चुनावी रौनक में जाम बना सिरदर्द, थम जाती है बाजार की रफ्तार

चुनावी रौनक में जाम बना सिरदर्द, थम जाती है बाजार की रफ्तार

संक्षेप:

जलालगढ़, एक संवाददाता। चुनावी माहौल में जलालगढ़ बाजार की सड़कों पर शाम होते ही हालात बिगड़ जाते हैं।

Nov 05, 2025 01:36 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, पूर्णिया
share

जलालगढ़, एक संवाददाता। चुनावी माहौल में जलालगढ़ बाजार की सड़कों पर शाम होते ही हालात बिगड़ जाते हैं। भीड़, जुलूस, प्रचार वाहन और सड़क किनारे के अतिक्रमण ने बाजार की रफ्तार थाम दी है। कई बार स्थिति ऐसी हो जाती है कि राहगीरों को आधे से एक घंटे तक जाम में फंसे रहना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शाम के समय विभिन्न राजनीतिक पार्टियों की गाड़ियां और समर्थकों की भीड़ सड़कों पर जमा हो जाती है। इस कारण सामान्य आवागमन बाधित होता है। अगर इसी दौरान रेलवे गुमटी बंद हो जाए तो धर्मशाला तक लंबा जाम लग जाता है।

LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें।

बड़े वाहनों के बीच में फंस जाने पर तो दोनों ओर वाहनों की कतारें लग जाती हैं जिससे हालात और बिगड़ जाते हैं। स्थानीय डॉ. प्रमोद दुबे, कामेश्वर जमादार, दीपक चौहान, संदीप अग्रवाल, कुंदन कुणाल और आकाश अंसारी समेत कई स्थानीय लोगों ने प्रशासन से शाम के समय बाजार क्षेत्र में पुलिस बल की नियमित तैनाती की मांग की है। उनका कहना है कि जाम के कारण बीमार और गर्भवती महिलाओं को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। लोगों का आरोप है कि प्रशासन की ढिलाई से ही जाम की स्थिति बार-बार बनती है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो चुनावी भीड़ के साथ बाजार की यह समस्या और विकराल रूप ले सकती है।