यादव लोग.., RJD सांसद सुरेन्द्र यादव देने लगे गालियां; वीडियो वायरल हुआ तो JDU ने घेरा
इसके बाद सुरेंद्र यादव ने कहा कि यहां से सिर्फ 15 हजार वोट उसको दिया। हम क्या करेंगे। इसके बाद उन्होंने कुछ नाम लिए और जमकर गालियां दीं। यादव जाति का वोट नहीं मिलने पर भी वो नाराज नजर आए और गाली देते नजर आए।

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सांसद सुरेंद्र प्रसाद यादव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। इस वायरल वीडियो में जहानाबाद से राजद सांसद सुरेंद्र यादव को गालियां देते सुना जा सकता है। हालांकि, लाइव हिन्दुस्तान डॉट कॉम इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। वायरल वीडियो में सुरेंद्र यादव यादव जाति के अलावा अन्य लोगों को भी गालियां दे रहे हैं। राजद सांसद का वीडियो वायरल होने पर जदयू ने निशाना साधा है।
दरअसल विधानसभा चुनाव में आरजेडी की करार हार से संबंधित सवाल पूछे जाने पर सांसद के मन का उबाल बाहर निकल आया। सांसद ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। कुछ मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सांसद जहानाबाद में मौजूद थे और यहां जनता ने उनसे विधानसभा क्षेत्र के विकास को लेकर सवाल पूछा था। इसके बाद सुरेंद्र यादव ने कहा कि यहां से सिर्फ 15 हजार वोट उसको दिया। हम क्या करेंगे। इसके बाद उन्होंने कुछ नाम लिए और जमकर गालियां दीं। यादव जाति का वोट नहीं मिलने पर भी वो नाराज नजर आए और गाली देते नजर आए।
RJD के गालीबाज सांसद पर जनता दल (यूनाइटेड) की भी प्रतिक्रिया आई है। जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि जाड़ा में दिमाग का सिकुड़न हो गया होगा। उनके इस बयान से इस बात की पुष्टि हो गई है कि राजद के नेता तेजस्वी यादव जो अपने तथाकथित एमवाई वोट समीकरण की बात करते थे वो एमवाई भी लापता हो गया है। ये बेचैनी इस बात को बताता है कि राष्ट्रीय जनता दल का जनाधार लगातार टूट रहा है।
बीजेपी के प्रवक्ता अरविंद सिंह ने इसपर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सांसद महोदय ने अपने शिष्टाचार का परिचय दिया है। राजद की यहीं पहचान और शिष्टाचार है। इन लोगों का लक्षण यही है। ये जिस समाज का वोट लेते हैं उसी को गाली देते हैं। ये समाजवादी के नाम पर परिवारवादी लोग हैं। ये पूरे बिहार में साजिशन फ्रॉड करने वाले लोग हैं। अपराध और अपशब्द ही इनका श्रृंगार है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि जो सवाल समाज में उठ रहा है वो लाजिमी है। किसी भी जनप्रतिनिधि को अपने पद और गरिमा का ख्याल रखना चाहिए। कांग्रेस पार्टी इस भाषा का समर्थन नहीं करती है।





