सीमांचल में एकमात्र चल रहा पूर्णिया महिला कॉलेज का छात्रावास नहीं होगा बंद
हिन्दुस्तान असर : पूर्णिया हिन्दुस्तान संवाददाता। पूर्णिया महिला कॉलेज में कई दशक से चल रहे सीमांचल के सबसे पुराने और एकमात्र छात्रावास पर मंडरा रहा

पूर्णिया हिन्दुस्तान संवाददाता। पूर्णिया महिला कॉलेज में कई दशक से चल रहे सीमांचल के सबसे पुराने और एकमात्र छात्रावास पर मंडरा रहा बंद होने का खतरा अब खत्म हो गया है। महिला छात्रावास के पुर्नउत्थान के लिए अब पूर्णिया कॉलेज प्रशासन के द्वारा न केवल हॉस्टल का प्रचार-प्रसार छात्राओं के बीच किया जायेगा, बल्कि दो दिनों के अंदर पूर्णिया महिला कॉलेज छात्रावास में रहने वाले तीन पुरुषकर्मियों को हटाकर हॉस्टल में कैसे छात्राओं की संख्या बढ़े, इस दिशा में महिला कॉलेज पहल करेगा। मंगलवार को पूर्णिया विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो पवन कुमार झा ने आपके अपने अखबार हिन्दुस्तान में प्रकाशित खबर पर संज्ञान लेते हुए पूर्णिया महिला कॉलेज के प्राचार्य के साथ अपने कक्ष में बैठक की और महिला छात्रावास नहीं बंद करने का आदेश देते हुए महिला छात्रावास के प्रचार प्रसार हेतु बैनर-पोस्टर लगाने के साथ छात्राओं को जागरुक करने का निर्देश दिया।
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-पूर्णिया महिला कॉलेज की प्राचार्या को कुलपति ने दिये दिशानिर्देश :
-पूर्णिया विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो पवन कुमार झा ने मंगलवार को पूर्णिया महिला कॉलेज की प्राचार्या को बुलाकर महिला छात्रावास बंद करने के निर्णय के संदर्भ में वस्तुस्थिति की जानकारी ली और पूर्णिया महिला कॉलेज की प्राचार्या को महिला छात्रावास बंद नहीं करने का आदेश दिया। इस दौरान कुलपति कक्ष में उपस्थित पूर्णिया विश्वविद्यालय के परिसंपदा पदाधिकारी डॉ. पटवारी यादव ने भी प्राचार्या से हॉस्टल बंद करने के संदर्भ में पूछताछ की। इस दौरान छात्राओं की संख्या कैसे हॉस्टल में बढ़ाया जाये, इसके प्रति भी विचार-विमर्श किया गया। कुलपति ने महिला छात्रावास में रह रहे तीन पुरुषकर्मियों को लेकर प्राचार्या से जवाब तलब किया। इस क्रम में कुलपति ने प्राचार्या को दो दिनों के अंदर हॉस्टल में रहने वाले तीनों पुरुष कर्मियों को हटाने का निर्देश दिया। पूर्णिया विश्वविद्यालय के परिसंपदा पदाधिकारी डॉ. पटवारी यादव ने बताया कि पूर्णिया महिला कॉलेज के प्राचार्या को कुलपति के द्वारा छात्रावास नहीं बंद करने के निर्देश दिये गये है। महिला छात्रावास में रह रहे तीनों पुरुषकर्मियों को अविलंब हटाने के साथ हॉस्टल का प्रचार प्रसार बैनर पोस्टर के माध्यम से कर छात्रावास में छात्राओं की संख्या बढ़ाने के लिए पहल करने का निर्देश कुलपति ने दिया है। परिसंपदा पदाधिकारी ने बताया कि सीमांचल के सबसे पुराने और एकलौते छात्रावास को पूर्णिया विश्वविद्यालय बंद नहीं होने देगा, जो भी आवश्यक प्रतीत होगा, वह कदम विश्वविद्यालय प्रशासन के द्वारा उठाया जायेगा। अब पूर्णिया महिला कॉलेज प्रशासन हॉस्टल में रह रहे पुरुषकर्मियों को हटाकर हॉस्टल में छात्राओं की संख्या बढ़ाने के लिए कॉलेज प्रशासन बैनर-पोस्टर लगायेगा। छात्राओं को हॉस्टल में रहने के लिए प्रेरित करेगा। छात्राओं की सुविधाएं हॉस्टल में बढ़ाने को लेकर भी कॉलेज प्रशासन विचार कर कदम उठायेगा। किसी भी परिस्थिति में पूर्णिया महिला कॉलेज का महिला छात्रावास बंद नहीं होगा, इसके प्रति पूर्णिया विश्वविद्यालय प्रशासन दृढ़ संकल्पित है।
-हॉस्टल में रह रही छात्राओं ने ली राहत की सांस :
-जनवरी माह में हॉस्टल बंद करने के पूर्णिया महिला कॉलेज के फरमान से महिला कॉलेज छात्रावास में महज 15 छात्राएं ही हॉस्टल में शेष रह गई है, जो अब हॉस्टल बंद नहीं होने के विश्वविद्यालय के आदेश से राहत की सांस ले रही है। हॉस्टल प्रशासन के द्वारा कॉलेज की प्राचार्या डॉ. रीता सिन्हा के निर्देश पर छात्रावास खाली करने की डेट निर्धारित कर दिया गया था, जिससे हॉस्टल में रहने वाली छात्राएं उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए सुरक्षित आवास की तलाश में गली-मुहल्ले में भटक रहीं थी, लेकिन विश्वविद्यालय के हस्तक्षेप के बाद छात्राओं की परेशानी दूर हो गई है। वैसे दो साल से पूर्णिया महिला कॉलेज का छात्रावास कॉलेज प्रशासन के लिए घाटे का सौदा साबित हो रहा है। कोरोना वायरस के चलते लगे लॉकडाउन से पहले महिला कॉलेज पूर्णिया के छात्रावास में छात्राओं की संख्या पर्याप्त थी। मगर कोरोना वायरस के चलते लगे लॉकडाउन के बाद हॉस्टल में छात्राओं की संख्या दिन प्रति दिन घटती चली गई। स्थिति यह हो गई कि छात्रावास में रहने वाली छात्राओं की संख्या मात्र 25 रह गयी। इन 25 छात्राओं के हॉस्टल में रहने के बाद से कॉलेज का छात्रावास का बजट घाटा में चला गया। छात्रावास के शुल्क से रसोईया व गार्ड तक का पारिश्रमिक देना असंभव हो गया, जिससे करीब दो वर्षों से पूर्णिया महिला कॉलेज हॉस्टल को आर्थिक क्षति में रहकर जैसे-तैसे चला रहा है। इधर पूर्णिया महिला कॉलेज हॉस्टल दिसम्बर माह में बंद करने को लेकर कॉलेज प्रशासन के द्वारा पूर्व में ही नोटिस जारी किया गया था, जिसके आधार पर अब कॉलेज हॉस्टल में रह रहीं छात्राएं अब छात्रावास छोड़ प्राइवेट रुम की तलाश में जुट गयी थी। वर्तमान समय में 25 छात्राओं में से 10 छात्राएं हॉस्टल छोड़ चुकी है। हॉस्टल में अब मात्र 15 छात्राएं ही शेष बची हुई है, जो सुरक्षित आवास के लिए प्राइवेट रुम खोज रहीं थी।
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