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सर्दी से आम जनजीवन बेहाल : न्यूनतम तापमान 8.7 डिग्री

सर्दी से आम जनजीवन बेहाल : न्यूनतम तापमान 8.7 डिग्री

संक्षेप:

-लगातार नौवें दिन भी शीतलहर का असर पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता। गुरुवार को भी कड़ाके की सर्दी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी। लगातार नौवें दिन शीतलह

Jan 09, 2026 12:06 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, पूर्णिया
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पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता। गुरुवार को भी कड़ाके की सर्दी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी। लगातार नौवें दिन शीतलहर का प्रकोप जारी रहने से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित रहा। सुबह से ही ठिठुरन भरी ठंड, कुहासा और बर्फीली हवा के कारण लोग घरों में दुबकने को मजबूर दिखे। खासकर गरीब, मजदूर और फुटपाथ पर जीवन गुजारने वाले लोगों के लिए यह ठंड किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं रही। इस बीच प्रशासन ने गरीबों और मजलूमों के बीच चादर कंबल वितरण किया। मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को जिले का अधिकतम तापमान 16.2 डिग्री सेल्सियस जबकि न्यूनतम तापमान 8.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

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हालांकि तापमान सामान्य से बहुत अधिक नीचे नहीं गया, लेकिन लगातार चल रही ठंडी पछुआ हवा और धूप की कमी ने ठंड का असर और बढ़ा दिया। सुबह के समय घना कुहासा छाया रहा, जिससे दृश्यता भी काफी कम हो गई। सड़कों पर वाहन चालकों को धीमी रफ्तार से चलना पड़ा। -दिन में कुछ वक्त के लिए धूप : -- -दिन के समय कुछ देर के लिए धूप जरूर निकली, लेकिन उसमें गर्माहट न के बराबर रही। धूप निकलने के बावजूद ठंडी हवा के कारण लोग राहत महसूस नहीं कर सके। चौक-चौराहों, बस स्टैंड और बाजारों में लोग अलाव जलाकर ठंड से बचाव करते नजर आए। चाय दुकानों और अलाव के आसपास लोगों की भीड़ लगी रही। -ठंड से रोजी-रोटी पर असर : -- -शीतलहर का सबसे ज्यादा असर गरीब और मजलूम तबके पर देखने को मिला। जिनके पास गर्म कपड़े और पक्के मकान नहीं हैं, उनके लिए रातें काटना मुश्किल हो रहा है। दिहाड़ी मजदूरों को काम के लिए बाहर निकलना पड़ रहा है, लेकिन ठंड के कारण काम भी प्रभावित हो रहा है। कई जगहों पर मजदूरों ने बताया कि ठंड की वजह से काम के घंटे कम हो गए हैं, जिससे रोजी-रोटी पर असर पड़ रहा है। -बाजारों में रौनक गायब : -- -ठंड के चलते बाजारों में भी रौनक कम रही। जरूरी काम होने पर ही लोग घर से बाहर निकले। शाम ढलते ही सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगा। प्रशासन की ओर से अलाव की व्यवस्था कुछ जगहों पर की गई है, लेकिन लोगों का कहना है कि यह व्यवस्था नाकाफी है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक शीतलहर से राहत मिलने के आसार कम हैं। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने, गर्म कपड़े पहनने और अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है।