
राजेश राम की होगी छुट्टी! बिहार कांग्रेस में घमासान रोकेंगे राहुल गांधी, क्या है प्लान?
राजेश राम की कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पद से छुट्टी हो सकती है। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे की बिहार के नेताओं के साथ हुई बैठक में इस पर विचार किया गया।
बिहार विधानसभा चुनाव में हार के बाद प्रदेश कांग्रेस में तेज हुए घमासान को रोकने के लिए अब आलाकमान ने कमर कस ली है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत शीर्ष नेताओं ने बिहार के कांग्रेस विधायकों, एमएलसी, सांसद एवं अन्य नेताओं के साथ शुक्रवार को नई दिल्ली में बैठक की। इसमें कई नेताओं ने प्रदेश नेतृत्व को बदलने की मांग की। ऐसे में बिहार के कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम की छुट्टी होने की चर्चा तेज हो गई है। प्रदेश संगठन में घमासान रोकने के लिए राहुल गांधी ने प्लान भी बनाया है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व में बदलाव के लिए आलाकमान की ओर से एक सर्च कमिटी गठित की जाएगी। कमिटी की रिपोर्ट के आधार पर जून 2026 के बाद कोई निर्णय लिया जाएगा। शुक्रवार को दिल्ली में हुई बैठक के बाद बिहार के नेताओं ने इसके संकेत दिए हैं। इसके बाद राजेश राम की कुर्सी पर संकट मंडरा गया है।
प्रदेश कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि बैठक में कई नेताओं ने प्रदेश नेतृत्व के रवैये पर नाराजगी जताई। सूत्रों के मुताबिक, तारिक अनवर ने कहा कि जिसको भी संगठन की जिम्मेदारी दी जाए, उसमें अनुभव और योग्यता होनी चाहिए। सिर्फ जाति के आधार पर किसी की नियुक्ति नहीं होनी चाहिए। वहीं, एक एमएलसी ने भी पूर्व पीएम इंदिरा गांधी के नारे ‘जात पर न पात पर मुहर लगेगी हाथ पर’, की तर्ज पर चलने की अपल की।
दरअसल, बिहार कांग्रेस में एक गुट प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम और प्रदेश प्रभारी कृष्णा अल्लावरु के खिलाफ मोर्चा खोले हुए है। चुनाव से पहले उन पर टिकट बंटवारे में हेराफेरी का आरोप लगाया गया। बिहार चुनाव में जब पार्टी का प्रदर्शन शर्मनाक रहा तो नाराज गुट का विरोध और तेज हो गया। गुट के नेताओं ने पटना से लेकर दिल्ली तक दोनों नेताओं को हटाने की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन शुरू हुए।
नई दिल्ली में शुक्रवार को हुई राहुल-खरगे की बैठक में बिहार के सभी 6 कांग्रेस विधायक, सभी एमएलसी, सांसद शामिल हुए। इसके अलावा, केसी वेणुगोपाल, अखिलेश प्रसाद सिंह, रंजीत रंजन, कन्हैया कुमार, राजेश राम, कृष्णा अल्लावरु, मदन मोहन झा भी मौजूद रहे।
विधायकों से नाराजगी के बारे में सवाल
इस बैठक में राहुल और खरगे ने पार्टी के सभी 6 विधायकों से नाराजगी पर सवाल किए। सूत्रों के मुताबिक, सभी विधायकों ने एक सुर में कहा कि उन्हें कोई नाराजगी नहीं है। दरअसल, पिछले कुछ दिनों से एनडीए के नेताओं द्वारा कांग्रेस विधायकों के पाला बदलने के दावे किए जा रहे थे।
विधायक दल के नेता का चयन नहीं हुआ
बिहार विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता का चयन इस बैठक में नहीं हो पाया। आलाकमान ने यह काम विधायकों पर ही छोड़ दिया है। बैठक में कहा गया कि सभी विधायक मिलकर एक नाम तय कर दें, उन्हें विधायक दल का नेता चुन लिया जाएगा।
आरजेडी से गठबंधन तोड़ने की मांग
इस बैठक में अधिकतर विधायक और नेताओं ने बिहार में आरजेडी के साथ गठबंधन तोड़ने की भी वकालत की। पार्टी नेताओं का कहना है कि आरजेडी के साथ रहने पर कांग्रेस नेता असहज हैं। हालांकि, बैठक में इस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया। माना जा रहा है कि इस पर भविष्य में कोई कदम उठाया जा सकता है।
समन्वय कमिटी बनेगी
बैठक में प्रदेश संगठन को मजबूत करने पर चर्चा की गई। राज्यसभा सांसद रंजीता रंजन ने प्रदेश कांग्रेस में समन्वय की कमी का मुद्दा उठाया। इसके बाद संगठन और विधायकों के बीच समन्वय के लिए एक कमिटी का गठन करने पर सहमति बनाई गई। साथ ही, पार्टी लाइन से हटकर बयानबाजी करने वाले नेताओं पर भी सख्त कार्रवाई के संकेत दिए गए। इस बैठक को बिहार कांग्रेस में लंबे समय से चल रही गुटबाजी और असंतोष को खत्म करने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है।

लेखक के बारे में
Jayesh Jetawatजयेश जेतावत बिहार में राजनीतिक, सामाजिक और आपराधिक घटनाओं पर गहराई से नजर रखते हैं। बीते 10 सालों से स्थानीय मुद्दों को कवर कर रहे हैं। बिहार में पर्यटन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर के मुद्दे पर भी गहरी पकड़ रखते हैं। जयेश मूलरूप से मेवाड़ क्षेत्र (राजस्थान) के रहने वाले हैं और लाइव हिन्दुस्तान में 4 साल से बिहार टीम का हिस्सा हैं। इससे पहले ईटीवी भारत, इंडिया न्यूज, वे2न्यूज और टाइम्स ऑफ इंडिया में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। समाचार लेखन के अलावा साहित्यिक पठन-लेखन में रुचि है।
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