रितु जायसवाल भाजपा में जाएंगी? आरजेडी से निकाले जाने पर कहा था- नई पार्टी बनाऊंगी
लालू-तेजस्वी यादव से बगावत कर विधानसभा चुनाव लड़ने वालीं रितु जायसवाल को आरजेडी ने निष्कासित कर दिया था। इसके बाद रितु ने नई राजनीतिक पार्टी बनाने का ऐलान किया था। अब वह भाजपा में शामिल होने जा रही हैं।

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) से निकाले जाने के बाद रितु जायसवाल अब भारतीय जनता पार्टी का रुख करने वाली हैं। उन्होंने भाजपा में जाने का मन बना लिया है। जल्द ही वह पार्टी की सदस्यता ले सकती हैं। रितु जायसवाल एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं और आरजेडी से विधानसभा एवं लोकसभा के चुनाव लड़ चुकी हैं। पिछले बिहार चुनाव में सीतामढ़ी जिले की परिहार सीट से टिकट नहीं मिलने पर उन्होंने आरजेडी से बगावत कर दी थी और निर्दलीय लड़कर लालू एवं तेजस्वी यादव की पार्टी को हरवा दिया था। फिर आरजेडी ने उन्हें निष्कासित कर दिया था। इसके बाद रितु ने युवाओं और महिलाओं पर केंद्रित नई पार्टी बनाने का ऐलान किया था।
रितु जायसवाल के करीबी सूत्रों के अनुसार वह अगले सप्ताह तक भाजपा की सदस्यता ग्रहण करेंगी। आरजेडी में वह लंबे समय तक अलग-अलग पदों पर रहीं। इससे पहले वह नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (JDU) में भी रह चुकी हैं।
बिहार के राजनीतिक गलियारे में रितु जायसवाल एक चर्चित नाम है। एक समय वह आरजेडी का मुखर चेहरा रहीं। लालू-तेजस्वी ने उन्हें पार्टी का महिला प्रदेश अध्यक्ष बनाया था। साल 2021 से 2023 तक वह लालू-तेजस्वी की पार्टी की प्रवक्ता भी रहीं।
आरजेडी से दो बार चुनाव लड़ीं, दोनों कम मार्जिन से हारीं
2020 के विधानसभा चुनाव में रितु को आरजेडी ने सीतामढ़ी की परिहार सीट से उतारा था। हालांकि, भाजपा की गायत्री यादव ने उन्हें बहुत कम मार्जिन (1569 वोट) से हरा दिया था। इसके बाद 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्हें पार्टी ने शिवहर से मैदान में उतारा था। हालांकि, उस चुनाव में भी जेडीयू में भी उन्हें मामूली अंतर से हार मिली। जेडीयू की लवली आनंद ने रितु को 29 हजार वोटों से हराया था। रितु को 4.47 लाख वोट मिले थे।
टिकट नहीं मिलने पर बगावत
2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में रितु जायसवाल ने परिहार सीट से दोबारा चुनाव लड़ने की तैयारी कर ली। हालांकि, आरजेडी ने स्मिता गुप्ता को प्रत्याशी बना दिया। इससे रितु जायसवाल भड़क गईं और बगावत कर निर्दलीय मैदान में उतर गईं। नतीजा यह रहा कि भाजपा की गायत्री देवी को जीत मिल गई। रितु 65 हजार वोट पाकर दूसरे स्थान पर रहीं। जबकि आरजेडी कैंडिडेट को करारी हार का सामना करना पड़ा।
नई पार्टी बनाने का किया था ऐलान
रितु के बागी होने के बाद आरजेडी ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें 5 साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया था। इसके बाद रितु जायसवाल ने सोशल मीडिया पोस्ट कर नई राजनीतिक पार्टी बनाने का ऐलान किया था।
