
राम मंदिर के पुजारी को कब्जे में रखा, दौलत के लिए बेटे और बहू ने मार डाला; विसरा रिपोर्ट से खुला राज
पुलिस ने पुजारी की हत्या किए जाने की शिकायत पर शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम भी कराया था। पुलिस का कहना है कि तत्काल उपलब्ध पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण स्पष्ट नहीं था और विसरा रिजर्व किए जाने की बात कही गई थी।
बिहार में राम मंदिर के पुजारी को कब्जे में रखने और फिर दौलत के लिए मार डालने का मामला उजगार हुआ है। गया जी जिले के शेरघाटी में राम मंदिर के 80 वर्षीय पुजारी शिवरतन मिश्र की हत्या दो वर्ष पहले जहर देकर की गई थी। लंबे इंतजार के बाद आई विसरा जांच रिपोर्ट से इस तथ्य का खुलासा हुआ है। विसरा जांच रिपोर्ट के खुलासे के बाद सोमवार को पुलिस ने मृत पुजारी के बेटा पवन मिश्र और बहू मंजू मिश्रा सहित तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस गिरफ्त में आए तीसरे आरोपित की पहचान मृत पुजारी के पौत्र भोलू मिश्र के रूप में हुई है।

पोस्टमार्टम से नहीं हुआ था मौत का खुलासा
शेरघाटी के सहायक पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र सिंह ने पुजारी के बेटे और बहू सहित तीन व्यक्तियों की गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि पुजारी की संदिग्ध मौत के बाद शेरघाटी थाने में दर्ज करायी गई रिपोर्ट (756/23) में उपरोक्त लोगों को नामजद आरोपित बनाया गया था। पुलिस थाने में यह रिपोर्ट पुजारी के छोटे बेटे दीपक मिश्र की ओर से दर्ज करायी गई थी।
पुलिस ने पुजारी की हत्या किए जाने की शिकायत पर शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम भी कराया था। पुलिस का कहना है कि तत्काल उपलब्ध पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण स्पष्ट नहीं था और विसरा रिजर्व किए जाने की बात कही गई थी। अब दो साल बाद आई वेसरा रिपोर्ट से पुजारी की मौत के लिए जहर को जिम्मेवार बताया गया है। पुजारी की हत्या के खुलासे से स्थानीय लोग भी सदमे में हैं।
संपत्ति हड़पने के लालच में हुई थी हत्या
रिपोर्ट में कहा गया था कि संपत्ति हड़पने के लालच से आरोपितों ने वृद्ध और बीमार पुजारी को अपने कब्जे में रखे हुए थे और और उन्हें किसी से मिलने नहीं दे रहे थे। बुढ़ापे की वजह से उन्होंने मंदिर में पूजा पाठ का काम छोड़ दिया था। प्राथमिक रिपोर्ट के अनुसार पुजारी की हत्या 13 जुलाई 2023 को की गई थी।





