
बिहार के इस स्कूल में ट्रेनिंग के नाम पर धर्मांतरण का खेल, नाबालिग लड़की से रेप भी हुआ; गृह सचिव से शिकायत
संस्थान के संचालक के बारे में बताया गया कि वह बाहर हैं। इस दौरान कमरे के बाहर एक लड़की की जोर-जोर से रोने की आवाज आयी, जिसे दो लोग पकड़ कर ले जा रहे थे। पूछने पर एक कर्मी ने बताया कि उसके पेट में दर्द हो रहा है।
बिहार के एक स्कूल में धर्मांतरण का खेल और नाबालिग लड़की से रेप के खुलासे के बाद से हड़कंप मचा हुआ है। रोहतास जिले के सासाराम में इंद्रपुरी के सिकरिया स्थित जेम्स इंग्लिश स्कूल की आवासीय व्यवस्था की जांच के बाद रोहतास जिला बाल बाल कल्याण समिति ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। समिति ने हाल ही में इस स्कूल का दौरा किया था। समिति ने अपनी जांच रिपोर्ट में कहा है कि एक मामले की जांच के बाद पुलिस को पता चला कि स्कूल परिसर स्थित जेम्स टेलरिंग इंस्टीट्यूट में गरीब परिवार के बच्चों को लाकर धर्मांतरण का खेल चल रहा है।

जांच रिपोर्ट भारत सरकार के गृह सचिव, डीएम समेत अन्य कई अधिकारियों को भेजते हुए मामले में उच्चस्तरीय जांच कराने की सिफारिश की है।जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारी सह थानाध्यक्ष इन्द्रपुरी के लिखित अनुरोध पर बाल कल्याण समिति रोहतास ने जेम्स इंगलिश स्कूल सिकरिया इंद्रपुरी स्थित आवासीय व्यवस्था की जांच का निर्णय लिया।
स्कूल से किशोरी भी लापता
प्रधान प्रोबेशन पदाधिकारी प्रशांत सिंह विष्ट के साथ आठ सितंबर को समिति के अध्यक्ष संतोष कुमार, सदस्य ददन पांडेय व गायत्री कुमारी ने इंद्रपुरी थानाध्यक्ष माधुरी कुमारी के साथ स्कूल परिसर स्थित जेम्स टेलरिंग इंस्टीट्यूट की जांच शुरू की। बताया गया कि 27 अगस्त को गयाजी की एक किशोरी लापता है।
किशोरी की मां ने इसकी प्राथमिकी इंद्रपुरी थाने में 30 अगस्त को दर्ज करायी थी। रिपोर्ट के अनुसार, जब बाल कल्याण समिति की टीम जेम्स इंस्टीट्यूट पहुंची तो इंस्टीट्यूट की प्रभारी सुभद्रा 7-8 बच्चियों को सिलाई सिखा रही थीं। जांच के दौरान बच्चियों की नामांकन और दैनिक उपस्थिति पंजी नहीं मिली। बताया गया कि यह इकाई 2003 से चल रही है।
कमरे में रो रही थी लड़की
यहां नामांकन किस आधार पर होता है, इसका संतोषप्रद उत्तर नहीं दिया गया। एक पन्ने पर 15 बच्चियों के नाम अंकित थे, बस वही एक प्रमाण था। संस्थान चलाने की अनुमति है या नहीं, किसी प्राधिकार द्वारा जांच की जाती है या नहीं, इस बारे में जानकारी नहीं दी गई। संस्थान के संचालक के बारे में बताया गया कि वह बाहर हैं। इस दौरान कमरे के बाहर एक लड़की की जोर-जोर से रोने की आवाज आयी, जिसे दो लोग पकड़ कर ले जा रहे थे। पूछने पर एक कर्मी ने बताया कि उसके पेट में दर्द हो रहा है।
फिर बताया कि वह ऐसे ही करती रहती है। इंद्रपुरी थानाध्यक्ष व समिति सदस्य गायत्री कुमारी ऊपर गईं। लड़की को चुप कराकर नीचे आ गईं। इसके बाद लड़की को पीटा जाने लगा। तब उसे रेस्क्यू कर गंभीर अवस्था में इलाज के लिए भेजा गया। लेकिन, चिकित्सक ने इलाज करने से मना कर दिया। इसके बाद उसे समिति में लाया गया। महिला परामर्शी से बात करने पर वह बतायी कि चार लोगों ने उसके साथ दुष्कर्म किया था।
क्या बोले एसपी…
कहा गया कि मेडिकल जांच के बाद बालिका को बालिका गृह कैमूर भेजा गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि नौ सितंबर को पुनः समिति सदस्य गायत्री कुमारी की देखरेख में जिला बाल संरक्षण इकाई, चाइल्ड हेल्पलाइन और थानाध्यक्ष इंद्रपुरी ने वहां से सात बच्चियों मुक्त कराया, जिन्हें बालिका गृह में भेजा गया है। टीम द्वारा दी गई रिपोर्ट में कई बच्चियों का बयान अंकित है। जिसमें नामांकन आवेदन फॉर्म में भरे गये कॉलम का जिक्र है। जिसके आधार पर समिति ने पाया कि यहां धर्मांतरण का खेल चल रहा है। समिति ने जिलाधिकारी से एक बड़ी जांच समिति बनाकर जांच कराने की सिफारिश की है। सासाराम के एसपी रौशन कुमार ने कहा कि डीएम के स्तर से जांच टीम का गठन किया जाएगा। जांच टीम की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।





