सम्राट चौधरी से मिलने पहुंचे आरबीआई गवर्नर, सेंट्रल बोर्ड की बैठक 8 साल बाद पटना में
आरबीआई के केंद्रीय बोर्ड की बैठक शुक्रवार को पटना में 8 सालों के बाद हुई। इसमें शामिल होने बिहार पहुंचे आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी से उनके आवास पर मुलाकात भी की।

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के केंद्रीय निदेशक मंडल की बैठक 8 साल के बाद पटना में आयोजित की गई। इस बैठक में आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा भी शामिल हुए। पटना पहुंचे मल्होत्रा ने शुक्रवार को बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी से भी मुलाकात की। वे सम्राट के सरकारी आवास पर उनसे मिलने पहुंचे। बताया जा रहा है कि इस दौरान बिहार के सर्वांगीण विकास एवं आर्थिक प्रगति पर सकारात्मक चर्चा की गई। बता दें कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा चुनाव जीतने के बाद सम्राट का नाम बिहार के नए सीएम की रेस में चल रहा है।
वहीं, आरबीआई के सेंट्रल बोर्ड की बैठक में उत्कर्ष 3.0 को मंजूरी दी गई। इसका उद्देश्य वित्तीय प्रणाली को और मजबूत बनाना तथा डिजिटल नवाचार को बढ़ावा देना है। साथ ही डिजिटल भुगतान प्रणाली के विस्तार, केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (सीबीडीसी) यानी डिजिटल रुपये को बढ़ावा देने तथा फिनटेक क्षेत्र के लिए सुरक्षित और नवाचार-अनुकूल वातावरण विकसित करने को भी प्राथमिकता दी गई है।
रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में बोर्ड ने वैश्विक और घरेलू आर्थिक परिदृश्य की समीक्षा की। इसमें बदलते भू-राजनीतिक घटनाक्रम, उनके वित्तीय बाजारों पर प्रभाव और उनसे जुड़ी चुनौतियों पर भी विचार-विमर्श किया गया। रिजर्व बैंक के अनुसार, बोर्ड ने वर्ष 2026-27 के लिए बैंक के बजट को मंजूरी दी।
साथ ही 2026-29 की अवधि के लिए आरबीआई की मध्यम अवधि की रणनीति रूपरेखा ‘उत्कर्ष 3.0’ को भी स्वीकृति प्रदान की गई। रिजर्व बैंक के अनुसार, यह रणनीति तेजी से बदलते वैश्विक और घरेलू आर्थिक परिदृश्य के बीच केंद्रीय बैंक की भूमिका को अधिक प्रभावी बनाने के लिए तैयार की गई है।
इस रूपरेखा के तहत वित्तीय स्थिरता बनाए रखने, मुद्रास्फीति नियंत्रण को सुदृढ़ करने और बैंकिंग प्रणाली की निगरानी को और कड़ा करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। इसके साथ ही गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) की निगरानी और जोखिम प्रबंधन तंत्र को भी मजबूत किया जाएगा। रिजर्व बैंक ने नीति निर्माण में डेटा और उन्नत विश्लेषण (एनालिटिक्स) के उपयोग को बढ़ाने तथा रियल-टाइम मॉनिटरिंग प्रणाली को सुदृढ़ करने पर भी बल दिया है। बदलते भू-राजनीतिक घटनाक्रमों और वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के प्रभाव से निपटने के लिए रणनीतिक उपायों को भी इस ढांचे में शामिल किया गया है।
केंद्रीय बैंक ने आंतरिक संस्थागत सुधार, पारदर्शिता और कार्यकुशलता बढ़ाने के साथ-साथ मानव संसाधन क्षमता निर्माण को भी इस रणनीति का अहम हिस्सा बताया है। मालूम हो कि ‘उत्कर्ष 3.0’ आरबीआई का आगामी तीन वर्षों के लिए व्यापक रोडमैप है, जो देश की वित्तीय प्रणाली को अधिक सुदृढ़, सुरक्षित और आधुनिक बनाने की दिशा में मार्गदर्शन करेगा।
बैठक में उप-गवर्नर टी. रबी शंकर, स्वामीनाथन जे., डॉ. पूनम गुप्ता और शिरीष चंद्र मुर्मू सहित केंद्रीय बोर्ड के अन्य निदेशक—आर्थिक मामलों के विभाग की सचिव अनुराधा ठाकुर, रेवती अय्यर, प्रो. सचिन चतुर्वेदी और डॉ. रवींद्र एच. ढोलकिया भी मौजूद रहे।
(रिपोर्ट- हिन्दुस्तान ब्यूरो)
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जयेश जेतावत मूलरूप से मेवाड़ क्षेत्र (राजस्थान) के रहने वाले हैं। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। इसके बाद ईटीवी भारत में बतौर प्रशिक्षु समाचार संपादक के रूप में काम शुरू किया। फिर इंडिया न्यूज के डिजिटल सेक्शन में विभिन्न बीट कवर की। इसके बाद, वे2न्यूज में बतौर टीम लीडर तीन राज्यों की कमान संभाली। साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े, तब से यहां बिहार की खबरों को कवर कर रहे हैं। जयेश ने टाइम्स ऑफ इंडिया, लाइव इंडिया न्यूज चैनल और सी-वोटर रिसर्च एजेंसी में इंटर्नशिप भी की। पटना से प्रकाशित मैगजीन राइजिंग मगध में समसामयिक विषयों पर इनके लेख छपते रहे हैं। समाचार लेखन के अलावा जयेश की साहित्यिक पठन एवं लेखन में रुचि है, सामाजिक मुद्दों पर कई लघु कथाएं लिख चुके हैं।