उन्होंने कहा था कि वह एक ऐसी पार्टी बनाना चाहती हैं, जहां महिलाओं को उचित प्रतिनिधित्व मिले, युवाओं को आगे बढ़ने का मौका मिले, परिवारवाद के लिए कोई जगह ना हो और टिकट की खरीद-फरोख्त नहीं होती हो। हालांकि, रितु ने अब नई पार्टी बनाने का विचार छोड़ दिया है और भाजपा से अपनी नई राजनीतिक पारी शुरू करने जा रही हैं।
मुखिया रहते जीता राष्ट्रीय पुरस्कार
48 साल की रितु जायसवाल का जन्म हाजीपुर में हुआ था। वैशाली महिला कॉलेज से ग्रेजुएट हैं। रितु जायसवाल ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत पंचायत चुनाव से की थी। वह सीतामढ़ी जिले की सिंहवाहिनी पंचायत की मुखिया रह चुकी हैं। इस पद पर रहते हुए उन्होंने अपनी पंचायत में बुनियादी सुविधाओं और महिला उत्थान के क्षेत्र में कई बदलाव लाए। इस उपलब्धि पर उन्हें राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
पति ने छोड़ी आईएएस की नौकरी, दे रहे मुफ्त कोचिंग
रितु जायसवाल के पति अरुण कुमार 1994 बैच के आईएएस अधिकारी रह चुके हैं। उन्होंने समाजसेवा करने के लिए आईएएस की नौकरी छोड़ दी थी। अरुण ने पटना में गरीब वर्ग के युवक-युवतियों को यूपीएससी की मुफ्त कोचिंग पढ़ाना शुरू किया। रितु जायसवाल भी समाजसेवा के क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहती हैं।
टीआरई 4 लाठीचार्ज को शर्मनाक बताया
पिछले दिनों पटना में बीपीएससी टीआरई 4 शिक्षक भर्ती का नोटिफिकेशन जारी करने की मांग को लेकर हजारों बेरोजगार युवाओं ने प्रदर्शन किया था। युवाओं के इस मार्च पर पटना पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया था। रितु जायसवाल ने इसे शर्मनाक बताया और लाठीचार्ज की निंदा की थी।
लेखक के बारे में
Jayesh Jetawatजयेश जेतावत एक अनुभवी, जुझारू एवं निष्पक्ष पत्रकार हैं। बीते 10 सालों से स्थानीय मुद्दों को कवर कर रहे हैं। राजनीतिक, सामाजिक और आपराधिक घटनाओं की रिपोर्टिंग एवं संपादन में महारत हासिल है। बिहार में पर्यटन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी गहरी पकड़ रखते हैं। तकनीकी रूप से निपुण जयेश, तथ्यों की बारीकी से जांच कर समयसीमा के भीतर पाठकों तक सटीक खबरें एवं शोध-परक विश्लेषण पहुंचाते हैं। जनसरोकार के मुद्दे उठाना, पेशेवर नैतिकता का पालन करना, समाज एवं मानव कल्याण के प्रति जिम्मेदारी, इन्हें और भी योग्य बनाती है। भाषा पर इनकी अच्छी पकड़ है। जटिल मुद्दों को पाठकों एवं दर्शकों तक आसान शब्दों में पहुंचाना इनकी खूबी है।
जयेश जेतावत मूलरूप से मेवाड़ क्षेत्र (राजस्थान) के रहने वाले हैं। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। इसके बाद ईटीवी भारत में बतौर प्रशिक्षु समाचार संपादक के रूप में काम शुरू किया। फिर इंडिया न्यूज के डिजिटल सेक्शन में विभिन्न बीट कवर की। इसके बाद, वे2न्यूज में बतौर टीम लीडर तीन राज्यों की कमान संभाली। साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े, तब से यहां बिहार की खबरों को कवर कर रहे हैं। जयेश ने टाइम्स ऑफ इंडिया, लाइव इंडिया न्यूज चैनल और सी-वोटर रिसर्च एजेंसी में इंटर्नशिप भी की। पटना से प्रकाशित मैगजीन राइजिंग मगध में समसामयिक विषयों पर इनके लेख छपते रहे हैं। समाचार लेखन के अलावा जयेश की साहित्यिक पठन एवं लेखन में रुचि है, सामाजिक मुद्दों पर कई लघु कथाएं लिख चुके हैं।


