'पीएम मोदी खुद'... NEET पेपर लीक पर मंत्री रामकृपाल यादव का वो बयान, जिससे मच गई खलबली; राबड़ी देवी को भी घेरा
NEET Paper Leak: नीट पेपर लीक पर दिग्विजय सिंह द्वारा पीएम के इस्तीफे की मांग और राबड़ी देवी बंगला विवाद पर मंत्री रामकृपाल यादव ने सरकार का पक्ष रखते हुए नियमों का हवाला दिया है।
NEET Paper Leak: देश और बिहार की राजनीति में इस वक्त दो बड़े मुद्दों को लेकर सियासी सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है। पहला मुद्दा नीट यूजी (NEET UG) पेपर लीक मामले को लेकर है, जिस पर विपक्ष लगातार केंद्र सरकार को घेर रहा है। वहीं, दूसरा मुद्दा बिहार के पूर्व मुख्यमंत्रियों को मिलने वाले सरकारी बंगले और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर छिड़ा हुआ है। इन दोनों ही हाई-प्रोफाइल मामलों पर बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव ने पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान खुलकर अपनी बात रखी है और विपक्ष के आरोपों पर करारा जवाब दिया है।
नीट पेपर लीक पर दिग्विजय सिंह की मांग पर पलटवार
कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह द्वारा नीट पेपर लीक मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस्तीफे की मांग किए जाने पर मंत्री रामकृपाल यादव ने तीखा पलटवार किया है। रामकृपाल यादव ने कहा कि विपक्ष का काम सिर्फ राजनीति करना है, जबकि सरकार इस मामले को लेकर बेहद गंभीर है। उन्होंने साफ किया, "नीट परीक्षा में जो भी गड़बड़ियां और कमियां सामने आई हैं, उन्हें पूरी तरह से ठीक करने के लिए इस वक्त कई बड़े और कड़े कदम उठाए जा रहे हैं।" उन्होंने आगे बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद इस पूरे मामले का संज्ञान लिया है और इसकी गहराई से जांच के लिए एक हाई-लेवल कमेटी का गठन भी कर दिया है। सरकार इस पूरी स्थिति की बहुत बारीकी से निगरानी कर रही है ताकि यह सटीक पता लगाया जा सके कि आखिर किस स्तर पर और कहां चूक हुई थी।
राबड़ी देवी बंगला विवाद पर बोले मंत्री
वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी बंगले और सुरक्षा को लेकर खड़े हुए नए विवाद पर भी मंत्री रामकृपाल यादव ने सरकार का पक्ष मजबूती से रखा। उन्होंने कहा कि इस बात को ध्यान में रखा जाना चाहिए कि नीतीश कुमार पिछले 20 सालों से लगातार बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। इतने लंबे कार्यकाल के दौरान कुछ प्रशासनिक फेरबदल या सरकारी फैसलों की वजह से कुछ लोगों को परेशानी या शिकायत हो सकती है, लेकिन जहां तक बंगले और सुरक्षा का सवाल है, तो उसके लिए एक तय सरकारी नियम होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिहार में हर पूर्व मुख्यमंत्री के लिए सुरक्षा और आवास के पुख्ता इंतजाम करने का एक खास नियम बना हुआ है। इसी तय प्रोटोकॉल और नियमों के तहत ही उन्हें सरकारी बंगला अलॉट किया गया है और सुरक्षा कवर भी दिया गया है, इसमें किसी भी तरह का कोई पक्षपात नहीं हुआ है।


