अभी भाजपा के गेट बंद, खुल जाए तो विपक्ष का नामलेवा नहीं रहेगा; रितु जायसवाल के बीजेपी आने पर बोले संजय सरावगी
आरजेडी से निष्कासित रितु जायसवाल के भाजपा में शामिल होने के बाद पार्टी प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि अभी बीजेपी के गेट बंद हैं। अगर खुल जाए तो विपक्ष का नामलेवा नहीं बचेगा।

बिहार में भारतीय जनता पार्टी (BJP के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने बड़ा बयान दिया है। पूर्व आरजेडी नेत्री रितु जायसवाल के भाजपा में शामिल होने के बाद सरावगी ने कहा कि अभी बीजेपी का गेट बंद है। अगर दरवाजा खुल जाए तो विपक्ष का नामलेवा नहीं रहेगा। बिहार के सीतामढ़ी जिले की परिहार सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ चुकीं रितु जायसवाल ने मंगलवार को भाजपा का दामन थाम लिया। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने रितु को पटना में पार्टी की सदस्यता दिलाई।
भाजपा ज्वॉइन करने के बाद रितु जायसवाल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जब उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा था, तो उन्हें दोनों ही धारा के लोगों से जुड़ने का मौका मिला था। धारा कोई भी हो, किसी भी धारा के लोग हो, उन्हें मुख्य धारा में लाना ही सबसे ज्यादा जरूरी है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को भी मुख्य धारा से जोड़ना चाहते हैं। वह भी यही चाहती हैं, इसलिए भाजपा से जुड़ी हैं। पीएम मोदी की तारीफ करते हुए रितु ने कहा कि उनकी योजनाएं सहूलियत से जनता तक पहुंच रही है। पैसा सीधे लोगों के खाते में आ रहा है।
बागी होने पर आरजेडी से निष्कासित
भाजपा में आने से पहले रितु जायसवाल को लालू एवं तेजस्वी यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) से निष्कासित कर दिया गया था। इसके बाद उन्होंने नई पार्टी बनाने का ऐलान भी किया था। मगर अब वह भाजपा से जुड़ गईं।
पिछले बिहार विधानसभा चुनाव में रितु जायसवाल ने परिहार सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी कर दी थी। मगर तेजस्वी यादव ने उन्हें टिकट नहीं दिया। इसके बाद रितु जायसवाल बागी हो गईं और परिहार सीट से निर्दलीय लड़कर दूसरे नंबर पर रहीं और आरजेडी को यहां करारी हार का सामना करना पड़ा। 2020 के विधानसभा चुनाव में भी रितु ने आरजेडी के टिकट पर परिहार से चुनाव लड़ा था और 1569 वोटों से हार का सामना करना पड़ा था।
रितु जायसवाल आरजेडी में प्रवक्ता और महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष जैसे अहम पदों पर रह चुकी हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में आरजेडी ने उन्हें शिवहर सीट से लड़ाया था, हालांकि उन्हें जेडीयू की लवली आनंद के सामने 29 हजार वोटों से हार मिली थी।
पिछले कुछ दिनों से रितु जायसवाल के भाजपा में शामिल होने की अटकलें चल रही थीं। रितु की उम्र 48 साल है। उनका जन्म हाजीपुर में हुआ था। पंचायत चुनाव से उन्होंने राजनीति में कदम रखा था। वह सीतामढ़ी जिले की सिंहवाहिनी पंचायत की मुखिया भी रह चुकी हैं। बतौर मुखिया बेहतरीन काम करने के लिए उन्हें राष्ट्रपति के हाथों सम्मानित किया गया था।
रितु लंबे समय से सामाजिक कार्यों से जुड़ी हुई हैं। उनके पति अरुण कुमार 1994 बैच के आईएएस अधिकारी रह चुके हैं। अरुण ने आईएएस की नौकरी छोड़कर गरीब विद्यार्थियों को यूपीएससी की मुफ्त कोचिंग देना शुरू किया था।
(हिन्दुस्तान ब्यूरो के इनपुट के साथ)
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Jayesh Jetawatजयेश जेतावत एक अनुभवी, जुझारू एवं निष्पक्ष पत्रकार हैं। बीते 10 सालों से स्थानीय मुद्दों को कवर कर रहे हैं। राजनीतिक, सामाजिक और आपराधिक घटनाओं की रिपोर्टिंग एवं संपादन में महारत हासिल है। बिहार में पर्यटन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी गहरी पकड़ रखते हैं। तकनीकी रूप से निपुण जयेश, तथ्यों की बारीकी से जांच कर समयसीमा के भीतर पाठकों तक सटीक खबरें एवं शोध-परक विश्लेषण पहुंचाते हैं। जनसरोकार के मुद्दे उठाना, पेशेवर नैतिकता का पालन करना, समाज एवं मानव कल्याण के प्रति जिम्मेदारी, इन्हें और भी योग्य बनाती है। भाषा पर इनकी अच्छी पकड़ है। जटिल मुद्दों को पाठकों एवं दर्शकों तक आसान शब्दों में पहुंचाना इनकी खूबी है।
जयेश जेतावत मूलरूप से मेवाड़ क्षेत्र (राजस्थान) के रहने वाले हैं। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। इसके बाद ईटीवी भारत में बतौर प्रशिक्षु समाचार संपादक के रूप में काम शुरू किया। फिर इंडिया न्यूज के डिजिटल सेक्शन में विभिन्न बीट कवर की। इसके बाद, वे2न्यूज में बतौर टीम लीडर तीन राज्यों की कमान संभाली। साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े, तब से यहां बिहार की खबरों को कवर कर रहे हैं। जयेश ने टाइम्स ऑफ इंडिया, लाइव इंडिया न्यूज चैनल और सी-वोटर रिसर्च एजेंसी में इंटर्नशिप भी की। पटना से प्रकाशित मैगजीन राइजिंग मगध में समसामयिक विषयों पर इनके लेख छपते रहे हैं। समाचार लेखन के अलावा जयेश की साहित्यिक पठन एवं लेखन में रुचि है, सामाजिक मुद्दों पर कई लघु कथाएं लिख चुके हैं।


