बिहार विधानसभा के बजट सत्र में खत्म होगा आरजेडी, कांग्रेस और RLM में टूट का सस्पेंस?

Jan 17, 2026 08:50 am ISTJayesh Jetawat लाइव हिन्दुस्तान, पटना
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बिहार में आरजेडी, कांग्रेस और आरएलएम के विधायकों में टूट एवं खटपट के दावों-अटकलों पर संशय बना हुआ है। बिहार विधानसभा के आगामी बजट सत्र में इस सस्पेंस से पर्दा उठने की संभावना जताई जा रही है।

बिहार विधानसभा के बजट सत्र में खत्म होगा आरजेडी, कांग्रेस और RLM में टूट का सस्पेंस?

बिहार विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत 2 फरवरी से होने जा रही है। यह सत्र कई मायनों में रोचक रहने वाला है। नीतीश कुमार के नेतृत्व में गठित एनडीए की नई सरकार का सदन में 3 फरवरी को पहला बजट पेश करेगी। सदन की कार्यवाही के दौरान विधायकों के सीटिंग अरेंजमेंट पर भी सबकी निगाहें रहेंगी। दरअसल, लालू एवं तेजस्वी यादव के राष्ट्रीय जनता दल (RJD), कांग्रेस और उपेंद्र कुशवाहा के राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) में टूट के दावे और अटकलबाजी चर्चा का विषय बनी हुई है। अब इन दावों से सस्पेंस बजट सत्र में खत्म होने के आसार नजर आ रहे हैं।

बिहार चुनाव में प्रचंड जीत और नई सरकार के गठन के कुछ दिनों बाद से ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल यूनाइटेड (JDU) के नेताओं की ओर से विपक्ष में टूट के दावे किए जाने लगे। विधानसभा में 25 सदस्यों वाली आरजेडी और 6 सदस्यों वाली कांग्रेस के अधिकतर विधायकों के एनडीए के संपर्क में होने और खरमास के बाद पाला बदलने के दावे किए जा रहे हैं। इससे सियासी पारा गर्माया हुआ है। हालांकि, विपक्ष की ओर से इस बात को लगातार खारिज किया जा रहा है।

कांग्रेस विधायकों की पार्टी के भोज से दूरी

बीते सोमवार को पटना स्थित कांग्रेस प्रदेश कार्यालय में दही-चूड़ा भोज का आयोजन किया गया। इसमें पार्टी के कोई भी विधायक नहीं पहुंचे। इससे विपक्ष में टूट के दावों को और बल मिल गया। प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कांग्रेस में सब कुछ ऑल इज वेल होने का दावा किया। मगर विधायकों की गैरमौजूदगी सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बनी रहीं।

RLM में खटपट, भाजपा से नजदीकी बढ़ा रहे कुशवाहा के विधायक

एनडीए में शामिल उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी आरएलएम में भी खटपट चल रही है। बिहार चुनाव में RLM के 4 विधायक जीतकर विधानसभा पहुंचे। इनमें से कुशवाहा की पत्नी स्नेहलता को छोड़ अन्य 3 विधायक शीर्ष नेतृत्व से नाराज बताए जा रहे हैं। उनकी भाजपा से नजदीकी भी चर्चा का विषय बनी हुई है।

दरअसल, उपेंद्र कुशवाहा ने अपने बेटे दीपक प्रकाश को नीतीश कैबिनेट में मंत्री बनाया, जो किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं। इससे पार्टी में नाराजगी बढ़ गई और कई पदाधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया था। इसी वजह से पार्टी के 3 विधायक एकजुटता दिखा रहे हैं।

पिछले दिनों तीनों विधायक (माधव आनंद, रामेश्वर महतो और आलोक कुमार सिंह) ने उन्होंने कुशवाहा की लिट्टी पार्टी से दूरी बनाए रखी। हाल ही में वे भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन के दही-चूड़ा भोज में दिखे। इससे कुशवाहा की पार्टी में बिखराव की अटकलें लगाई जा रही हैं।

बजट सत्र में खत्म होगा सस्पेंस?

खरमास खत्म हो गया है लेकिन विभिन्न दलों में टूट और खटपट के दावों पर फिलहाल संशय बना हुआ है। कयास लगाए जा रहे हैं कि अगले महीने होने वाले बिहार विधानसभा के बजट सत्र में यह सस्पेंस खत्म हो जाएगा। सदन के अंदर आरजेडी-कांग्रेस के विधायक विपक्ष के खेमे में ही बैठेंगे या नहीं, साथ ही आरएलएम के विधायकों का सीटिंग अरेंजमेंट कैसा होगा, यह 2 फरवरी को सत्र के पहले दिन स्पष्ट हो जाएगा।

Jayesh Jetawat

लेखक के बारे में

Jayesh Jetawat

जयेश जेतावत बिहार में राजनीतिक, सामाजिक और आपराधिक घटनाओं पर गहराई से नजर रखते हैं। बीते 10 सालों से स्थानीय मुद्दों को कवर कर रहे हैं। बिहार में पर्यटन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर के मुद्दे पर भी गहरी पकड़ रखते हैं। जयेश मूलरूप से मेवाड़ क्षेत्र (राजस्थान) के रहने वाले हैं और लाइव हिन्दुस्तान में 4 साल से बिहार टीम का हिस्सा हैं। इससे पहले ईटीवी भारत, इंडिया न्यूज, वे2न्यूज और टाइम्स ऑफ इंडिया में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। समाचार लेखन के अलावा साहित्यिक पठन-लेखन में रुचि है।

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