तीन दिवसीय संतमत सत्संग संपन्न, भक्ति और अध्यात्म से गुंजायमान रहा सतकोदरिया
हरदा, एक संवाददाता। नगर प्रखंड के ठाकुर स्थान सतकोदरिया प्रांगण में आयोजित तीन दिवसीय संतमत सत्संग सोमवार को श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हो गया।

हरदा, एक संवाददाता। नगर प्रखंड के ठाकुर स्थान सतकोदरिया प्रांगण में आयोजित तीन दिवसीय संतमत सत्संग सोमवार को श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हो गया। तीन दिनों तक चले इस आध्यात्मिक आयोजन में आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटे और सत्संग का लाभ उठाया। मुख्य वक्ता संत परमानंद बाबा ने अपने प्रवचन में कहा कि आत्मा अमर है और मानव जीवन अत्यंत दुर्लभ है। 84 लाख योनियों से गुजरने के बाद मनुष्य जन्म प्राप्त होता है, इसलिए इसे सार्थक बनाना ही जीवन का उद्देश्य होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सत्संग मनुष्य को सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है और गुरु ही आत्मा व परमात्मा का सच्चा ज्ञान कराते हैं।
प्रवचन के दौरान भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण के जीवन प्रसंगों का उल्लेख करते हुए बताया गया कि अवतार स्वरूप होने के बावजूद उन्होंने भी गुरु की शरण ग्रहण कर मानवता को धर्म और सत्य का संदेश दिया। इस अवसर पर महर्षि मेंहीं परमहंस के जीवन और उनके उपदेशों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। संत उमाकांत बाबा सहित अन्य संतों ने भक्ति-भजनों से पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। सतकोदरिया की धरती तीन दिनों तक जयकारों और हरिनाम संकीर्तन से गूंजती रही। कार्यक्रम को सफल बनाने में स्थानीय कमिटी के नव कुमार पोद्दार, दयानंद सिंह, सुनील कुमार, यामुन मेहता, पंकज, बबलू, वकील शर्मा, रमेश, उदय, गंगा, अभिनंदन सहित पंचायतवासियों और युवाओं ने सक्रिय भूमिका निभाई। समापन अवसर पर सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन ने क्षेत्र में आध्यात्मिक जागरूकता और सामूहिक एकता का संदेश दिया।
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