एनडीए की बंपर जीत का इनाम; मगध से नितिन राष्ट्रीय अध्यक्ष-इन-वेटिंग, मिथिला से संजय प्रदेश अध्यक्ष
बिहार बीजेपी के दो बड़े नेताओं को पार्टी आलाकमान ने बड़ी जिम्मेदारी दी है। मगध से आने से वाले नितिन नवीन को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया है, तो वहीं मिथिला के संजय सरावगी को प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। बिहार चुनाव में मगध और मिथिला में एनडीए की बंपर जीत का इनाम बताया जा रहा है।

बिहार चुनाव में एनडीए की बंपर जीत के बाद बीजेपी आला कमान ने दो बड़े फैसले लिए है। पहला बांकीपुर विधानसभा से 5 बार के विधायक नितिन नवीन को भाजपा का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है। वहीं संजय सरावगी को बिहार भाजपा का अध्यक्ष बनाया है। सरावगी दरभंगा से लगातार 6 बार विधायक बने हैं। नितिन नवीन मगध क्षेत्र से आते हैं, तो वहीं सरावगी की मिथिला में अच्छी पैठ मानी जाती है। बिहार चुनाव में मगध और मिथिला से जो चुनावी नतीजे आए, वो एनडीए के लिए बड़ी उपलब्धि से कम नहीं हैं। और अब उसी का इनाम दोनों नेताओं को दिया गया है।
बात अगर मगध क्षेत्र की करें तो विधानसभा की 47 सीटों में सिर्फ 7 सीटें महागठबंधन के खाते में गईं। वहीं 42 सीटें एनडीए को मिली। जो एनडीए की प्रचंड जीत में अहम कड़ी साबित हुई। पटना की 14 में 11 सीटें जीती, गया की 10 में 9 सीटें NDA जीता, नालंदा की सातों सीटों पर बीजेपी ने कब्जा किया। नवादा की 5 में से 4 सीटें जीतीं। औरंगाबाद की 6 में 5, जहानाबाद की 3 में एक सीट एनडीए जीती। अरवल की दो सीटों पर भी बीजेपी और जेडीयू की जीत हुई।
वहीं अगर बात मिथिला की करें तो इस क्षेत्र की 37 सीटों में 31 सीटें एनडीए जीतने में सफल रही। दरभंगा की सभी 10 सीटों पर राजग की जीत हुई। मधुबनी की 10 में 9 सीट एनडीए के खाते में गईं। समस्तीपुर की भी 10 सीटों में 7 बीजेपी-जेडीयू गठबंधन जीतने में सफल रहा। बेगूसराय की 7 में 5 सीटें NDA की झोली में गईं। इस तरह 31 सीटें मिथिली क्षेत्र से एनडीए जीतने में सफल रहा।
मगध और मिथिला से आने वाले नितिन नवीन को बीजेपी का वर्किंग प्रेसीडेंट बनाया गया है, वहीं संजय सरावगी को बिहार की कमान सौंपी गई है। जिसे मगध-मिथिला में बीजेपी के अच्छे प्रदर्शन के इनाम के तौर पर देखा जा रहा है।


