बिहार में शिक्षा विभाग की बहाली में पैसों का खेल, BEPC कर्मचारी ने लाखों रुपये वसूले; ACS को खत

Jan 05, 2026 09:06 am ISTNishant Nandan हिन्दुस्तान ब्यूरो, पटना
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परिषद की ओर से चयनित एजेंसी मेसर्स ग्लोबस इंफॉर्मेटिक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से हर जिले में चार-चार लोगों की बहाली की गई है। लेकिन इन बहालियों में बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ी व ठगी का मामला प्रकाश में आया है।

बिहार में शिक्षा विभाग की बहाली में पैसों का खेल, BEPC कर्मचारी ने लाखों रुपये वसूले; ACS को खत

बिहार शिक्षा परियोजना परिषद में आउटसोर्सिंग एजेंसी के तहत हो रही बहाली में लाखों का वारा-न्यारा हो रहा है। मधेपुरा जिला प्रशासन (जिला गोपनीय शाखा) की ओर से इस बाबत शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र लिखा गया है, जबकि पीड़ितों ने कदमकुआं थाने में लिखित शिकायत भी की है। मधेपुरा जिला प्रशासन ने विभाग को भेजे पत्र में कहा है कि बिहार शिक्षा परियोजना परिषद में आउटसोर्सिंग नियुक्ति के नाम पर करोड़ों की ठगी हो रही है।

परिषद की ओर से चयनित एजेंसी मेसर्स ग्लोबस इंफॉर्मेटिक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से हर जिले में चार-चार लोगों की बहाली की गई है। लेकिन इन बहालियों में बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ी व ठगी का मामला प्रकाश में आया है। मुख्य आरोपित परिषद का कर्मचारी संजय यादव ने अपने बिचौलियों वरुण कुमार, अमृता कुमारी, दीपक कुमार और भवेश कुमार के माध्यम से सैकड़ों अभ्यर्थियों से नौकरी दिलाने के नाम पर प्रति व्यक्ति लाखों रुपए की अवैध वसूली की है।

कदमकुआं थाने में इसकी लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसमें हरेक से ढाई-ढाई लाख रुपए पर बहाली का वादा कर एडवांस के रूप में 40 लाख रुपए लिए गए। पत्र में यह भी कहा गया है कि आरोपी वरुण कुमार, दीपक कुमार, अमृता कुमारी ने अभ्यर्थियों से एकत्रित की गई राशि का उपयोग स्वयं की नियुक्तियां सुरक्षित करने में किया है। लगभग 40 लाख से अधिक की राशि अग्रिम के रूप में ली गई जिसमें कुछ ऑनलाइन भुगतान और शेष नकद के रूप में किया गया है।

इसलिए इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराते हुए संलिप्त कर्मचारियों व दलालों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए। एजेंसी के माध्यम से हुई बहाली की जांच की जाए और दोषियों की सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त करते हुए कानूनी प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए ताकि भविष्य में सरकारी नियुक्ति में पारदर्शिता बनी रहे। पत्र की प्रतिलिपि बीपीईसी के राज्य परियोजना निदेशक, डीएम भोजपुर, नवादा, मधेपुरा और शिक्षा अधिकारियों को भी भेजी गई है।

Nishant Nandan

लेखक के बारे में

Nishant Nandan
एक दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे निशांत नंदन डिजिटल पत्रकारिता में आने से पहले इलेक्ट्रॉनिक/प्रसारण मीडिया में लंबे समय तक काम कर चुके हैं। निशांत ने अपने करियर की शुरुआत ETV बिहार से की थी। इसके बाद वो मौर्य न्यूज, आर्यन न्यूज, न्यूज वर्ल्ड इंडिया जैसे संस्थानों में अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। साल 2018 में इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप के साथ डिजिटल पत्रकारिता का सफर शुरू करने के बाद निशांत साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े। निशांत मूल रूप से बिहार के भोजपुर जिले के रहने वाले हैं। आरा में शुरुआती शिक्षा के बाद इन्होंने नालंदा मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। और पढ़ें