लोक अदालत: सुलह के आधार पर सुलझेंगे ई-चालान हो या पारिवारिक तकरार

हिन्दुस्तान, पूर्णिया
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पूर्णिया, कार्यालय प्रतिनिधि। इस बार लोक अदालत केवल अदालत परिसर तक सीमित नहीं दिख रही बल्कि यह पूरे जिले में ‘समझौते से समाधान’ का अभियान बन चुकी है।

लोक अदालत: सुलह के आधार पर सुलझेंगे ई-चालान हो या पारिवारिक तकरार

पूर्णिया, कार्यालय प्रतिनिधि।इस बार लोक अदालत केवल अदालत परिसर तक सीमित नहीं दिख रही बल्कि यह पूरे जिले में ‘समझौते से समाधान’ का अभियान बन चुकी है। गांवों में घूमता प्रचार रथ, ट्रैफिक चालानों पर राहत, अलग-अलग विशेष बेंच और 24 हजार मामलों के निष्पादन का लक्ष्य इसे जिले की सबसे बड़ी लोक अदालतों में शामिल कर रहा है। खासकर उन लोगों के लिए यह सुनहरा मौका माना जा रहा है, जिनके छोटे-छोटे विवाद वर्षों से लंबित हैं या जिनके मोबाइल में महीनों से ई-चालान का नोटिफिकेशन पड़ा है। शनिवार 9 मई को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर जिले में तैयारी पूरी कर ली गई है। इस बार लोक अदालत को बड़े जनअभियान के रूप में संचालित किया जा रहा है, जहां ट्रैफिक ई-चालान से लेकर बैंक ऋण, चेक बाउंस, बिजली बिल और पारिवारिक विवाद तक हजारों मामलों का सुलह-समझौते के आधार पर निष्पादन किया जाएगा。

विवादों के निपटारे के लिए 18 पीठ:

लोक अदालत में अधिक से अधिक मामलों के निष्पादन के लिए पूर्णिया व्यवहार न्यायालय में लगभग 18 पीठों का गठन किया गया है। साथ ही परिसर में छह हेल्प डेस्क भी बनाए गए हैं। वहीं बनमनखी, धमदाहा और बायसी अनुमंडलीय न्यायालयों में दो-दो पीठ बनाई गई हैं। पक्षकारों की सुविधा के लिए संबंधित न्यायालयों में ही मामलों का निपटारा किया जाएगा। जहां पारा विधिक स्वयंसेवक लोगों का मार्गदर्शन करेंगे। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अनुसार लोक अदालत के लिए व्यवहार न्यायालय के लगभग 4500 लंबित मामलों को चिह्नित किया गया है। वहीं प्री-लिटिगेशन के तहत विभिन्न बैंकों, बीएसएनएल और अन्य संस्थानों से जुड़े करीब 20 हजार मामलों में भी नोटिस भेजे गए हैं।

ट्रैफिक ई-चालानों पर विशेष फोकस:

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष सह प्रधान जिलाजज कन्हैयाजी चौधरी ने आम लोगों से लोक अदालत का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की है। उन्होंने बताया कि 9 मई को सुबह 10:30 बजे से पूर्णिया व्यवहार न्यायालय के साथ-साथ बनमनखी, धमदाहा और बायसी अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालयों में भी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन होगा। लोक अदालत में सुलह योग्य आपराधिक मामले, एनआई एक्ट की धारा 138 के मामले, बैंक वसूली, मोटर दुर्घटना दावा, ट्रैफिक चालान, श्रम विवाद, बिजली-पानी बिल, वैवाहिक विवाद, भूमि अधिग्रहण, सेवा एवं पेंशन, उपभोक्ता और राजस्व मामलों सहित अन्य दीवानी वादों की सुनवाई होगी। सभी मामलों का निष्पादन आपसी सहमति और समझौते के आधार पर किया जाएगा। उन्होने कहा कि जिन पक्षकारों को नोटिस नहीं मिला है, वे भी अपने मामलों के समाधान के लिए 9 मई को न्यायालय पहुंच सकते हैं। जिला विधिक सेवा प्राधिकार सचिव सुनील कुमार ने कहा कि इस बार ट्रैफिक ई-चालानों पर विशेष फोकस रखा गया है। 90 दिन से अधिक समय से लंबित चालानों के निष्पादन के लिए अलग व्यवस्था की गई है। ई-चालानों के लिए दो पीठ बनाए गए हैं जिसमें से एक में परिवहन विभाग संबंधित मामले को निपटरा होगा तो दूसरे में यातायात विभाग के चालानों की सुनवाई होगी।

सामान्य प्रश्न

लोक अदालत कब आयोजित की जा रही है?
लोक अदालत 9 मई को आयोजित की जा रही है।
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