
रक्सौल-काठमांडू रेल लाइन का डीपीआर जनवरी में, ट्रेन से जुड़ जाएगा दिल्ली-नेपाल
बिहार के रक्सौल से नेपाल के काठमांडू के बीच लिंक रेल लाइन का सर्वे पूरा होने के बाद जनवरी में डीपीआर तैयार किया जाएगा। इस लाइन के चालू होने के बाद दिल्ली सीधे नेपाल के काठमांडू से ट्रेन सेवा के जरिए जुड़ जाएगा।
बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में स्थित रक्सौल से पड़ोसी देश नेपाल की राजधानी काठमांडू तक लिंक रेल लाइन के निर्माण के लिए इसी महीने जमीन सर्वे का काम पूरा हो जाएगा। इसके बाद जनवरी 2026 में इस प्रोजेक्ट का डीपीआर तैयार कर लाइन बिछाने को टेंडर जारी करने की कवायद होगी। कोंकण रेलवे सर्वेक्षण का काम 80 प्रतिशत से अधिक कर चुका है। इसी महीने पूरी रिपोर्ट सौंप दी जाएगी, जिसके बाद डीपीआर तैयार होगा। रक्सौल-काठमांडू लाइन बनने के बाद दिल्ली से नेपाल ट्रेन सेवा से जुड़ जाएगा।
मालूम हो कि साल 2021 में इस लिंक रेल लाइन की केंद्र सरकार ने स्वीकृति दी थी। यह ट्रैक विद्युतीकृत होगा। कार्य पूरा करने से संबंधित जानकारी पूर्व मध्य रेलवे के कंस्ट्रक्शन विभाग के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी को सौंपी गई रिपोर्ट से हुई है।
रक्सौल-काठमांडू के बीच होंगे 13 स्टेशन :
परियोजना के तहत रक्सौल से काठमांडू के बीच 13 स्टेशन होंगे। 2023 में कराए गए पहले सर्वे में रक्सौल-काठमांडू लिंक रेल लाइन पर करीब 25 हजार करोड़ रुपये खर्च आने की संभावना जताई गई थी। अब अंतिम डीपीआर तैयार होने पर परियोजना की लागत बढ़ेगी।
इसके पूरा होने पर नई दिल्ली से नेपाल का काठमांडू रेलमार्ग से जुड़ जाएगा। दिल्ली से काठमांडू को रेलमार्ग से जोड़ने की कवायद 2022 में शुरू हुई थी। रक्सौल-काठमांडू की दूरी 136 किलोमीटर है। सड़क मार्ग से दूरी को तय करने में पांच घंटे से अधिक लगते हैं। रेलमार्ग से यह दूरी दो-तीन घंटे में पूरी होगी। दिल्ली से रक्सौल तक रेलवे लाइन पहले से है। नई लाइन के निर्माण से दिल्ली से काठमांडू के बीच सीधी ट्रेन शुरू होने की संभावना है।





