जश्न में डूबे राजू सिंह को एक गलती पड़ गई बहुत भारी, अब विधायकी पर खतरा; क्या हुआ उस रात?

लाइव हिन्दुस्तान, मुजफ्फरपुर
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नए साल के जश्न में डूबे राजू सिंह ने हर्ष फायरिंग की, गोली डांस फ्लोर पर मौजूद अर्चना गुप्ता को लगी। 3 दिन बाद अस्पताल में उनकी मौत हो गई। नेपाल भागने की तैयारी कर रहे राजू सिंह को पुलिस ने बॉर्डर से गिरफ्तार किया। उन्हें अदालत ने दोषी करार दिया और सजा होने पर अब उनकी विधायकी खतरे में है। 

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बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के साहेबगंज से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक राजू कुमार सिंह को अपनी विधानसभा की सदस्यता से हाथ धोना पड़ सकता है। लगभग साढ़े 7 साल पहले हुई एक गलती की वजह से उनकी विधायकी पर खतरा मंडरा गया है। राजू सिंह को दिल्ली की एक अदालत ने गैर इरादतन हत्या और आर्म्स एक्ट में दोषी करार देते हुए 4 साल की जेल की सजा सुनाई है। यह मामला 31 दिसंबर 2018 को दिल्ली के एक फार्म हाउस में नए साल के जश्न के मौके पर आयोजित एक पार्टी का है। जब राजू सिंह की बंदूक से चली गोली से एक महिला डॉक्टर की जान चली गई थी।

गोली लगने से जान गंवाने वालीं महिला डॉक्टर का नाम अर्चना गुप्ता था। वह बीजेपी विधायक राजू कुमार सिंह के भाई के दोस्त की पत्नी थीं। उनकी उम्र उस समय लगभग 45 साल थी। बताया गया कि विधायक के भाई संजीव सिंह के दिल्ली स्थित फार्म हाउस में न्यू ईयर पार्टी का आयोजन किया गया था। रात के समय डीजे पर गाने चल रहे थे। पार्टी में मौजूद अधिकतर लोग डांस फ्लोर पर थिरक रहे थे।

तभी वहां पर हर्ष फायरिंग होती है और पलक झपकते ही डांस फ्लोर पर एक महिला गिर पड़ती हैं। उनके शरीर से खून बहने लगता है। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया जाता है, जहां इलाज के दौरान 3 जनवरी 2019 को उनकी मौत हो जाती है। मृतका अर्चना के पति विकास गुप्ता ने पुलिस को बताया था कि उन्होंने उस रात राजू सिंह और ड्राइवर हरि सिंह को अपने-अपने हथियारों से गोली चलाते देखा था।

जब कांड हुआ तब विधायक नहीं थे राजू सिंह

यह घटना जब हुई तब राजू कुमार सिंह विधायक नहीं थे। हालांकि, इससे पहले वह लोजपा और जेडीयू से एमएलए रह चुके थे। इसके बाद साल 2020 में उन्होंने साहेबगंज सीट से विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) से चुनाव लड़ा और जीत गए। फिर वह वीआईपी छोड़ बीजेपी में चले गए। 2025 में उन्होंने बीजेपी के टिकट पर ही फिर से चुनाव जीता। वह पूर्ववर्ती नीतीश सरकार में पर्यटन मंत्री भी रह चुके हैं।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ भाजपा विधायक राजू सिंह (फाइल फोटो)

राजू सिंह पर लगे सबूत मिटाने के भी आरोप

महिला की गैर इरादतन हत्या के मामले में बीजेपी विधायक पर सबूत मिटाने के भी आरोप लगे। पुलिस जांच में सामने आया कि घटना के बाद राजू सिंह के कहने पर डांस फ्लोर पर खून पौंछ दिया गया था, ताकि साक्ष्य को मिटा दिया जाए। पार्टी में मौजूद डीजे संचालक ने पुलिस के सामने इसकी पुष्टि भी की थी।

नेपाल भागने की फिराक में थे राजू सिंह, बॉर्डर से पकड़े गए

अर्चना गुप्ता की मौत के बाद राजू कुमार सिंह के खिलाफ केस दर्ज हो गया था। पुलिस उनकी तलाश कर रही थी। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह नेपाल भागने की फिराक में थे। हालांकि, पुलिस ने उन्हें उत्तर प्रदेश के कुशीनगर से नेपाल बॉर्डर पर ही गिरफ्तार कर लिया। ट्रायल के दौरान उन्हें कोर्ट से जमानत मिल गई थी।

Holding that Raju Singh fired the fatal bullet that caused Gupta’s death, Special Judge Gogne had convicted him under Indian Penal Code Section 304 (II) (culpable homicide not amounting to murder) and Section 30 of the Arms Act (punishment for contravention of a licence or rule).

