Raksha Bandhan 2026: बिहार में बिकी 9.5 लाख की 1 राखी; मिठाई, गिफ्ट समेत 300 करोड़ का कारोबार
बिहार की राजधानी पटना में इस बार 9.50 लाख रुपए तक की राखी बिकी है। इसके अलावा भी सोने-चांदी के हजारों और लाखों रुपए की राखियां खरीदी गईं। लगभग 300 करोड़ के कारोबार का अनुमान लगाया गया है।

Raksha Bandhan 2026: बिहार में रक्षाबंधन के लिए बाजार में राखियां, मिठाइयां और रिटर्न गिफ्ट की जमकर खरीदारी हो रही है। राखी से एक दिन पहले गुरुवार को बाजार में खूब चहल-पहल रही। जेन जी और जेन अल्फा से लेकर बुजुर्ग भाइयों तक की कलाइयों पर बांधने के लिए राखियों की खरीदारी बहनों ने बड़े उत्साह के साथ की। राजधानी में इस बार 9.50 लाख रुपए तक की राखी बिकी है। इसके अलावा भी सोने-चांदी के हजारों और लाखों रुपए की राखियां, भाइयों की कलाइयों पर बहनें बांधेंगी। इस बार भद्रा का साया भी नहीं है और शुभ ग्रहों का योग भी बन रहा है।
सोने-चांदी की राखियों के अलावा डिजिटल से रेशम की सादगी वाली राखियों का बड़ा रेंज बाजार में उतारा गया। रक्षा बंधन पर करीब 300 करोड़ के कारोबार का अनुमान लगाया गया है। इनमें राखी के साथ मिठाई और गिफ्ट शामिल हैं।
25-29 हजार के बीच एक से डेढ़ ग्राम वाली सोने की राखियां
बनवारी लाल चांदीवाला में इस बार पटना के लोगों ने लगभग दस हजार चांदी की राखियों की खरीदारी की है। इसका रेंज 500 से 5,000 रुपये के बीच रही। ऐसी पांच सौ से सात सौ राखियां प्रतिदिन बिकी हैं। शोरूम में कुल 10 हजार राखियां बेची गईं। राधे कृष्णा ज्वेलर्स में अनोखी राखी बिकी है। सोने के ब्रेसलेट में दो कैरेट हीरे की नग वाली राखी भी बिकी है। शोरूम से जुड़े मोहित खेमका ने बताया कि साढ़े नौ लाख की इस राखी में 22 कैरेट के सोने के अलावा दो कैरेट का एकल गोल्ड प्लेटेड डॉयमंड सॉलेटियर भी लगा है। इसके अलावा शोरूम में लाइट वेटेड सोने और डायमंड की राखियों की भी खूब मांग रही। इसमें एक से डेढ़ ग्राम सोना और एक सेट के हीरे का इस्तेमाल हुआ है। इसकी औसत कीमत 25 से 29 हजार के बीच थी। शुद्ध चांदी से बनी ब्रेसलेट स्टाइल राखी, जिसे भाई कड़ा की तरह हमेशा पहन सकते हैं, भी बिकी है। डाकबंगला स्थित शोरूम प्रबंधक उमेश टेकरीवाल ने बताया कि उनके शोरूम से 3 लाख रुपये की सोने वाली राखी बिक चुकी है। इस वर्ष जेन जी और जेन अल्फा जहां डिजिटल राखियां पंसद कर रहे हैं।
25 से 35 वर्ष के भाइयों के लिए बहनें इको फ्रेंडली और सादगी पंसद राखियों की खरीदारी कर रही हैं। बहनें बाजार में आयी बीज और जैविक सूती धागों से बनी राखियां खरीद रही हैं। इन राखियों को त्योहार के बाद गमले में या खुले मैदानों में बोकर फूल आदि उगाया जा सकता है। जेन जी और जेन अल्फा भाइयों के लिए बहनें, भाई की तस्वीर, नाम, या पसंदीदा कोट जैसे बेस्ट ब्रो, ‘तुम्हारे जैसा कोई नहीं’, ‘स्माइल फोरएवर’, ‘जियो हजारों साल’ वाले मैटेलिक, वुडन कट्स की राखियां खरीदी जा रही है। स्मार्ट ब्रासलेट और डिजिटल राखियों की भी खरीदारी हो रही है। स्मार्ट वॉच की तरह इन राखियों में एक बटन दबते ही भाई-बहन की फोटो-वीडियो दिखने लगती है।
ब्रह्माकुमारियों ने मंत्रियों और अधिकारियों को बांधी राखी
रक्षाबंधन के अवसर पर ब्रह्माकुमारियों की ओर से कई मंत्रियों और प्रशासनिक अधिकारियों को राखी बांधी गई। ब्रह्मकुमारी अनिता दीदी ने बताया कि रक्षाबंधन के दिन राज्यपाल समेत कई प्रशासनिक अधिकारियों को भी राखी बांधने की योजना है। बिहार के डीजीपी को भी राखी बांधी जाएगी।
इसके अलावा ब्रह्मकुमारियों ने दिव्यांग स्कूलों में जाकर भी बच्चों को राखी बांधी। उन्होंने बताया कि गुरुवार को जीविका दीदी समेत सैकड़ों लोगों को राखी बांधी गई। इसके लिए ज्ञान भवन में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया था।
रक्षाबंधन पर बेहतर कारोबार का अनुमान
कॉन्फेडेरशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स(कैट) ने रक्षाबंधन पर बिहार में 300 करोड़ के कारोबार होने का अनुमान जताया है। कैट के प्रदेश अध्यक्ष अशोक कुमार वर्मा ने बताया कि बाजार में राखी, ज्वेलरी, इलेक्ट्रिक सामान, मिठाई सहित विभिन्न उत्पादों का व्यापार में तेजी है। रक्षाबंधन पर बाजार में अच्छी खरीदारी देखने को मिल रही है। राखी, मिठाई, आभूषण और उपहार सामग्री की मांग बढ़ी है।


