
-बोले पूर्णिया:ट्रैफिक जाम से निजात के लिए फ्लाईओवर की मांग
-बोले पूर्णिया:इंट्रो: -नये साल की दस्तक के साथ ही पूर्णिया शहर के लोगों की निगाहें विकास की उन योजनाओं पर टिकी हैं, जो शहर को जाम और अव्यवस्थित याताय
तेजी से विकसित हो रहे पूर्णिया शहर में अब यातायात व्यवस्था सबसे बड़ी चुनौती बनती जा रही है। बढ़ती जनसंख्या, लगातार बढ़ रही वाहनों की संख्या और शहर के व्यावसायिक विस्तार ने ट्रैफिक प्रबंधन को जटिल बना दिया है। ऐसे में शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर ओवरब्रिज (फ्लाईओवर) की आवश्यकता अब सिर्फ मांग नहीं, बल्कि समय की जरूरत बन चुकी है। विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों का मानना है कि केवल अतिक्रमण हटाकर ट्रैफिक प्रेशर को पूरी तरह खत्म कर पाना संभव नहीं है, क्योंकि शहर का फैलाव और यातायात का दबाव लगातार बढ़ रहा है। पिछले कुछ वर्षों में पूर्णिया ने विकास के कई नए आयाम छुए हैं।
यहां एयरपोर्ट की शुरुआत हो चुकी है, एक रेलवे जंक्शन के साथ-साथ दूसरा रेलवे स्टेशन भी कार्यरत है। इसके अलावा इंटरनेशनल बस स्टैंड की योजना पर भी काम चल रहा है। शहर को जोड़ने और ट्रैफिक को सुगम बनाने के लिए बाईपास रोड के चौड़ीकरण की बात भी चल रही है। इन सभी योजनाओं से यह स्पष्ट है कि पूर्णिया अब एक हाईटेक और आधुनिक शहर की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। लेकिन बुनियादी ट्रैफिक ढांचे के अभाव में विकास की रफ्तार कई जगहों पर बाधित हो रही है। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर रोजाना ट्रैफिक जाम की स्थिति बनना आम हो गया है। खासकर मरंगा चौक, नेवालाल चौक और उफरैल चौक पर स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर रहती है। स्थानीय लोगों के अनुसार नेवालाल चौक और उफरैल चौक पर दिन के 10 बजे से लेकर दोपहर और फिर शाम 4 से 5 बजे के बीच ट्रैफिक का दबाव चरम पर होता है। इस दौरान पैदल चलना तो दूर, सड़क पार करना भी जोखिम भरा हो जाता है। छोटे वाहनों से लेकर भारी ट्रकों और बसों तक की आवाजाही एक साथ होने से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। ओवरब्रिज के अभाव में सड़क पार करने वाले लोग आए दिन दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। खासकर बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। बाईपास रोड के किनारे स्थित स्कूलों के बच्चे रोजाना जान जोखिम में डालकर सड़क पार करने को मजबूर हैं। तेज रफ्तार वाहनों के बीच स्कूली बच्चों का सड़क पार करना अभिभावकों के लिए भी गंभीर चिंता का विषय बन गया है। कई अभिभावकों का कहना है कि बच्चों को स्कूल भेजते समय मन में हमेशा अनहोनी का डर बना रहता है। स्थानीय सामाजिक संगठन जनहित मोर्चा ने कई बार मरंगा चौक, नेवालाल चौक और उफरैल चौक पर ओवरब्रिज की मांग उठाई है। इसके बावजूद अब तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है। बुद्धिजीवियों का कहना है कि यदि समय रहते इन चौक-चौराहों पर ओवरब्रिज का निर्माण नहीं किया गया तो आने वाले वर्षों में स्थिति और भी भयावह हो सकती है। सात जगहों पर फ्लाईओवर बनाने चर्चा हुई थी एक दशक से भी पहले शहर