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27 सितम्बर, 2020|3:30|IST

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सांख्यिकी स्वयंसेवकों ने विधायक को सौंपा मांगपत्र.

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बिहार सरकार के लिए आंकड़े जुटाने वाले सांख्यिकी स्वयंसेवक आज सरकार की उदासीनता के कारण दर-दर की ठोकरे खाने को मजबूर है। वहीं सरकार के लिए आंकड़े जुटाने वाले से सरकार इनकी योग्यता इंटर गणित या फिर स्टेटिक्स योग्यता वाले को परीक्षा लेकर एवं परीक्षा में पास अभ्यार्थियों का मैरिट लिस्ट के आधार पर चयन किया गया था। सभी चयनित स्वयंसेवक विभाग द्वारा दिये जा रहे कार्य को सही तरीके से संपादित करते आ रहे थे। सभी सफल युवाओं को बिहार सरकार पर भरोसा था कि सभी पंचायत स्तर पर चयनित स्वयंसेवक अन्य संविदाकर्मी की तरह लाभ पा सकेंगे। उस समय सरकार की तरफ से आश्वासन भी मिल चुका था। पांच साल बीत गये किन्तु सरकार इन बेरोजगार सांख्यिकी स्वयंसेवकों पर ध्यान नहीं दे रही है। सोमवार को कसबा प्रखंड के दर्जनों सांख्यिकी स्वयंसेवक सरकार से नौकरी दिलाने की मांग को लेकर कसबा के विधायक मो. आफाक आलम को मांगपत्र सौंपे। विधायक ने मांग पत्र लेने के बाद स्वयंसेवकों को आश्वस्त किया कि वे मांगपत्र को मुख्यमंत्री तक पहुंचायेंगे। वहीं वे इस मुद्दे पर संबंधित मंत्री से भी बात करेंगे।

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  • Web Title:Statistics volunteers submitted a demand letter to the MLA