किऊल-झाझा तीसरी रेल लाइन के निर्माण को मंजूरी, 961 करोड़ में बिछेगा 54 किमी लंबा ट्रैक
रेलवे ने किऊल और झाझा के बीच तीसरी रेल लाइन को मंजूरी दे दी है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिखकर मंगलवार को यह जानकारी दी। सीएम ने केंद्र सरकार का आभार जताया है।

केंद्र सरकार ने बिहार में किऊल और झाझा के बीच तीसरी रेल लाइन के निर्माण कार्य को मंजूरी दे दी है। 961 करोड़ रुपये की लागत से 54 किलोमीटर लंबा रेलवे ट्रैक बिछाया जाएगा। यह डीडीयू-झाझा कॉरिडोर का हिस्सा है। इसका निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को इस बारे में जानकारी साझा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार जताया है।
सीएम ने कहा कि बिहार के रेल यात्रियों के लिए यह बड़ी सौगात है। यह महत्वपूर्ण परियोजना बिहार में रेल इंफ्रास्ट्रक्चर को नई मजबूती प्रदान करेगी। इससे रेल यातायात सुगम होगा, उद्योग एवं व्यापार को गति मिलेगी और बिहार की आर्थिक प्रगति को नया आयाम मिलेगा।
सम्राट चौधरी ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा उन्हें मंगलवार को लिखे एक पत्र को भी सोशल मीडिया पर साझा किया। इसमें रेल मंत्री ने मुख्यमंत्री से कहा, "पूर्व में आपसे हुई चर्चा के बाद जनसुविधा के लिए किऊल झाझा के बीच तीसरी रेल लाइन के निर्माण कार्य को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।"
किऊल झाझा के बीच तीसरी रेल लाइन के निर्माण पर कुल 961.71 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इनमें से 663.04 से रेलवे ट्रैक, फ्लाईओवर जैसे काम किए जाएंगे। 76 करोड़ का बजट इलेक्ट्रिक और ट्रैक्शन के लिए रखा गया है, जबकि 221.63 करोड़ रुपये से सिग्नलिंग और टेलीकम्युनिकेशन का काम होगा।
डीडीयू से झाझा प्रोजेक्ट का हिस्सा
बता दें कि किऊल-झाझा तीसरी लाइन डीडीयू-झाझा प्रोजेक्ट का हिस्सा है। उत्तर प्रदेश के दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन से बिहार के जमुई जिले में झारखंड सीमा पर स्थित झाझा स्टेशन तक तीसरी और चौथी रेल लाइन का निर्माण किया जा रहा है। इस पूरे कॉरिडोर को कई हिस्सों में बांटा गया है, जिसकी कुल लागत लगभग 17 हजार करोड़ रुपये है। इसके तहत कुल 400 किलोमीटर का रेलवे ट्रैक बिछाया जा रहा है।
डीडीयू से झाझा के बीच डबल रेल लाइन को विस्तार दिया जा रहा है। इसके तहत डीडीयू से किऊल तक तीसरी और चौथी रेल लाइन का निर्माण किया जा रहा है। वहीं, किऊल से झाझा तक सिर्फ तीसरी रेल लाइन बिछाई जाएगी, जिसकी मंजूरी हाल ही में मिली है।
इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से दिल्ली-हावड़ा रूट पर ट्रेनों की लेटलतीफी से राहत मिलेगी। नई लाइनों के जुड़ने से आउटर पर सिग्नल के लिए ट्रेनों का इंतजार खत्म होगा। यात्री और मालगाड़ी की ट्रेनों के लिए अलग-अलग ट्रैक उपलब्ध हो सकेंगे। इससे मालगाड़ियों की रफ्तार भी बढ़ेगी और क्षेत्र का औद्योगिक विकास हो सकेगा।
लेखक के बारे में
Jayesh Jetawatजयेश जेतावत एक अनुभवी, जुझारू एवं निष्पक्ष पत्रकार हैं। बीते 10 सालों से स्थानीय मुद्दों को कवर कर रहे हैं। राजनीतिक, सामाजिक और आपराधिक घटनाओं की रिपोर्टिंग एवं संपादन में महारत हासिल है। बिहार में पर्यटन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी गहरी पकड़ रखते हैं। तकनीकी रूप से निपुण जयेश, तथ्यों की बारीकी से जांच कर समयसीमा के भीतर पाठकों तक सटीक खबरें एवं शोध-परक विश्लेषण पहुंचाते हैं। जनसरोकार के मुद्दे उठाना, पेशेवर नैतिकता का पालन करना, समाज एवं मानव कल्याण के प्रति जिम्मेदारी, इन्हें और भी योग्य बनाती है। भाषा पर इनकी अच्छी पकड़ है। जटिल मुद्दों को पाठकों एवं दर्शकों तक आसान शब्दों में पहुंचाना इनकी खूबी है।
जयेश जेतावत मूलरूप से मेवाड़ क्षेत्र (राजस्थान) के रहने वाले हैं। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। इसके बाद ईटीवी भारत में बतौर प्रशिक्षु समाचार संपादक के रूप में काम शुरू किया। फिर इंडिया न्यूज के डिजिटल सेक्शन में विभिन्न बीट कवर की। इसके बाद, वे2न्यूज में बतौर टीम लीडर तीन राज्यों की कमान संभाली। साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े, तब से यहां बिहार की खबरों को कवर कर रहे हैं। जयेश ने टाइम्स ऑफ इंडिया, लाइव इंडिया न्यूज चैनल और सी-वोटर रिसर्च एजेंसी में इंटर्नशिप भी की। पटना से प्रकाशित मैगजीन राइजिंग मगध में समसामयिक विषयों पर इनके लेख छपते रहे हैं। समाचार लेखन के अलावा जयेश की साहित्यिक पठन एवं लेखन में रुचि है, सामाजिक मुद्दों पर कई लघु कथाएं लिख चुके हैं।


