Purnia News: जियागाछी में शुरू हुआ नदी कटाव, ग्रामीणों में बढ़ी चिंता
Purnia News: बायसी प्रखंड की मीनापुर पंचायत अंतर्गत जियागाछी गांव में परमान नदी के जलस्तर में कमी के कारण कटाव शुरू हो गया है। इससे ग्रामीणों में चिंता का माहौल है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से कटाव निरोधी कार्य शुरू करने की मांग की है। महानंदा और कनकई नदियों में जलस्तर बढ़ रहा है।

Purnia News: बायसी, एक संवाददाता। बायसी प्रखंड की मीनापुर पंचायत अंतर्गत जियागाछी गांव में परमान नदी के जलस्तर में कमी के साथ ही नदी कटाव शुरू हो गया है। कटाव की आशंका से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नदी लगातार किनारों को काट रही है, जिससे खेती योग्य भूमि और आबादी वाले क्षेत्रों पर खतरा मंडराने लगा है। ग्रामीणों ने बताया कि कटाव की स्थिति पर नजर रखने के लिए गांव के युवक रातभर जागकर नदी के जलस्तर और कटाव की निगरानी कर रहे हैं। लोगों ने जिला प्रशासन से अविलंब स्थल निरीक्षण कर कटाव निरोधी कार्य शुरू कराने की मांग की है। महानंदा और कनकई नदियों के जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं परमान नदी के जलस्तर में कमी आई है। प्रशासन ने नदी तटीय क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी है और लगातार निगरानी की जा रही है। अनुमंडल पदाधिकारी अभिषेक रंजन ने बताया कि अनुमंडल प्रशासन द्वारा सभी प्रमुख नदियों के जलस्तर पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है。
महानंदा नदी का बढ़ा जलस्तर:
महानंदा उप प्रमंडल केंद्रीय जल आयोग पूर्णिया के अधिकारी अभिषेक लकड़ा ने बताया कि किशनगंज जिले के तैयबपुर में महानंदा नदी का खतरे का निशान 66.000 मीटर निर्धारित है। शुक्रवार शाम तक नदी का जलस्तर 64.800 मीटर दर्ज किया गया जो खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन इसमें लगातार वृद्धि हो रही है। पूर्णिया जिले के डेगराह घाट में महानंदा नदी का खतरे का स्तर 35.650 मीटर है। यहां नदी का जलस्तर 35.450 मीटर दर्ज किया गया जो खतरे के निशान से नीचे है। हालांकि पिछले 24 घंटों में जलस्तर में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
कनकई नदी में भी बढ़ोतरी:
पश्चिम बंगाल के चरघरिया में कनकई नदी का खतरे का निशान 46.940 मीटर है। यहां नदी का जलस्तर बढ़कर 45.680 मीटर पहुंच गया है। फिलहाल नदी खतरे के निशान से नीचे बह रही है, लेकिन जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है।
परमान नदी के जलस्तर में कमी:
वहीं अररिया जिले में परमान नदी का खतरे का निशान 47.000 मीटर है। जलस्तर में कमी आने के बाद नदी का स्तर 45.680 मीटर दर्ज किया गया है, जो खतरे के निशान से नीचे है। हालांकि जलस्तर घटने के साथ कई स्थानों पर कटाव की समस्या उभरने लगी है।
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