जीएमसीएच में जांच कराने वाले रोगी की संख्या में इजाफा, कम पड़ रहे काउंटर
-31purn24-जीएमसीएच स्थित सेंट्रल पैथोलॉजी भवन। पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता। राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल के सेंट्रल पैथोलॉजी में इन दिन

पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता। राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल के सेंट्रल पैथोलॉजी में इन दिनों जांच कराने वाले रोगी की संख्या में इजाफा हो गया है। इससे अधिक से अधिक रोगी को जांच की सुविधा तो मिल रही है मगर बढ़ी संख्या के बीच परेशानी भी बढ़ गई है। यहां पैथोलॉजी जांच की सेवा 24 घंटे लोगों को मिल रही है। ऐसे में धीरे धीरे जांच के लिए रोगी की संख्या बढ़ने लगी है। कार्यरत कर्मी बताते हैं कि यहां शुरुआत के दिनों में 300 तक रोगी जांच के लिए आते थे। बाद के दिनों में यह संख्या बढ़कर 500 हो गई। अब यह संख्या लगभग 700 के करीब पहुंच गई है। यहां मेडिकल कॉलेज अस्पताल में दो अलग अलग चिकित्सा सेवा संचालित है। इनमें इमरजेंसी सेवा और आउटडोर दोनों तरह की सेवा संचालित है। इमरजेंसी सेवा में जहां मेडिसिन विभाग, आर्थोपेडिक विभाग, बच्चा विभाग, सर्जिकल विभाग, वर्न विभाग, थैलेसीमिया पीड़ित रोगी, मिक्सचर वार्ड समेत अन्य वार्ड में भर्ती रोगी को जांच की जरूरत पड़ती है। वहीं आउटडोर सेवा में एक दर्जन से अधिक वार्ड में आने वाले रोगी को जांच के लिए भेजा जाता है। यहां सबसे अधिक मेडिसिन, बच्चा, ज्ञायनी विभाग से रोगी को जांच के लिए भेजा जाता है। इनके अलावा यहां सर्जिकल विभाग से विभिन्न रोगी में ऑपरेशन कराने से पूर्व रोगी को जांच के लिए लिखा जाता है। इनके अलावा आंख के ऑपरेशन, ईएनटी ऑपरेशन और सर्जिकल साईट के अन्य रोगी को जांच के लिए भेजा जाता है। इन सभी रोगी से यहां अब लगभग सात सौ से अधिक रोगी 24 घंटे में जांच के लिए पहुंच रहे हैं। ऐसी स्थिति में सबसे ज्यादा परेशानी यहां पंजीयन कराने में जरूरतमंदों को होती है। पंजीयन में सिर्फ दो काउंटर की सुविधा है। एक महिला और दूसरा पुरुष काउंटर है। इनके अलावा इमरजेंसी, थैलेसीमिया पीड़ित व बुजुर्ग और गर्भवती के लिए कतार की सुविधा अलग से है। रिपोर्ट काउंटर भी है.
बोले मरीज काउंटर की संख्या बढ़े :
-जांच कराने आए जरूरतमंद रोगी के परिजनों में शहरी क्षेत्र से जांच कराने आए सुशील कुमार और युवक सुमित बताते हैं कि रोगी की संख्या बढ़ी है। ऐसे में कांउटर की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए। सेंट्रल पैथोलॉजी में सेवा दे रहे तकनिशियन बताते हैं कि यहां जरूरत के लगभग 140 से अधिक प्रकार की जांच की सुविधा मिल रही है। रोगी को जांच के मामले मे अधिक से अधिक सुविधा मिलने से रोगी की संख्या में इजाफा हो रहा है।
140 प्रकार की जांच :
-सेंट्रल पैथोलॉजी के नोडल चिकित्सा पदाधिकारी महावीर मंडल बताते हैं कि यहां लगभग 140 से अधिक प्रकार की जांच की सुविधा रोगी को मिल रही है। यह सुविधा से रोगी की लगभग जांच का लाभ मिल जाता है। रोगी की संख्या बढ़ रही है तो ऐसे में निर्धारित स्थल पर सेंट्रल पैथोलॉजी जाने की स्थिति में काउंटर की संख्या बढ़ा दी जायगी।
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