कौन हैं राजू सिंह जिन्हें बीजेपी ने मंत्री बनाया? लोजपा, जेडीयू और वीआईपी से भी रहे विधायक
राजू कुमार सिंह राजपूत जाति से आते हैं। वह साहेबगंज से बीजेपी के विधायक हैं और पहली बार नीतीश कैबिनेट में मंत्री बनाए गए हैं।

बिहार में चुनावी साल में हो रहे नीतीश कैबिनेट के विस्तार में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कोटे से 7 नए मंत्री बनाए गए हैं। इनमें मुजफ्फरपुर जिले के साहेबगंज से विधायक राजू सिंह उर्फ राजू कुमार सिंह का नाम भी शामिल है। राजू सिंह राजपूत जाति से आते हैं। 2020 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने मुकेश सहनी की विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) से चुनाव जीता था, बाद में वे बीजेपी में शामिल हो गए थे। इससे पहले वह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू और दिवंगत रामविलास पासवान की लोजपा से भी विधायक रह चुके हैं। वह उन पर हत्या और अपहरण जैसे गंभीर आरोप लग चुके हैं।
राजू सिंह का विवादों से नाता रहा है। साल 2019 में दिल्ली के एक फार्म हाउस में न्यू ईयर पार्टी के दौरान एक महिला की हवाई फायरिंग में गोली लगने से मौत हो गई थी। इस केस में राजू सिंह को गिरफ्तार किया गया था। उनपर मुजफ्फरपुर में आरजेडी नेता तुलसी प्रसाद यादव को अगवा कर मारपीट का भी आरोप लगा। इसके अलावा राजू सिंह पर कई अन्य मुकदमे दर्ज हैं।
राजू सिंह मूलरूप से मुजफ्फरपुर जिले के पारू प्रखंड के दाउद गांव के रहने वाले हैं। साल 2005 में वे साहेबगंज से पहली बार लोजपा के टिकट पर विधायक चुने गए। इसके बाद वे सीएम नीतीश की पार्टी में आ गए। दो बार जेडीयू से विधायक रहे। 2015 में जेडीयू छोड़कर वे बीजेपी में चले गए। हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा। 2020 में वे बीजेपी छोड़ मुकेश सहनी की वीआईपी से चुनाव लड़ा और जीते। हालांकि, उन्होंने बीजेपी में वापसी कर ली। उनकी पत्नी भी एमएलसी रह चुकी हैं।
लेखक के बारे में
Jayesh Jetawatजयेश जेतावत एक अनुभवी, जुझारू एवं निष्पक्ष पत्रकार हैं। बीते 10 सालों से स्थानीय मुद्दों को कवर कर रहे हैं। राजनीतिक, सामाजिक और आपराधिक घटनाओं की रिपोर्टिंग एवं संपादन में महारत हासिल है। बिहार में पर्यटन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी गहरी पकड़ रखते हैं। तकनीकी रूप से निपुण जयेश, तथ्यों की बारीकी से जांच कर समयसीमा के भीतर पाठकों तक सटीक खबरें एवं शोध-परक विश्लेषण पहुंचाते हैं। जनसरोकार के मुद्दे उठाना, पेशेवर नैतिकता का पालन करना, समाज एवं मानव कल्याण के प्रति जिम्मेदारी, इन्हें और भी योग्य बनाती है। भाषा पर इनकी अच्छी पकड़ है। जटिल मुद्दों को पाठकों एवं दर्शकों तक आसान शब्दों में पहुंचाना इनकी खूबी है।
जयेश जेतावत मूलरूप से मेवाड़ क्षेत्र (राजस्थान) के रहने वाले हैं। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। इसके बाद ईटीवी भारत में बतौर प्रशिक्षु समाचार संपादक के रूप में काम शुरू किया। फिर इंडिया न्यूज के डिजिटल सेक्शन में विभिन्न बीट कवर की। इसके बाद, वे2न्यूज में बतौर टीम लीडर तीन राज्यों की कमान संभाली। साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े, तब से यहां बिहार की खबरों को कवर कर रहे हैं। जयेश ने टाइम्स ऑफ इंडिया, लाइव इंडिया न्यूज चैनल और सी-वोटर रिसर्च एजेंसी में इंटर्नशिप भी की। पटना से प्रकाशित मैगजीन राइजिंग मगध में समसामयिक विषयों पर इनके लेख छपते रहे हैं। समाचार लेखन के अलावा जयेश की साहित्यिक पठन एवं लेखन में रुचि है, सामाजिक मुद्दों पर कई लघु कथाएं लिख चुके हैं।


