री आरके सिंह ने सम्राट चौधरी, अनंत सिंह समेत 8 कैंडिडेट के परिवार का नाम लेकर कहा है कि इनको वोट देने से अच्छा चुल्लू भर पानी में डूब मरना होगा। आनंद मोहन के बेटे का नाम नहीं लेने पर सवाल उठा है।
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के बागी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री राज कुमार सिंह उर्फ आरके सिंह ने बिहार विधानसभा चुनाव लड़ रहे भाजपा नेता और डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, बाहुबली नेता अनंत सिंह, ओसामा शहाब, भगवान सिंह कुशवाहा समेत 8 उम्मीदवारों का नाम लेकर यह कहा है कि इन लोगों को वोट देने से अच्छा है चुल्लू भर पानी में डूब मरना। आरा से लगातार दो बार सांसद रहे आरके सिंह ने आपराधिक और भ्रष्ट छवि के नेताओं को वोट नहीं देने की अपील की और कहा कि सारे उम्मीदवार ऐसे ही हों तो अपना वोट नोटा को दे दीजिए। आरके सिंह की लिस्ट में डीएम जी कृष्णैया हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काटकर निकले आनंद मोहन के बेटे चेतन आनंद का जिक्र नहीं होने पर सवाल उठाया जा रहा है।

आरके सिंह ने अपनी अपील में कहा कि किसी भी अपराधिक पृष्ट्भूमि वाले अथवा भ्रष्ट व्यक्ति को वोट ना दे, भले ही वो आपके जाति का ही क्यों ना हो। उदाहरण के तौर पर उन्होंने मोकामा से चुनाव लड़ रहे जेडीयू के कैंडिडेट अनंत सिंह का नाम सबसे पहले लिया है। उन्होंने कहा कि 1985 में जब वह पटना के डीएम थे, तब उन्होंने उपद्रव कर रहे अनंत सिंह को पीटकर भगाया था। आरके सिंह ने अनंत सिंह से लड़ रहीं आरजेडी कैंडिडेट वीणा देवी के पति सूरजभान सिंह का जिक्र किया है और कहा कि उनके समय बिहार के नंबर वन डॉन सूरजभान खुद नहीं लड़ सकते तो पत्नी के माध्यम से खड़े हैं।
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आरके सिंह ने इसी तरह नवादा में जेडीयू कैंडिडेट विभा देवी के पति राजबल्लभ यादव की भी चर्चा की है जो पॉक्सो केस के आरोपी हैं। सीवान की रघुनाथपुर सीट से लड़ रहे शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शहाब, भोजपुर की जगदीशपुर सीट से लड़ रहे भगवान सिंह कुशवाहा, संदेश से जेडीयू कैंडिडेट राधा चरण साह और आरजेडी कैंडिडेट दीपू यादव का जिक्र करते हुए सिंह ने उनके या उनके पिता के ऊपर क्रिमिनल केस की याद दिलाई है। आरके सिंह ने सम्राट चौधरी को भी इस लिस्ट में रखा है और उम्र का फर्जी सर्टिफिकेट लगाकर हत्या के केस में बाहर आने का आरोप लगाया है।
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आरके सिंह ने कहा कि अपराधी और भ्रष्ट नेता जनता का खून चूस रहे हैं, उन्हें भगाकर ही हम बिहार को रौशन कर सकते हैं। आठ कैंडिडेट और उनके परिवार की आपराधिक पृष्ठभूमि की चर्चा में आरके सिंह द्वारा आनंद मोहन और नबीनगर से चुनाव लड़ रहे उनके बेटे चेतन आनंद की चर्चा नहीं होने पर सोशल मीडिया पर लोग सवाल उठा रहे हैं। बिहार में लड़ तो बहुत ज्यादा आपराधिक और दागदार छवि के नेता या उनके रिश्तेदार हैं लेकिन आरके सिंह ने उदाहरण के तौर पर 8 नाम ही लिए हैं। रामनिवास नाम के एक आदमी ने आरके सिंह से पूछा है- “आप भी आईएएस रहे हैं। मर्यादा का तकाजा कहता है की IAS की हत्या में लिप्त आनंद मोहन की पत्नी और उनके बेटे के बारे में भी लिखते। यादव, भूमिहार, कुशवाहा पर तंज, लेकिन अपना जाति वाला ठीक? कैसे चलेगा?”





