
11 साल की मासूम के रेपिस्ट को 15 वर्ष बा-मशक्कत कैद, 51 हजार जुर्माना; ऐसे बनाया था हवस का शिकार
अदालत ने दुष्कर्म मामले में रामगढ़ थाना क्षेत्र के निवासी दोषी को 15 वर्षों के सश्रम कारावास एवं 51 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। राशि नहीं देने पर 7 माह 7 दिन की अतिरिक्त सजा होगी।
बिहार के भभुआ में जिला पॉस्को अधिनियम के विशेष न्यायाधीश सह एडीजे छह प्रमोद कुमार पांडेय की अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म मामले के एक आरोपी को दोषी पाते हुए 15 वर्ष और मारपीट में तीन आरोपियों को तीन-तीन वर्ष कैद की सजा सुनायी। दुष्कर्म मामले में सजा पानेवाला रामगढ़ थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी को 15 वर्षों के सश्रम कारावास एवं 51 हजार रुपए अर्थदंड और इसकी राशि नहीं देने पर 7 माह 7 दिन के अतिरिक्त कारावास की सजा सुनायी। पीड़िता के परिजनों के विरोध करने पर मारपीट कर जख्मी करने के आरोपितों को तीन-तीन वर्ष कैद और 18000 रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
पाक्सो एक्ट के विशेष लोक अभियोजक शशि भूषण पांडेय ने बताया कि घटना 28 अप्रैल 2016 की शाम 7:00 बजे की है। ग्यारह वर्षीया बच्ची चापाकल से पानी लाने गई थी। उसी समय अभियुक्त दालमोट देने का लालच देकर बैठका में ले जाकर उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। बच्ची काफी देर घर नहीं पहुंची तो परिवार के लोगों की चिंता बढ़ गयी। परिजन उसे खोजने निकल गए।
मां अपनी बच्ची को खोजते हुए मौके पर पहुंची तो पीड़िता रो रही थी। उसने रोकर सारी बात अपनी मां को बताई। तबतक आरोपी फरार हो चुका था। जब परिजनों ने परिवार के लोगों से शिकायत की तो चारों अभियुक्तों ने मिलकर उनके साथ मारपीट की और उन्हें जख्मी कर दिया। पीड़िता की मां ने रामगढ़ थाना में मुकदमा दर्ज कराया है।
जांच के दौरान पुलिस ने घटना को सत्य करार दिया। पुलिस की रिपोर्ट और गवाहों के बयान पर कोर्ट ने यह फैसला सुनाया। सजा के ऐलान के बाद पुलिस ने मुख्य दोषी को जेल भेज दिया। पीड़िता के परिजनों ने कोर्ट के फैसले पर खुशी का इजहार किया। कोर्ट ने जुर्माने की राशि पीड़ित परिवार को देने का हुक्म दिया है। दोषियों के वकील ने उपरी अदालत में अपील की बात बताई।





