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अधर में अनुसंधान, सुलझेगी गुत्थी या 90 दिन बाद केस हो जाएगा क्लोज

हिन्दुस्तान टीम,पूर्णियाPublished By: Newswrap
Fri, 04 Jun 2021 04:00 AM
अधर में अनुसंधान, सुलझेगी गुत्थी या 90 दिन बाद केस हो जाएगा क्लोज

पूर्णिया। हिन्दुस्तान संवाददाता

अनिल उरांव हत्याकांड में शामिल मुख्य अभियुक्त अंकित यादव उनके भांजा मिठ्ठू यादव और मुख्य किरदार दुलारी देवी भले ही जेल में हैं, लेकिन इस मामले में अभी भी कई पेंच खुलना बाकी है। इस मामले में पुलिस अधीक्षक दयाशंकर और सदर एसडीपीओ आनंद कुमार पांडे के द्वारा कहा गया था कि भले ही दुलारी अंकित और अन्य लोगों की गिरफ्तारी हो गई है , लेकिन इस मामले का अनुसंधान अब भी जारी है । इस मामले में और भी कई खुलासे होने बाकी हैं। केहाट थाना के तत्कालीन थानाध्यक्ष सुनील कुमार मंडल के लाइन हाजिर होने के बाद इस गुत्थी को लेकर चल रहे अनुसंधान में सुस्ती आ गयी है। इस मामले के अनुसंधान को लेकर कोई खास दिलचस्पी पुलिस कर्मियों के द्वारा नहीं ली जा रही है । बताया जा रहा है कि यदि पुलिस की टीम के द्वारा इस मामले में गहराई से तफ्तीश की जाए तो कई सफेदपोश जमीन ब्रोकर और अन्य लोगों की भी गर्दन फंस सकती है, लेकिन पुलिस इस मामले में आधे दर्जन से अधिक आरोपी को पकड़कर इस मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया है । अब आगे देखने वाली बात होगी कि क्या दोबारा से इसका अनुसंधान शुरू किया जाता है या फिर 90 दिन पूरा होने के बाद केस को ही क्लोज कर दिया जाएगा।

बताया जाता है कि दुलारी के भय से पूर्णिया विश्वविद्यालय के कई कर्मचारी और जमीन ब्रोकर उनके पति मो राजा को अपरोक्ष रूप से मदद कर रहे हैं। इस मामले को लेकर प्रतिदिन उनके पति से ऐसे लोग फीडबैक भी ले रहे हैं कि कब तक दुलारी जेल से बाहर निकल जाएगी। उनके पति मो राजा को अब भी विश्वास है कि दुलारी के बाहर आने के बाद एक बार फिर से वह पूर्णिया विश्वविद्यालय में आउटसोर्सिंग कंपनी के अंतर्गत ड्यूटी जॉइन कर लेगी और आगे आने वाले समय में कोई खास दिक्कत नहीं होगा। पूर्णिया विश्वविद्यालय के कोई भी वरीय से लेकर कनीय कर्मचारी दुलारी पर कार्रवाई के नाम पर चुप्पी साध लेते हैं। इस मामले में कुछ भी बोलने से परहेज करते हैं। अब देखने वाली बात होगी कि आने वाले समय में दुलारी के जेल से बाहर निकलने के बाद क्या दोबारा से पूर्णिया विश्वविद्यालय में आउटसोर्सिंग कंपनी के द्वारा उन्हें काम दे दिया जाता है या फिर उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा। फिलहाल सबकी निगाहें लॉकडाउन के बाद न्यायालय खुलने और उनकी जमानत पर टिकी हुई है। हालांकि उनकी पति अभी भी दुलारी को निर्दोष कह रहे हैं और वह कहते हैं कि उन्हें सिर्फ इस मामले में मोहरा बना लिया गया, जबकि मुख्य अभियुक्त अंकित और उनके टीम के अन्य सदस्य ही है।

पूर्णिया विश्वविद्यालय प्रशासन अभी तक नहीं करवाया है कमरा खाली

जिस कमरे में दुलारी और उनके पति मो राजा रहता था। वह कमरा अभी तक पूर्णिया विश्वविद्यालय के प्रशासन के द्वारा खाली नहीं करवाया गई है । फिलहाल कमरा बंद है और उसमें कभी कभी आकर मो राजा रहता है। हालांकि लोगों के द्वारा यह कयास लगाया जा रहा है कि जेल से निकलने के बाद दुलारी इसी कमरे में रहेगी और उसके जमानत होने का भी इंतजार किया जा रहा है । फिलहाल कमरा बंद रहने की वजह से अन्य लोगों का भी आवाजाही नहीं हो पा रही है, लेकिन इस मामले को लेकर जितने सजगता के साथ विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों को कमरा खाली करवाना चाहिए था वह नहीं करवाया है।

परिवार को नहीं पछतावा

बताया जाता है कि दुलारी के जेल जाने के बाद उनके मायके वाले और पूर्व के ससुराल पक्ष के अलावा मो राजा को भी किसी तरह की कोई पछतावा नहीं है। सभी ने एक स्वर में कहा कि वह जेल चले गई तो ठीक ही हैं । ऐसे में पूरे परिवार की बदनामी हो रही थी । दुलारी फिलहाल समस्तीपुर जिला के महिला दलसिंहसराय स्थित महिला जेल में है। बताया जाता है कि कुछ लोग उनसे मिलने के लिए जेल में गया था, लेकिन एंट्री नहीं करने की बात जेल प्रशासन से कह रहा था । बिना एंट्री के जेल प्रशासन के पदाधिकारियों ने दुलारी से मिलने की अनुमति नहीं दी।

कुछ बिंदुओं पर अभी जांच लंबित

अनिल उरांव हत्याकांड केस की जांच पड़ताल अभी ही चल रही है। इस मामले में कुछ बिंदुओं पर जांच अभी भी लंबित है। पुलिस की टीम के द्वारा जल्द ही अनुसंधान को पूरा कर लिया जाएगा और इस मामले में जो भी लोगों की संलिप्तता सामने आएगी उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी ।

आनंद कुमार पांडे

सदर एसडीपीओ

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