
बिहार चुनाव: नेता किसी दल के, टिकट कहीं और ले लिया; राजद, कांग्रेस और भाजपा में हो रहा गजब खेल
Bihar Election: इसी तरह ऋषि मिश्रा फिलहाल राजद में हैं और पार्टी प्रवक्ता हैं। दरभंगा की जाले सीट से पार्टी के प्रत्याशी थे। समझौता में यह सीट कांग्रेस के खाते में चले जाने के कारण ऋषि को भी कांग्रेस उम्मीदवार बनना पड़ा।
इस बार बिहार विधानसभा चुनाव में कई अजीबो गरीब कार्य हुए। कई नेताओं ने ऐसे दलों से टिकट ले लिये जिसके वे उस दिन तक सदस्य भी नहीं थे। नेता किसी दल के और टिकट कहीं और से ले लिया। ऐसी स्थिति तकरीबन सारे बड़े राजनीतिक दलों के साथ हुआ है। इसमें वैसे नेता भी शामिल हैं जिन्होंने विधिवत एक दल छोड़कर दूसरे दल की सदस्यता ली है। हालांकि, ऐसे भी नेता हैं जो एक दल छोड़ा और दूसरे दल में आए तो लेकिन उसकी सदस्यता नहीं ली पर, टिकट किसी तीसरे दल की ले ली।

इसमें बड़ी संख्या विधायकों की भी है। पिछले दिनों कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए चेनारी के विधायक मुरारी गौतम को टिकट एनडीए के किसी और दल से मिला। उन्हें लोजपा (आर) से चुनाव लड़ने को उतारा गया है। अबतक वे लोजपा (आर) में थे ही नहीं, लेकिन चेनारी सीट लोजपा (आर) को चली गयी। लिहाजा, गौतम भाजपा की जगह लोजपा उम्मीदवार हो गए।
इसी तरह ऋषि मिश्रा फिलहाल राजद में हैं और पार्टी प्रवक्ता हैं। दरभंगा की जाले सीट से पार्टी के प्रत्याशी थे। समझौता में यह सीट कांग्रेस के खाते में चले जाने के कारण ऋषि को भी कांग्रेस उम्मीदवार बनना पड़ा। उधर, राजद के केदार सिंह पिछले दिनों जदयू में आए। वे बनियापुर विधानसभा सीट से पार्टी के उम्मीदवार थे, लेकिन बनियापुर सीट भाजपा कोटे में चली गयी। इसी तरह भाजपा की आशा सिन्हा को जनसुराज ने दानापुर से टिकट सौंपा। हालांकि वे तय समय में नामांकन नहीं कर सकीं।
जदयू में रहते केदार सिंह को भाजपा ने टिकट थमाया
केदार सिंह को भाजपा ने टिकट थमा दिया। वे जदयू नेता रहते भाजपा के उम्मीदवार बन गए। भाजपा की पूर्व विधायक बेबी कुमार बोचहां से पार्टी की संभावित प्रत्याशी थी। लेकिन उनको भी लोजपा (आर) ने बोचहां से अपना उम्मीदवार बनाया है। बोचहां सीट लोजपा (आर) के कोटे में चली गयी थी। आलमनगर विधानसभा सीट से राजद के नवीन निषाद अब वीआईपी के उम्मीदवार हैं। यह सीट समझौता के तहत वीआईपी के कोटे में चली गयी थी। इसलिए वीआईपी ने उन्हें ही अपना टिकट दे दिया।