के विभिन्न चौक चौराहा पर ओवर ब्रिज की जरूर की चर्चा हुई थी। उस समय तत्कालीन परिवहन पदाधिकारी अरुण कुमार ने दिलचस्पी ली थी और सरकार को सात जगहों पर बायपास रोड एवं शहर के मुख्य रोड पर ओवर ब्रिज की जरूरत से संबंधित पत्र लिखकर अवगत कराया था। उन्होंने उस समय दूरगामी सोच का परिचय दिया था। उनके तबादले के बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया। उन्होंने लिखा था कि पूर्णिया में जिस तरह से ट्रैफिक प्रेशर बढ़ रहा है और जनसंख्या बढ़ रही है उस हिसाब से कम से कम 07 जगह ओवर ब्रिज जरूरी है। उनकी बात को लेकर बाद के वर्षों में सदर विधायक विजय खेमका ने जगह-जगह ओवर ब्रिज और फुट ओवर ब्रिज बनाने के लिए सदन में भी आवाज उठाई थी। उस समय इसकी बहुत ज्यादा जरूरत शायद किसी को समझ में नहीं आई तो मामला जहां का तहां रह गया। शिकायत 1. बायपास रोड के चौक चौराहा पर रहती है वाहनों की लंबी कतार, स्कूली बच्चों संग लोगों को सड़क पार करने में परेशानी होती है 2. उफरैल चौक पर इन दिनों लगी रहती है भारी वाहनों की जमघट, भारी वाहनों के चलने से रोड पार करना किसी मुसीबत से कम नहीं 3. छोटे वाहनों से लेकर भारी ट्रकों और बसों तक की आवाजाही एक साथ होने से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। 4. ओवरब्रिज के अभाव में सड़क पार करने वाले लोग दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं बुजुर्ग, महिलाएं व बच्चेे ज्यादा प्रभावित 5. अतिक्रमण हटाने के बावजूद भी रोड से नहीं घट रहा ट्रैफिक प्रेशर जीरो माइल चौक पर भी रहता है रोड क्रॉस करने का खतरा सुझाव 1. बाईपास रोड पर मरंगा, उफरैल व नेवालाल चौक पर ओवर ओवर ब्रिज बन जाए तो हो जाएगा समस्या का समाधान 2. उफरैल चौक पर बढ़ रही ट्रैफिक प्रेशर कंट्रोल करने के लिए अविलंब यातायात पुलिस की व्यवस्था की जाए 3. ओवरब्रिज बनने से जाम की समस्या काफी हद तक खत्म होगी, लोगों को समय पर गंतव्य तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी 4. ट्रैफिक प्रेशर घटाने के लिए सिर्फ अतिक्रमण हटाने से काम नहीं चलेगा बल्कि ओवर ब्रिज बनाना पड़ेगा,तभी सुविधा मिलेगी 5. ट्रैफिक सर्वे कराकर प्राथमिकता के आधार पर व्यस्ततम चौक चौराहा पर ओवरब्रिज निर्माण की योजना बनाई जाए हमारी भी सुनें : ----------- 1. शहर में ट्रैफिक का दबाव लगातार बढ़ रहा है। ओवरब्रिज बनने से जाम की समस्या काफी हद तक खत्म होगी और लोगों को समय पर गंतव्य तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी। प्रमोद कुमार 2. व्यस्ततम चौक शहर की सबसे बड़ी समस्या हैं। ओवरब्रिज बनने से रोजाना लगने वाले जाम से राहत मिलेगी। इसके साथ ही लोगों को रोड क्रॉस करने की समस्या से निजात मिलेगी। मणि कुमार दास 3. बढ़ती आबादी और बढ़ती वाहनों की संख्या को देखते हुए ओवरब्रिज अब शहर की जरूरत बन चुका है। इससे भविष्य की दूरगामी ट्रैफिक समस्या भी नियंत्रित होगी। शंभू प्रसाद शाह 4. जाम के कारण सबसे ज्यादा परेशानी आम लोगों को होती है। ओवरब्रिज बनने से समय और ईंधन दोनों की बचत होगी। स्कूली बच्चों को रोड क्रॉस करने में सहूलियत होगी। मुन्ना यादव 5. ट्रैफिक जाम के चलते कई बार एंबुलेंस तक फंस जाती है। ओवरब्रिज