जिले में 1.15 लाख हेक्टयर में खरीफ फसल के लिए 55 हजार मेट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध
-फोटो : 23 : महानंदा सभागार में आयोजित जिला उर्वरक निगरानी समिति की समीक्षा बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधि व अधिकारी। पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता।

पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता। पूर्णिया समाहरणालय स्थित महानंदा सभागार में सोमवार को जिला उर्वरक निगरानी समिति की समीक्षा बैठक की गयी। बैठक में प्रभारी जिला पदाधिकारी अंजनि कुमार के अलावा सदर विधायक विजय खेमका, कसबा विधायक नितेश सिंह, रूपौली विधायक कलाधर मंडल आदि मौजूद रहे।
बैठक के मुख्य बिंदु
बैठक में विधायक विजय खेमका ने प्रभारी जिला पदाधिकारी एवं जिला कृषि पदाधिकारी को एनडीए सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्य करने का निर्देश दिया। विधायक ने कहा कि मीडिया को जारी बयान में कहा कि विभागीय रिपोर्ट के अनुसार जिले में 1.15 लाख हेक्टयर खेत में खरीफ फसल के लिए लगभग 55 हजार प्लस मेट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध है। उन्होंने अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि किसानों को निर्धारित मूल्य औऱ समय पर उर्वरक, बीज एवं कृषि दवाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। विधायक ने कहा कि कृषि पदाधिकारी केवल कागजी जांच तक सीमित न रहें, बल्कि खेत-खलिहान तक पहुंचकर किसानों को उन्नत खेती एवं सरकारी योजनाओं की जानकारी दें।
किसानों के लिए दिशा-निर्देश
उन्होंने दो-तीन पंचायतों का क्लस्टर बनाकर शिविर के माध्यम से अनुदानित बीज, हाइब्रिड बीज एवं कृषि यंत्र वितरण की व्यवस्था सुदृढ़ करने को कहा। सदर विधायक ने नकली खाद-बीज, वेगर अनुज्ञप्ति बिक्री एवं कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई करने का निर्देश भी दिया। विधायक ने कहा कि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए और दोषियों पर कठोर कार्रवाई हो। खेमका ने किसान भाईयों से अपील करते हुए कहा कि वैश्विक ऊर्जा संकट को देखते हुए जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की ज्यादा आवश्यकता है। उन्होंने गोबर औऱ वर्मी कंपोस्ट से कम लागत वाली उन्नत खेती अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि एनडीए सरकार की बायोगैस प्लांट एवं जैविक खेती योजनाओं का लाभ कृषक बन्धु ज्यादा से ज्यादा प्राप्त करें।
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