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23 सितम्बर, 2020|7:47|IST

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नदी कटाव से विस्थापित महिलाएं मदद की आस में.

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अमौर प्रखंड क्षेत्र से होकर बहने वाली महानंदा, कनकई, परमान व बकरा नदियों के प्रकोप से प्रतिवर्ष होने वाले भीषण कटाव का सिलसिला इस साल भी जारी है। इस क्षेत्र में इस बार सबसे अधिक यदि कही भीषण कटान से तबाही हुई है तो वह कनकई नदी के मुहाने बसे ज्ञानडोव पंचायत के अन्तर्गत आने वाला शीमलबाड़ी नगराटोला है। इस बार लगभग 700 मीटर क्षेत्र नदी कटाव की भेंट चढ़ गया जिसमें एक सौ से अधिक परिवार प्रभावित हुए हैं। इन सभी का सब कुछ नदी कटाव में विलीन हो गया है। ऐसी निःसहाय महिलाओं में मरजीना, नूरसदी, शाहीन, अंशो, हल्लो, अजमेरी खातून आदि ने बताया कि दो माह पहले घर नदी मे विलीन हो गया। तब से छोटे छोटे बच्चों के साथ किसी तरह सड़कों के किनारे गुजर बसर कर रहे हैं। गांव के ही कुछ लोगों के यहां कामकाज कर बच्चों का पेट भर रहे हैं। सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि दो माह होने को है और अभी तक सिर्फ पॉलीथिन दिया गया है। जिला परिषद प्रतिनिधि मो अफरोज आलम ने कहा कि नदी कटाव से प्रभावित परिवारों का गुजर बसर किसी तरह से हो रहा है। वही इस संबंध में अंचलाधिकारी अनुज कुमार ने बताया कि शीमल बाड़ी नगराटोला में अभी भी कुछ प्रभावित परिवारों के द्वारा आवश्यक कागजात नहीं दिया गया है जिसको लेने की प्रक्रिया जारी है। सभी को मदद की जाएगी।

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  • Web Title:Women displaced by river erosion help in hope