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आज से बदलेगा मौसम, कल से मानसूनी बारिश

पूर्णिया, हिंदुस्तान संवाददाता। पूर्णिया, हिंदुस्तान संवाददाता। 20 जून से मानसून प्रवेश करेगा। इसके साथ ही वर्षा भी शुरू हो जाएगी जो लगातार एक...

आज से बदलेगा मौसम, कल से मानसूनी बारिश
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हिन्दुस्तान टीम,पूर्णियाTue, 18 Jun 2024 12:46 AM
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पूर्णिया, हिंदुस्तान संवाददाता। 20 जून से मानसून प्रवेश करेगा। इसके साथ ही वर्षा भी शुरू हो जाएगी जो लगातार एक सप्ताह तक जारी रह सकती है। 19 जून को मानसून का रुख बंगाल से बिहार की ओर होगा। सबसे ज्यादा झमाझम बारिश के आसार 22 जून को बताया जा रहा है। मंगलवार को मौसम करवट बदलेगा। ऐसा लक्षण दो दिनों से दिख रहा है। दिनों दिन आसमान में बादल का घनत्व बढ़ता नजर आ रहा है। हालांकि मानसूनी वर्षा का आगाज 20 जून से संभावित है लेकिन मौसम अभी से रुख बदल रहा है। ऐसा इसलिए कि उत्तर बिहार से लेकर दक्षिण बिहार तक टर्फ लाइन गुजर रहा है। दूसरा असम के पास एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है जिसके कारण मौसम में बदलाव दिख रहे हैं। कल यानी मंगलवार को मौसम का बदलाव ज्यादा दिखेगा। कहीं-कहीं हल्की वर्षा भी हो सकती है।

...कहीं धूप कहीं छांव वाली हालत:-

मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार उत्तर पूर्वी बिहार में आद्रता भरी पुरवइया हवा तीन दिनों से चल रही है। इसके कारण यहां मौसम सुहाना है तो दक्षिणी एवं पश्चिमी बिहार में हीट वेव चल रहा है। मौसम विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि लगभग 70 फ़ीसदी जिले हीट वेव की जद में है। सिर्फ पूर्वी और उत्तरी बिहार के 7-8 जिले इससे बचे हुए हैं।

...तीन दिनों से लटका है बादल:-

भीषण गर्मी के बाद पूर्णिया समेत पूरे सीमांचल में लोगों ने गर्मी से राहत महसूस किया है। लगातार आद्रता भरी पुरवइया हवा चल रही है और आसमान में बादल छाए हुए हैं। प्रमंडल में तीन दिनों से आसमान में बादल है। पुरवइया हवा पिछले 24 घंटे से लगातार 7 से 8 किलोमीटर प्रति घंटा की चाल से चल रही है। सोमवार को अधिकतम तापमान 2 डिग्री सेल्सियस नीचे गिर कर 32.2 डिग्री सेल्सियस हो गया है और न्यूनतम तापमान 27.5 डिग्री सेल्सियस पर अटक गया।

...खेतों में बिचड़ा गिराने की तैयारी तेज:-

धान की खेती करने वाले किसान अनुकूल मौसम की संभावना को देखते हुए बिचड़ा गिराने के लिए तैयारी कर रहे हैं। ऐसा अनुमान किया जा रहा है कि इस साल मानसून की वर्षा अच्छी होगी और धाम की फसल भी बेहतर होने के उम्मीद है। अगर वर्षा होती है तो निश्चित रूप से 10 हेक्टेयर में धान की रोपनी होगी। इसके अलावा इन दिनों पूरे सीमांचल में मखाना की खेती बड़े पैमाने पर होने लगी है। आने वाले समय में मानसून के तेवर को देखकर मखाना किसानों के मन में लड्डू फूट रहा है।

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