
अतिक्रमण हटाओ अभियान : फोर्ड कंपनी चौक से भट्ठा बाजार तक कार्रवाई
-जाम का झाम खत्म करने के लिए पुलिस, निगम व जिला प्रशासन की पहल पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता। शहर में अतिक्रमण के कारण ट्रैफिक जाम की समस्या से लोग
पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता। शहर में अतिक्रमण के कारण ट्रैफिक जाम की समस्या से लोग जूझ रहे हैं। सार्वजनिक स्थानों पर अवैध कब्जे के खिलाफ जिला प्रशासन ने बुधवार को भी अतिक्रमण हटाओ अभियान जारी रखा। 14वें दिन चलाए गए इस अभियान में फोर्ड कंपनी चौक, आस्था मंदिर चौक और भट्ठा बाजार क्षेत्र में जेसीबी की गड़गड़ाहट सुनाई दी। प्रशासनिक अमले के साथ बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा, जिससे किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति पर तुरंत नियंत्रण रखा जा सके। बुधवार सुबह से ही नगर निगम और पुलिस के संयुक्त दल ने सड़कों के किनारे दुकानों द्वारा कब्जा की गई जगहों, ठेला-खोमचा और अनाधिकृत शेड को हटाने की कार्रवाई शुरू की।

अतिक्रमण हटाओ अभियान देखने वालों का कहना था कि कई दुकानदार प्रशासन की कार्रवाई होते ही खुद अपने तख्तों और बांस के ढांचों को हटाने में जुट गए। वहीं कुछ जगहों पर जेसीबी की मदद लेनी पड़ी, जिससे पूरी सड़क चौड़ी होती दिखाई दी। अभियान के दौरान नगर निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई जनहित में है। शहर में रोज लगने वाले जाम की स्थिति से आम लोग परेशान हैं। उन्होंने कहा कि व्यस्त सड़कों और प्रमुख चौक चौराहे पर बिना अनुमति किए गए अतिक्रमण ने यातायात व्यवस्था को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर रखा है। जिला प्रशासन और नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि अतिक्रमण मुक्त शहर के लिए सहयोग दें, ताकि सड़कें सुगम और सुरक्षित हो सकें। अधिकारिक सूत्रों का कहना है कि प्रशासन अब उन जगहों पर भी नजरें गड़ाए हुए है, जहां वर्षों से छोटे-छोटे निर्माण खड़े कर दिए गए हैं और धीरे-धीरे वे स्थायी ढांचे का रूप लेते जा रहे हैं। अतिक्रमण के ऐसे मामले शहर की मुख्य सड़कों के साथ-साथ गलियों और सार्वजनिक स्थलों पर भी देखने को मिलते हैं। अभियान के संबंध में बताया गया है कि आने वाले दिनों में यह कार्रवाई अन्य बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों तक विस्तारित की जाएगी। -शहरवासियों ने अभियान को सराहा : --- -शहरवासियों ने इस लगातार चल रहे अभियान को सराहा भी है। कई स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की सख्ती से सड़कें खुलने लगी हैं और जाम में कमी दिख रही है। हालांकि कुछ दुकानदारों ने चिंता व्यक्त की कि वैकल्पिक व्यवस्था के बिना अचानक कार्रवाई से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। इधर अधिकारियों का कहना है कि अतिक्रमण हटाओ अभियान किसी व्यक्ति या समूह के खिलाफ नहीं, बल्कि शहर के हित में है। -जिला परिषद की चिंता: ----- -जिला परिषद ने अपनी जमीन पर लंबे समय से हो रहे कब्जे को लेकर नाराजगी जताई है। परिषद का कहना है कि करीब हरदा बाजार से सटे 13 बीघा से अधिक जमीन अवैध कब्जे में है, जबकि यह भूमि सरकारी विकास परियोजनाओं के लिए आरक्षित है। परिषद ने जिला प्रशासन से कब्जा मुक्त कराने की औपचारिक मांग की है, जिससे वहां नियोजित मार्केट निर्माण का रास्ता साफ हो सके। परिषद का तर्क है कि नियोजित व्यापारिक परिसर न केवल स्थानीय बाजार को सुव्यवस्थित करेगा, बल्कि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी गति देगा।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