कोर्ट में रिहाई के लिए गिड़गिड़ाए विधायक राजू सिंह

बीजेपी विधायक राजू कुमार सिंह ने दिल्ली की राउज एवेन्यु कोर्ट में शुक्रवार को सजा के बिंदु पर सुनवाई के दौरान जज से रिहाई की मांग की। उन्होंने दलील दी कि जिस महिला की मौत हुई वह उनकी भाभी जैसी थीं। उनकी हत्या का कोई इरादा नहीं था। गोली चलने से गलती से उनकी मौत हो गई थी।

वहीं, राजू सिंह के वकील ने दलील दी कि अच्छे आचरण के चलते उन्हें रिहा कर दिया जाए या फिर सजा में नरमी बरती जाए। ताकि उनकी विधायकी ना जा सके। हालांकि, कोर्ट ने उनकी एक दलील नहीं सुनी और 4 साल की सजा सुनाकर विधायक से पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश भी दे दिया।

राजू सिंह की विधायकी पर खतरा, साहेबगंज में हो सकते हैं उपचुनाव

अब राजू सिंह की विधायकी पर खतरा मंडरा गया है। जनप्रतिनिधित्व कानून के तहत 2 साल से अधिक की सजा होने पर विधानसभा सदस्यता स्वतः ही रद्द हो जाती है। कोर्ट का आदेश जल्द ही बिहार विधानसभा के स्पीकर के पास पहुंचेगा। नियमों के तहत स्पीकर को उनकी सदस्यता रद्द करनी होगी। हालांकि, अगर ऊपरी अदालत से राजू सिंह को सजा में राहत मिलती है तो उनकी विधायकी बरकरार रहेगी। अगर उनकी सदस्यता रद्द होती है तो साहेबगंज सीट पर 6 महीनों के भीतर उपचुनाव कराया जाएगा।

Jayesh Jetawat

लेखक के बारे में

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जयेश जेतावत एक अनुभवी, जुझारू एवं निष्पक्ष पत्रकार हैं। बीते 10 सालों से स्थानीय मुद्दों को कवर कर रहे हैं। राजनीतिक, सामाजिक और आपराधिक घटनाओं की रिपोर्टिंग एवं संपादन में महारत हासिल है। बिहार में पर्यटन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी गहरी पकड़ रखते हैं। तकनीकी रूप से निपुण जयेश, तथ्यों की बारीकी से जांच कर समयसीमा के भीतर पाठकों तक सटीक खबरें एवं शोध-परक विश्लेषण पहुंचाते हैं। जनसरोकार के मुद्दे उठाना, पेशेवर नैतिकता का पालन करना, समाज एवं मानव कल्याण के प्रति जिम्मेदारी, इन्हें और भी योग्य बनाती है। भाषा पर इनकी अच्छी पकड़ है। जटिल मुद्दों को पाठकों एवं दर्शकों तक आसान शब्दों में पहुंचाना इनकी खूबी है।

जयेश जेतावत मूलरूप से मेवाड़ क्षेत्र (राजस्थान) के रहने वाले हैं। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। इसके बाद ईटीवी भारत में बतौर प्रशिक्षु समाचार संपादक के रूप में काम शुरू किया। फिर इंडिया न्यूज के डिजिटल सेक्शन में विभिन्न बीट कवर की। इसके बाद, वे2न्यूज में बतौर टीम लीडर तीन राज्यों की कमान संभाली। साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े, तब से यहां बिहार की खबरों को कवर कर रहे हैं। जयेश ने टाइम्स ऑफ इंडिया, लाइव इंडिया न्यूज चैनल और सी-वोटर रिसर्च एजेंसी में इंटर्नशिप भी की। पटना से प्रकाशित मैगजीन राइजिंग मगध में समसामयिक विषयों पर इनके लेख छपते रहे हैं। समाचार लेखन के अलावा जयेश की साहित्यिक पठन एवं लेखन में रुचि है, सामाजिक मुद्दों पर कई लघु कथाएं लिख चुके हैं।

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