
इलाज होता है तो दवा कड़वी लगती है, CO-RO हड़ताल पर मंत्री विजय सिन्हा ने टाइट कर दिया
सभी अंचलाधिकारी और आरओ को निर्देश दिया गया है कि वे गाड़ी विभाग को वापस कर दें। सरकारी डोंगल और राजस्व अभिलेख भी राजस्व कर्मचारी को सौंपने का आदेश दिया गया है।
बिहार के सभी अंचलाधिकारी और राजस्व पदाधिकारियों ने भूमि सुधार एवं राजस्व विभाग के एक फैसले के खिलाफ हड़ताल कर दिया है। राज्य के सभी अंचलों में काम काज ठप हो गया है क्योंकि राजस्व सेवा संघ के बैनर तले अधिकारी पटना में प्रदर्शन कर रहे हैं। इस पर राजस्व विभाग सख्त हो गया है। विभाग के प्रधान सचिव ने सभी अधिकारियों को गाड़ी, डोंगल और अभिलेख कक्ष की चाभी वापस करने का फरमान जारी कर दिया है। इसके साथ साथ अंचलों के वरीयतम राजस्व कर्मचारी को प्रभारी अंचलाधिकारी का जिम्मा सौंप दिया है। हड़ताल अवधि में काम नहीं तो वेतन नहीं का आदेश जारी हो गया है। विभागीय मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने भी उनके हड़ताल पर कड़ा ऐक्शन का ऐलान कर दिया है।
विभाग को दुरुस्त करने और समस्याओं के त्वरित समाधान करने के लिए अनुमंडलीय राजस्व पदाधिकारी पद सृजन पर सरकार विचार कर रही है। भूमि सुधार एवं राजस्व विभाग में इस दिशा में काम शुरू हो गया है। सरकार के इस कदम से अंचलाधिकारी और राजस्व पदाधिकियों में खलबली मच गई है। सोमवार को विभागीय अधिकारी कामकाज ठप करके पटना में जम गए। इस पर विभाग और सख्त हो गया।
डिप्टी सीएम सह भूमि सुधार एवं राजस्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने सीओ, आरओ की हड़ताल पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जब इलाज शुरू होता है तो दवा कड़वी लगती है। लोगों को चिंता नहीं करना है। सरकार सब ठीक कर लेगी। उन्होंने कहा कि विभाग का अभियान ठीक से चलेगा तो पदाधिकारियों का मान सम्मान बढ़ेगा। उन्हें सहयोग करना चाहिए। उसके बाद विभाग के प्रधान सचिव का फरमान जारी हो गया।
आदेश में कहा गया कि सभी अंचलाधिकारी और आरओ अपनी अपनी गाड़ी विभाग को वापस कर दें। यह भी निर्देश दिया गया कि सरकारी डोंगल और राजस्व अभिलेख भी राजस्व कर्मचारी को सौंपने का आदेश दिया गया है। अंचल के सबसे सीनियर राजस्व कर्मचारी प्रभारी सीओ की भूमिका में काम करेंगे। हड़ताल पर गए अधिकारियों को इस अवधि का वेतन नो वर्क नो पे के आधार पर नहीं दिया जाएगा।
इधर हड़ताल पर गए राजस्व अधिकारी और अंचलाधिकारियों का कहना है कि सरकार इस फैसले से उनके करियर पर बुरा असर पड़ेगा। राजस्व सेवा के अधिकारी प्रमोशन के बाद डीसीएलआर बनते हैं। नए पद सृजन से उन्हें यह मौका नहीं मिलेगा। आदेश वापसी तक आन्दोलन और हड़ताल का ऐलान किया गया है।





