आरसीपी सिंह की घर वापसी जल्द! नीतीश को अभिभावक बताने के बाद JDU में लौटने के संकेत

Jan 14, 2026 01:40 pm ISTNishant Nandan हिन्दुस्तान टाइम्स, संजीव के झा, पटना
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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और आरसीपी सिंह ने बीते रविवार को पटना कुर्मी समुदाय द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। हालांकि, इस कार्यक्रम में दोनों की मुलाकात नहीं हुई थी लेकिन आरसीपी सिंह के जदयू में वापस आने की अटकलें जरूर शुरू हो गई थीं।

आरसीपी सिंह की घर वापसी जल्द! नीतीश को अभिभावक बताने के बाद JDU में लौटने के संकेत

हाल ही में नीतीश कुमार को अपना अभिभावक बताने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह के फिर से जनता दल (यूनाइटेड) में जाने की अटकलें बढ़ गई हैं। इस मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने कहा है कि रामचंद्र प्रसाद सिंह (आरसीपी सिंह) जल्द ही जदयू में लौट सकते हैं। सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि आरसीपी सिंह ने खुद जदयू में वापस आने की इच्छा जताई है। जदयू के नेताओं ने कहा है कि पिछले साल प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी में जो लोग गए हैं वो जदयू में वापस आने की अपनी इच्छा जता चुके हैं। इसमें वैसे लोग हैं जिन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ मिलकर दो दशक तक काम किया है। जदयू नेताओं ने कहा कि पार्टी की संगठनात्मक जरुरतों को देखते हुए नीतीश कुमार इसपर अंतिम फैसला लेंगे।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और आरसीपी सिंह ने बीते रविवार को पटना कुर्मी समुदाय द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। हालांकि, इस कार्यक्रम में दोनों की मुलाकात नहीं हुई थी लेकिन आरसीपी सिंह के जदयू में वापस आने की अटकलें जरूर शुरू हो गई थीं। नाम ना बताने की शर्त पर कुर्मी समुदाय से जुड़े एक जदयू नेता ने कहा कि इस कार्यक्रम में आरसीपी सिंह के जदयू में वापस लौटने से संबंधित नारे लगे। पार्टी में भी इस बात की चर्चा है कि पार्टी को भी आरसीपी सिंह के संगठनात्मक तजुर्बे की जरुरत है।

बता दें कि एक समय था जब आरसीपी सिंह नीतीश कुमार के सबसे भरोसेमंद सहयोगी थे। आरसीपी सिंह साल 1998 में नीतीश कुमार के साथ काम किया था। उस वक्त नीतीश कुमार रेलमंत्री थे। आरसीपी सिंह साल 2005 से लेकर 2010 तक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मुख्य सचिव भी रहे। आरसीपी सिंह साल 2010 से 2022 तक राज्यसभा के सदस्य और केंद्रीय मंत्री भी रहे।

कहा जाता है कि जब राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे तब उस वक्त आरसीपी सिंह के साथ उनका मनमुटाव शुरू हुआ था। अगस्त 2022 में आरसीपी सिंह को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था। उन्हें राज्यसभा के लिए दोबारा नामित भी नहीं किया था लिहाजा उन्हें केंद्रीय मंत्री का भी पद छोड़ना पड़ा था।

साल 2024 में आरसीपी सिंह ने जनसुराज पार्टी का दामन थाम लिया। जदयू नेताओं ने कि आरसीपी सिंह का यह मानना है कि उनका भविष्य सिर्फ नीतीश कुमार की पार्टी में ही हैं। एक अन्य जदयू नेता ने कहा, ‘आरसीपी सिंह ने लगभग सभी वरिष्ठ नेताओं से बातचीत कर ली है। सभी जानते हैं कि वो जदयू में वापस आना चाहते हैं। अब सबकुछ नीतीश कुमार पर निर्भर है।’

Nishant Nandan

लेखक के बारे में

Nishant Nandan
एक दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे निशांत नंदन डिजिटल पत्रकारिता में आने से पहले इलेक्ट्रॉनिक/प्रसारण मीडिया में लंबे समय तक काम कर चुके हैं। निशांत ने अपने करियर की शुरुआत ETV बिहार से की थी। इसके बाद वो मौर्य न्यूज, आर्यन न्यूज, न्यूज वर्ल्ड इंडिया जैसे संस्थानों में अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। साल 2018 में इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप के साथ डिजिटल पत्रकारिता का सफर शुरू करने के बाद निशांत साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े। निशांत मूल रूप से बिहार के भोजपुर जिले के रहने वाले हैं। आरा में शुरुआती शिक्षा के बाद इन्होंने नालंदा मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। और पढ़ें