
राजस्व विभाग के नाजिर ने सरकार को लगाया 24 लाख का चूना, बैंक खाते से ऐसे उड़ाए रुपये
पूर्णिया जिले के रूपौली में राजस्व विभाग के नाजिर (क्लर्क) ने सीओ के फर्जी साइन कर सरकारी बैंक खाते से 24 लाख रुपये निकाल लिए। आरोपी ने धीरे-धीरे यह रकम निकाली ताकि उस पर शक ना जाए। हालांकि, आखिर में उसकी पोल खुल गई।
बिहार के पूर्णिया जिले के रूपौली में राजस्व विभाग के नाजिर (क्लर्क) ने सरकार को चूना लगा दिया। रूपौली अंचल कार्यालय के अंचल नाजिर सह निम्नवर्गीय लिपिक शिशिर कुमार ने सीओ (अंचलाधिकारी) के फर्जी साइन करके सरकारी बैंक खाते से 24 लाख 27 हजार 840 रुपये गबन कर दिए। मामले में रूपौली की सीओ शिवानी सुरभी के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। सीओ ने बताया कि अंचल कार्यालय के खाते से फर्जी तरीके से बड़ी राशि की निकासी की गई है। प्रथम दृष्टया यह पूर्णतः गबन और जालसाजी का मामला है।
सीओ ने पुलिस को पेन ड्राइव और अन्य साक्ष्य सौंप दिए हैं। वहीं धमदाहा एसडीपीओ संदीप गोल्डी ने बताया कि सीओ के आवेदन पर मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले को लेकर साक्ष्य भी सौंपे गए हैं। आरोपी नाजिर को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
सरकारी कर्मियों की मिलीभगत की जांच
इतनी बड़ी राशि के गबन की खबर फैलते ही जिला प्रशासन और राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या इस खेल में विभाग के कुछ अन्य कर्मियों की भी मिलीभगत है या नहीं।
ऐसे खुली पोल
मिली जानकारी के अनुसार अंचल कार्यालय रूपौली में कार्यरत निम्न वर्गीय लिपिक सह तत्कालीन अंचल नाजिर शिशिर कुमार वर्तमान में अनुमंडल कार्यालय धमदाहा में पदस्थापित है। अभी तक रुपौली अंचल नजारत का प्रभार नहीं दिया है। प्रभार देने में काफी विलंब होने के कारण अंचलाधिकारी शिवानी सुरभि के द्वारा पत्राचार भी किया गया है।
जब सीओ शिवानी सुरभि ने सैरात के रुपये की जांच को लेकर बैंक से स्टेटमेंट निकाला, तो राशि कम देख भौंचक्की रह गईं। उन्होंने विवरण की जांच की तो चेक से फर्जी निकासी का मामला सामने आया। अंचलाधिकारी शिवानी सुरभि ने जब सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में स्थित अंचल कार्यालय के खाते का स्टेटमेंट खंगाला, तो उनके होश उड़ गए। 1 अप्रैल 2023 से 31 दिसंबर 2025 के बीच की अवधि में भारी वित्तीय अनियमितता पाई गई।
जांच में स्पष्ट हुआ कि आरोपी निम्न वर्गीय लिपिक सह तत्कालीन अंचल नाजिर शिशिर कुमार ने बड़ी चतुराई से सीओ के फर्जी हस्ताक्षर किए और चेक के माध्यम से कुल 24 लाख 27 हजार 840 रुपये की फर्जी निकासी कर ली। अकेले बैंक ट्रांसफर ही नहीं, बल्कि आरोपी ने लाखों रुपये की नकद निकासी भी की है।





