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संसाधन के अभाव में पूर्णिया विश्वविद्यालय का परीक्षा विभाग हुआ लाचार

-बिजली गुल होते ही विभाग में छा जाता है अंधेरा पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता। संसाधन के अभाव में पूर्णिया विश्वविद्यालय का परीक्षा विभाग अब...

संसाधन के अभाव में पूर्णिया विश्वविद्यालय का परीक्षा विभाग हुआ लाचार
हिन्दुस्तान टीम,पूर्णियाMon, 27 May 2024 11:01 PM
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पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता। संसाधन के अभाव में पूर्णिया विश्वविद्यालय का परीक्षा विभाग अब लाचार हो गया है। एक तो जेनरेटर नहीं रहने के चलते बिजली गुल होते ही परीक्षा विभाग में अंधेरा छा जाता है, वहीं अब परीक्षा विभाग की स्थिति यह हो गई है कि विभाग की गाड़ी में इंधन भराने के लिए भी विभाग मोहताज हो गया है। पिछला बकाया का भुगतान नहीं होने के चलते पेट्राल पंप के द्वारा अब तेल भी नहीं दिया जा रहा है। सोमवार को उस वक्त जब विभिन्न वर्गों की परीक्षाओं का संचालन विश्वविद्यालय के द्वारा चार जिले के कॉलेजों में किया जा रहा है, वैसी परिस्थति में परीक्षा विभाग को तेल देने से पेट्रोल पंप पर मना कर दिया गया। परीक्षा नियंत्रक एके पांडेय ने बाद में एक हजार रुपये अपने पॉकटे से देकर विभागीय गाड़ी में तेल भरवायी, जिससे परीक्षा संचालन के कार्यो में कोई विघ्न पैदा नहीं हुई। पूर्णिया विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो राजनाथ यादव बताते है कि अब वेतन भुगतान सभी को खाता में ही किया जायेगा। इसके चलते नई व्यवस्था बनाई जा रही है। फिलहाल विश्वविद्यालय का खाता फ्रीज होने के चलते विश्वविद्यालय के खाते से रकम की निकासी नहीं हो पा रही है। जल्द की खाता फ्रीज करने प्रक्रिया समाप्त कर भुगतान की दिशा में शिक्षा विभाग पहल करेगी। कुलपति ने बताया कि परीक्षा विभाग में जेम पोर्टल से जेनरेटर की खरीददारी के लिए प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। जल्द ही जेनरेटल परीक्षा विभाग में लगा दिया जायेगा।

...बिजली कट होते ही सेंट्रल लाइब्रेरी में अंधेरा :

पूर्णिया विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक एके पांडेय परीक्षा विभाग की गाड़ी में उधार में तेल नहीं देने की बात कबूलते हुए बताया कि फिलहाल विश्वविद्यालय का खाता दो माह से फ्रीज शिक्षा विभाग के द्वारा किये जाने से विश्वविद्यालय के समक्ष आर्थिक संकट पैदा हो गया है। स्थिति यह हो गई है कि उधार में पेट्रोल पंप से परीक्षा विभाग की गाड़ी को तेल भी नहीं मिल पा रही है। इसका सीधा असर परीक्षा संचालन पर पड़ सकता है। परीक्षा नियंत्रक ने बताया कि वर्तमान समय में चार जिला में स्नातक के साथ विभिन्न वर्गो की परीक्षा संचालित की जा रही है। ऐसी स्थिति में उत्तरपुस्तिकाओं के साथ प्रश्नपत्र परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने तक की जिम्मवारी विभाग के लिए चुनौती बन गई है। वहीं जेनरेटर नहीं रहने के चलते बिजली कट होते ही प्रकाश के अभाव में विभाग में अंधेरा छा जाता है। यूआईएमएस का कार्य नहीं हो पाता है। परीक्षा विभाग में रोशनी तक का अभाव हो जाता है। विश्वविद्यालय प्रशासन से जेनरेट की व्यवस्था करने की मांग पिछले कई वर्षों से की जा रही है। मगर एक अदद जेनरेटर की व्यवस्था अब तक परीक्षा विभाग में नहीं हो पाई है, जिससे परीक्षा विभाग के कामकार्यों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। परीक्षा विभाग में यूआइएमएस के कर्मी बिजली नहीं रहने पर घंटों बैठकर बिजली का इंतजार करने के बेबस है। परीक्षा विभाग में प्रमाण पत्र तैयार करने के साथ मूल्यांकन से लेकर नामांकन व परीक्षा संबंधी कार्य में वर्तमान समय में बिजली कट की समस्या विलंब होने का कारण बन गया है। पूर्णिया विश्वविद्यालय की स्थापना के लगभग छह वर्ष गुजर गये, लेकिन अभी तक विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग में आवश्यक मूलभूत संसाधनों का घोर अभाव बना हुआ है। स्थिति यह है कि महज एक जेनरेटर की व्यवस्था नहीं रहने के चलते परीक्षा विभाग कार्य का बिजली गुल होते ही ठप हो जाता है। यूआईएमएस के कार्यों में बाधा पहुंचती है, जिसका असर नामांकन से लेकर रिजल्ट तक पर पड़ता है। जेनरेटर के अलावा सीसीटीवी कैमरा भी रहने के चलते विभाग कामकाज प्रभावित हो रहे है। इंभरर्टर के अभाव में सेंट्रल लाइब्रेरी में भी रोशनी नदारद रहती है। वहीं गर्मी में लाइट व पंखे की व्यवस्था नहीं होने के चलते लाइब्रेरी में छात्र-छात्राओं की आवाजाही बंद सी हो गई है। परीक्षा नियंत्रक बताते है कि सेंट्रेल लाइब्रेरी में इंभरर्टर नहीं है, जिससे बिजली कटते ही लाइब्रेरी में अंधेरा सा छा जाता है, जिससे छात्र-छात्राओं को समस्या होती है। गर्मी में अंधेर में बिना पंखा के किताबें पढ़ना संभव नहीं है।

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