
एक्यूआई नियंत्रण के लिए नगर निगम ने शुरू की बड़ी पहल
पूर्णिया नगर निगम ने वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) को नियंत्रित करने के लिए जल छिड़काव की पहल शुरू की है। ठंड के मौसम में एक्यूआई 200 के करीब पहुंच जाता है। सड़क और निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के लिए ठेकेदारों को हिदायत दी गई है। यह अभियान सर्दियों के पूरे मौसम में जारी रहेगा।
पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता। पूर्णिया शहर में लगातार बिगड़ते वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) को नियंत्रित करने के लिए नगर निगम ने ठोस और व्यापक पहल शुरू कर दी है। दिसंबर से मार्च के बीच ठंड के मौसम में पूर्णिया का एक्यूआई अक्सर 200 के करीब पहुंच जाता है, जो स्वास्थ्य की दृष्टि से चिंता का विषय माना जाता है। इसी को देखते हुए नगर निगम ने शहर की मुख्य सड़कों के साथ-साथ सहायक मार्गों पर भी वाटर कैनन और वॉटर स्प्रिंकलर के माध्यम से नियमित जल छिड़काव शुरू कराया है, ताकि हवा में उड़ने वाले धूलकणों को नियंत्रित किया जा सके। विशेषज्ञों के अनुसार पूर्णिया की भौगोलिक संरचना भी एक्यूआई बढ़ने का प्रमुख कारण है।
यहां की मिट्टी सैंडी सॉइल (रेतीली मिट्टी) प्रकृति की है, जिसके कारण हल्की हवा चलते ही सड़कों और खुले इलाकों से बड़ी मात्रा में धूल उड़ने लगती है। सर्दियों में हवा की गति कम होने और वातावरण में नमी बढ़ने से यह धूलकण लंबे समय तक हवा में बने रहते हैं, जिससे प्रदूषण का स्तर और अधिक बढ़ जाता है। नगर आयुक्त कुमार मंगलम का मानना है कि जल छिड़काव से सड़क की सतह पर जमी धूल बैठ जाएगी और हवा में पीएम 10 व पीएम 2.5 जैसे सूक्ष्म कणों की मात्रा कम होगी। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार यह अभियान केवल मुख्य सड़कों तक सीमित नहीं है, बल्कि शहर की व्यस्त गलियों, सहायक सड़कों और निर्माण कार्य वाले इलाकों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सुबह और शाम के समय ट्रैफिक दबाव के अनुसार जल छिड़काव की व्यवस्था की गई है, ताकि आम लोगों को असुविधा भी न हो और प्रदूषण नियंत्रण का उद्देश्य भी पूरा हो सके। ....ठेकेदारों को कड़ी हिदायत:- नगर निगम ने भवन निर्माण एवं सड़क निर्माण कार्य करने वाले ठेकेदारों और निजी निर्माणकर्ताओं को कड़ी हिदायत दी है। स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सभी निर्माण स्थलों पर हरी चादर (ग्रीन शीट) लगाकर ही काम किया जाए, ताकि निर्माण सामग्री से उड़ने वाली धूल आसपास के वातावरण में न फैले। बिना सुरक्षा उपाय के निर्माण कार्य करते पाए जाने पर संबंधित पर जुर्माना लगाने और कार्य रुकवाने की कार्रवाई भी की जाएगी। नगर निगम का कहना है कि यह पहल केवल अस्थायी नहीं, बल्कि सर्दी के पूरे मौसम के दौरान लगातार जारी रहेगी। दिसंबर से मार्च तक एक्यूआई पर विशेष नजर रखी जाएगी और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन भी लगाए जाएंगे। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी नगर निगम की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा है कि यदि समय रहते ऐसे कदम नहीं उठाए जाते, तो सांस, एलर्जी, आंखों में जलन और दमा जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं, खासकर बच्चों और बुजुर्गों में। ....शुद्ध हवा मिलने की उम्मीद: नगर निगम की इस सक्रियता से शहरवासियों को साफ हवा मिलने की उम्मीद जगी है। आम लोगों ने भी प्रशासन से अपील की है कि इस अभियान के साथ-साथ कचरा जलाने पर सख्ती, खुले में मिट्टी और बालू के ढेर को ढकने तथा वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर भी नियंत्रण किया जाए। कुल मिलाकर, एक्यूआई नियंत्रण की दिशा में नगर निगम की यह पहल पूर्णिया को स्वच्छ और स्वस्थ शहर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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