वंदे भारत एक्सप्रेस से टकराकर रिटायर्ड कर्मी की दर्दनाक मौत, पुल के नीचे सड़क पर बिखरा शव
जहानाबाद में वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन की टक्कर लगने से एक बुजुर्ग की दर्दनाक मौत हो गई। शव के टुकड़े पुल से नीचे सड़क पर बिखर गए। बुजुर्ग प्रखंड कार्यालय से रिटायर्ड कर्मी थे। वह रेलवे ट्रैक क्रॉस कर दूसरी तरफ जा रहे थे, तभी यह हादसा हुआ।

बिहार के जहानाबाद में वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आने से एक रिटायर्ट सरकारी कर्मचारी की दर्दनाक मौत हो गई। हादसा जहानाबाद कोर्ट हॉल्ट के उत्तर दिशा में गुरुवार की दोपहर करीब 12 बजे हुआ। वंदे भारत ट्रेन से टकराते ही बुजुर्ग की मौके पर ही मौत हो गई। उनका शव क्षत-विक्षत हालत में रेलवे ट्रैक के निकट बत्तीस भवरिया पुल के नीचे सड़क पर जा गिरा।
मृतक की पहचान नरेंद्र गिरी उर्फ गिरीजी के रूप में हुई है। वह मूल रूप से पटना के रहने वाले थे और जहानाबाद कोर्ट के निकट मोहल्ले में एक अपार्टमेंट के समीप मकान बनाकर अपनी पत्नी के साथ रहते थे। नरेंद्र गिरी पूर्व में प्रखंड कार्यालय में कार्यरत थे और वहीं से सेवानिवृत हुए थे।
घटना की सूचना पाकर जहानाबाद नगर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल में भिजवाया। इसके बाद उनके परिवार के बारे में तलाश की। सूचना पाकर शाम में परिजन आए और शव की पहचान की। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।
एक साथ आई दो ट्रेनें, फिर वंदे भारत से टक्कर
इस घटना के संबंध में कुछ प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि उक्त बुजुर्ग हॉल्ट के रेलवे ट्रैक को क्रॉस कर दूसरी ओर जाना चाह रहे थे। उसी दौरान गयाजी की ओर से तेज रफ्तार में वंदे भारत एक्सप्रेस आ रही थी। उसी समय पटना की ओर से भी एक पैसेंजर ट्रेन आ रही थी।
इसी गहमागहमी में बुजुर्ग ट्रैक को क्रॉस नहीं कर पाए। फिर वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आ गए। ट्रेन से उनकी इतनी जोरदार टक्कर हुई कि बुजुर्ग का शव बिखर गया। क्षत-विक्षत हालत में पुल के नीचे सड़क पर गिरे शव को पहचानना भी मुश्किल हो रहा था।
हादसे के बाद घटनास्थल पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ लग गई। उस वक्त किसी ने शव की पहचान नहीं की थी। इसकी सूचना नगर थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर उमेश प्रसाद को दी गई। नगर थाने के एएसआई विमलेंदु प्रकाश वहां पहुंचे।
उन्होंने बताया कि तहकीकात में शव की पहचान हुई। मृतक पटना के निवासी थे। पुलिस को परिजनों ने बताया कि वे जहानाबाद प्रखंड कार्यालय से रिटायर हुए थे और घर बनाकर अपनी पत्नी के साथ रह रहे थे। किसी काम से वह गुजर रहे थे। इसी दौरान ट्रेन से हादसा हुआ। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंपा गया।
(जहानाबाद से हिन्दुस्तान संवाददाता की रिपोर्ट)
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लेखक के बारे में
Jayesh Jetawatजयेश जेतावत एक अनुभवी, जुझारू एवं निष्पक्ष पत्रकार हैं। बीते 10 सालों से स्थानीय मुद्दों को कवर कर रहे हैं। राजनीतिक, सामाजिक और आपराधिक घटनाओं की रिपोर्टिंग एवं संपादन में महारत हासिल है। बिहार में पर्यटन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी गहरी पकड़ रखते हैं। तकनीकी रूप से निपुण जयेश, तथ्यों की बारीकी से जांच कर समयसीमा के भीतर पाठकों तक सटीक खबरें एवं शोध-परक विश्लेषण पहुंचाते हैं। जनसरोकार के मुद्दे उठाना, पेशेवर नैतिकता का पालन करना, समाज एवं मानव कल्याण के प्रति जिम्मेदारी, इन्हें और भी योग्य बनाती है। भाषा पर इनकी अच्छी पकड़ है। जटिल मुद्दों को पाठकों एवं दर्शकों तक आसान शब्दों में पहुंचाना इनकी खूबी है।
जयेश जेतावत मूलरूप से मेवाड़ क्षेत्र (राजस्थान) के रहने वाले हैं। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। इसके बाद ईटीवी भारत में बतौर प्रशिक्षु समाचार संपादक के रूप में काम शुरू किया। फिर इंडिया न्यूज के डिजिटल सेक्शन में विभिन्न बीट कवर की। इसके बाद, वे2न्यूज में बतौर टीम लीडर तीन राज्यों की कमान संभाली। साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े, तब से यहां बिहार की खबरों को कवर कर रहे हैं। जयेश ने टाइम्स ऑफ इंडिया, लाइव इंडिया न्यूज चैनल और सी-वोटर रिसर्च एजेंसी में इंटर्नशिप भी की। पटना से प्रकाशित मैगजीन राइजिंग मगध में समसामयिक विषयों पर इनके लेख छपते रहे हैं। समाचार लेखन के अलावा जयेश की साहित्यिक पठन एवं लेखन में रुचि है, सामाजिक मुद्दों पर कई लघु कथाएं लिख चुके हैं।


