रात में प्रेमिका से मिलने आए प्रेमी को परिजनों ने पकड़ा, मंदिर में करा दी शादी; पुलिस बनी गवाह
कैमूर के मोहनियां में प्रेमिका से मिलने पहुंचे युवक को युवती के परिजनों ने पकड़ लिया। मामला थाने पहुंचा तो पुलिस ने दोनों पक्षों को बुलाकर समझाया। बाद में युवक शादी के लिए तैयार हो गया और थाने के पीछे मंदिर में पुलिस की मौजूदगी में दोनों की शादी करा दी गई।

कैमूर जिले के मोहनियां थाना क्षेत्र में एक अनोखा मामला सामने आया, जहां प्रेमिका से मिलने पहुंचे युवक को युवती के परिजनों ने पकड़ लिया। बाद में मामला थाने पहुंचा और पुलिस की मौजूदगी में दोनों की शादी थाने परिसर के मंदिर में करा दी गई। इस घटना की इलाके में काफी चर्चा हो रही है। जानकारी के अनुसार रोहतास जिले के कोचस थाना क्षेत्र के आटडिह गांव निवासी शेषनाथ राम का पुत्र रोशन कुमार होली के अवसर पर अपनी बहन के घर सुखपुरवा गांव आया हुआ था। बहन के घर आने-जाने के दौरान उसकी पहचान गांव के ही कमलेश राम की बेटी मनीषा कुमारी से हो गई। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और यह जान-पहचान प्रेम संबंध में बदल गई।
रात में प्रेमिका से मिलने पहुंचा प्रेमी
बताया जा रहा है कि होली की रात रोशन कुमार अपनी प्रेमिका मनीषा से मिलने के लिए गांव के बाहर खेत में पहुंच गया। दोनों वहां बैठकर बातचीत कर रहे थे, तभी युवती के परिजनों की नजर उन पर पड़ गई। परिजनों ने दोनों को मौके पर ही पकड़ लिया। इसके बाद वहां काफी हंगामा हो गया और दोनों पक्षों के बीच कहासुनी के साथ मारपीट भी हो गई, जिसमें कुछ लोग हल्के रूप से घायल हो गए।
ग्रामीणों ने मंदिर मे कराई शादी, पुलिस रही मौजूद
युवती के परिजनों ने युवक पर शादी करने का दबाव बनाया, लेकिन रोशन कुमार मौका पाकर अपने गांव भाग गया। इसके बाद युवती के परिजन मनीषा को लेकर सीधे मोहनियां थाने पहुंचे और पूरी घटना की जानकारी पुलिस को दी। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों के परिजनों को थाने बुलाया और बातचीत शुरू कराई काफी देर तक समझाने-बुझाने के बाद पुलिस ने दोनों परिवारों को शांत कराया। पुलिस अधिकारियों ने युवक से भी बातचीत की, जिसके बाद वह शादी के लिए तैयार हो गया। इसके बाद गुरुवार की देर शाम थाना परिसर के पीछे स्थित मंदिर में दोनों की विधिवत शादी करा दी गई।
आपसी सहमति से हुई शादी
शादी के दौरान दोनों परिवारों के सदस्य और कुछ स्थानीय लोग भी मौजूद रहे। विवाह के बाद सभी ने नवदंपती को आशीर्वाद दिया और उनके सुखद वैवाहिक जीवन की कामना की। इस संबंध में मोहनियां थानाध्यक्ष आलोक कुमार ने बताया कि दोनों युवक-युवती आपसी सहमति से शादी करने के लिए तैयार थे। इसलिए थाने के पीछे बने मंदिर में दोनों की शादी कराई गई और उन्हें आगे का जीवन शांति और समझदारी के साथ बिताने की सलाह दी गई।


