राबड़ी देवी की तबीयत खराब, मिलने पहुंचे बेटे तेज प्रताप यादव; लालू परिवार ने लौटाई है सुरक्षा
आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की पत्नी एवं पूर्व सीएम राबड़ी देवी की तबीयत खराब है। तेज प्रताप यादव राबड़ी आवास पहुंचे। बहुत देर तक वह अंदर रहे। बाहर निकलकर उन्होंने कहा कि मां बीमार हैं।

बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की तबीयत खराब हो गई है। उनके बड़े बेटे एवं जनशक्ति जनता दल (JJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव शनिवार दोपहर को उनसे मिलने पहुंचे। तेज प्रताप ने कहा कि उनकी मां बीमार हैं, इसलिए मिलने आए। दूसरी ओर, लालू परिवार ने सुबह सरकार की ओर से मुहैया कराई गई सुरक्षा को वापस कर दिया। राबड़ी आवास में तैनात गार्ड को लौटा दिया गया। सम्राट सरकार ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और उनकी पत्नी राबड़ी की जेड प्लस सुरक्षा खत्म कर बिहार पुलिस की विशेष सुरक्षा दी थी। तेज प्रताप की सुरक्षा में भी कटौती कर उन्हें सिर्फ एक बॉडीगार्ड दिया गया है।
तेज प्रताप यादव शनिवार को पटना के 10 सर्कुलर रोड स्थित राबड़ी आवास पहुंचे। बहुत देर तक वह अंदर रहे। इसके बाद बाहर निकलने पर उन्होंने मीडिया से बातचीत की। उन्होंने लालू परिवार द्वारा सरकारी सुरक्षा वापस किए जाने की बात को नकार दिया। साथ ही कहा कि राबड़ी देवी की तबीयत ठीक नहीं है। हालांकि, आरजेडी की ओर से अभी तक राबड़ी देवी के खराब स्वास्थ्य को लेकर कोई जानकारी नहीं दी गई है। बताया जा रहा है कि वह फिलहाल अपने आवास में ही स्वास्थ्य लाभ ले रही हैं।
राबड़ी आवास से निकले तेज प्रताप ने पत्रकारों से कहा, "सिक्योरिटी किसी ने वापस नहीं की है। सुरक्षा गार्ड दबाव में थे। वो बार-बार कमांड दिखा रहे थे कि हमको कमांड काट दिया गया है। माताजी (राबड़ी देवी) ने कोई सिक्योरिटी नहीं हटाई है। वह अस्वस्थ चल रही हैं, उन्हें देखने आया था। बिहार की बहू-बेटियों को सुरक्षा की सबसे ज्यादा जरूरत है। सबसे पहले उनकी सुरक्षा जरूरी है।"
आरजेडी प्रवक्ता बोले- लालू परिवार ने वापस कर दी सुरक्षा
आरजेडी के प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने सुबह मीडिया से बातचीत में कहा कि लालू परिवार के सदस्यों ने सरकारी सुरक्षा वापस कर दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बार-बार आरजेडी के शीर्ष नेताओं का अपमान कर रही है, इससे वे आहत हैं। अब आरजेडी के नेता और कार्यकर्ता ही उनकी सुरक्षा का जिम्मा संभालेंगे। सुरक्षा लौटाए जाने के बाद राबड़ी आवास के बाहर आरजेडी के कार्यकर्ता भी जमा हो गए।
बता दें कि दो दिन पहले सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली बिहार सरकार ने लालू परिवार के सदस्यों की सुरक्षा घटा दी थी। लालू यादव और राबड़ी देवी की जेड प्लस सुरक्षा को खत्म कर दिया गया और उन्हें बिहार पुलिस की विशेष सुरक्षा दी गई। इसी तरह जेजेडी चीफ तेज प्रताप यादव की वाई श्रेणी की सुरक्षा भी खत्म कर दी गई। इसके बाद से सियासी घमासान छिड़ा हुई हुआ है।
दूसरी ओर, 10 सर्कुलर रोड आवास खाली करने को लेकर सम्राट सरकार राबड़ी देवी को नोटिस भी दे चुकी है। यह बंगला मंत्री नंदकिशोर राम को आवंटित किया गया है। राबड़ी देवी को बिहार विधान परिषद की नेता प्रतिपक्ष होने के नाते 39 हार्डिंग रोड का बंगला दिया गया है। हालांकि, पिछले दिनों उन्होंने मौजूदा सरकारी आवास खाली करने से इनकार कर दिया था।
लेखक के बारे में
Jayesh Jetawatजयेश जेतावत एक अनुभवी, जुझारू एवं निष्पक्ष पत्रकार हैं। बीते 10 सालों से स्थानीय मुद्दों को कवर कर रहे हैं। राजनीतिक, सामाजिक और आपराधिक घटनाओं की रिपोर्टिंग एवं संपादन में महारत हासिल है। बिहार में पर्यटन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी गहरी पकड़ रखते हैं। तकनीकी रूप से निपुण जयेश, तथ्यों की बारीकी से जांच कर समयसीमा के भीतर पाठकों तक सटीक खबरें एवं शोध-परक विश्लेषण पहुंचाते हैं। जनसरोकार के मुद्दे उठाना, पेशेवर नैतिकता का पालन करना, समाज एवं मानव कल्याण के प्रति जिम्मेदारी, इन्हें और भी योग्य बनाती है। भाषा पर इनकी अच्छी पकड़ है। जटिल मुद्दों को पाठकों एवं दर्शकों तक आसान शब्दों में पहुंचाना इनकी खूबी है।
जयेश जेतावत मूलरूप से मेवाड़ क्षेत्र (राजस्थान) के रहने वाले हैं। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। इसके बाद ईटीवी भारत में बतौर प्रशिक्षु समाचार संपादक के रूप में काम शुरू किया। फिर इंडिया न्यूज के डिजिटल सेक्शन में विभिन्न बीट कवर की। इसके बाद, वे2न्यूज में बतौर टीम लीडर तीन राज्यों की कमान संभाली। साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े, तब से यहां बिहार की खबरों को कवर कर रहे हैं। जयेश ने टाइम्स ऑफ इंडिया, लाइव इंडिया न्यूज चैनल और सी-वोटर रिसर्च एजेंसी में इंटर्नशिप भी की। पटना से प्रकाशित मैगजीन राइजिंग मगध में समसामयिक विषयों पर इनके लेख छपते रहे हैं। समाचार लेखन के अलावा जयेश की साहित्यिक पठन एवं लेखन में रुचि है, सामाजिक मुद्दों पर कई लघु कथाएं लिख चुके हैं।