बनने से आपात सेवाओं को काफी सहूलियत मिलेगी। सरकार से उम्मीद है कि ओवर ब्रिज जरूर मिलेगा। गणेश फौजी 6. ओवरब्रिज केवल सुविधा नहीं बल्कि शहर के विकास का प्रतीक है। इससे शहर की छवि भी बेहतर होगी। इसके लिए अधिकारी और जनप्रतिनिधि दोनों को मिलकर काम करना पड़ेगा। अखिलेश पोद्दार 7. पैदल यात्रियों के लिए सड़क पार करना जोखिम भरा हो गया है। ओवरब्रिज बनने से हादसों में कमी आएगी। हम लोग आस लगाए बैठे हैं कि ओवर ब्रिज जल्द से जल्द बने। जगरनाथ ठाकुर 8. व्यापारिक इलाकों में जाम के कारण कारोबार प्रभावित होता है। ओवरब्रिज बनने से बाजार तक पहुंचाना आसान हो जाएगा। शहर की रौनक भी बढ़ जाएगी। राकेश यादव 9. रोजाना ऑफिस जाने वालों को ट्रैफिक से जूझना पड़ता है। ओवरब्रिज से यात्रा सुगम और तेज़ होगी। अनावश्यक समय खर्च नहीं होगा और रोड क्रॉस करने का तनाव भी नहीं रहेगा। अमनदीप शर्मा 10. शहर अब तेजी से विस्तार कर रहा है। ऐसे में ओवरब्रिज भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर जरूरी है। रोड पर बाइक चलाने वाले की परेशानी कम हो जाएगी। रोमन कुमार 11. जाम के कारण वाहन चालकों का धैर्य टूटता है और हादसे बढ़ते हैं। ओवरब्रिज बनने से ट्रैफिक अनुशासित होगा। भारी वाहनों को भी आगे बढ़ने में सहूलियत होगी। सोनू सिंह 12. स्कूल-कॉलेज जाने वाले बच्चों को भी ट्रैफिक से खतरा रहता है। अभिभावकों को चिंता लगी रहती है। ओवरब्रिज बनने से उनकी सुरक्षा बढ़ेगी। बच्चों के महिला अभिभावक निश्चिंत रहेंगे। पंचू दास 13. शहर में कई ऐसे चौक हैं जहां घंटों जाम लगता है। ओवरब्रिज से इन इलाकों को बड़ी राहत मिलेगी। हर हाल में नेवालाल चौक पर ओवर ब्रिज बनाना बिल्कुल जरूरी है। उमेश राय 14. लंबे समय से ओवरब्रिज की मांग की जा रही है। अब इसे प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाना चाहिए। इसको लेकर कई बार बुद्धिजीवियों की बैठक भी हुई और प्रदर्शन भी हुए। राजू चौधरी 15. ओवरब्रिज बनने से न केवल ट्रैफिक सुधरेगा बल्कि शहर की रफ्तार और विकास दोनों को गति मिलेगी। मेट्रो सिटी के रूप में विकसित हो रहे पूर्णिया शहर को एक नया लुक भी मिल जाएगा। सिकंदर शर्मा ------------------------------ -बोले जिम्मेवार:1- -जनहित मोर्चा के बैनर तले कई बार नेवालाल चौक पर ओवरब्रिज के विषय पर बैठक और शांतिपूर्ण प्रदर्शन भी किया गया है। यह मांग जनता की है। सरकार को भी लिखा गया है। निगम समेत विभिन्न जगह पर भी आवेदन दिया गया है। जनप्रतिनिधियों से आश्वासन भी मिला है। उम्मीद है कि नए साल में नेवालाल चौक और उसका फल रैली चौक पर ओवर ब्रिज जरूर बनेगा। -अशोक महतो, संयोजक, जनहित मोर्चा -बोले जिम्मेवार:2- -पूर्णिया अब मेट्रो सिटी के रूप में डेवलप हो रहा है। यहां पर बड़ी संख्या में वाहनों की आवाजाही हो रही है। लगभग सभी मुख्य रोड काफी अस्त-व्यस्त दिखाई देते हैं। ऐसी स्थिति में चौक चौराहों पर ओवर ब्रिज बनाना बिल्कुल जरूरी है इसके लिए जनहित में आवाज उठाई जाएगी और संबंधित मंत्रालय से भी बात की जाएगी। राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव, सांसद, पूर्णिया -प्रस्तुति: भूषण

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