Purnia News: अपराधियों की श्रेणीवार तैयार हो रही कुंडली, एक क्लिक पर मिलेगा पूरा आपराधिक इतिहास

हिन्दुस्तान, पूर्णिया
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Purnia News: पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता। जिले में अपराध नियंत्रण को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए पुलिस ने अपराधियों की श्रेणीवार कुंडली तैयार करने की कवाय

Purnia News: अपराधियों की श्रेणीवार तैयार हो रही कुंडली, एक क्लिक पर मिलेगा पूरा आपराधिक इतिहास

Purnia News: पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता। जिले में अपराध नियंत्रण को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए पुलिस ने अपराधियों की श्रेणीवार कुंडली तैयार करने की कवायद शुरू कर दी है। इसके तहत विभिन्न प्रकार के अपराधों में संलिप्त अपराधियों का विस्तृत डेटाबेस तैयार किया जा रहा है, ताकि पुलिस को अपराधियों की गतिविधियों, नेटवर्क और आपराधिक इतिहास की सटीक जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हो सके। इस पहल का उद्देश्य अपराधियों पर प्रभावी निगरानी रखना, अपराध की रोकथाम करना तथा त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना है। एसएसपी डॉ. शौर्य सुमन ने जिले के सभी थानाध्यक्षों और पुलिस पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने थाना क्षेत्रों में सक्रिय अपराधियों का आपराधिक इतिहास खंगालकर विस्तृत डाटाबेस तैयार करें। इसमें अपराधियों के नाम, पता, आपराधिक रिकॉर्ड, सहयोगियों, कार्यशैली और वर्तमान गतिविधियों से संबंधित जानकारी संकलित की जाएगी। पुलिस द्वारा तैयार किए जा रहे इस विशेष डेटाबेस में अपराधियों को उनके अपराध की प्रकृति के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में रखा जाएगा। इनमें भूमाफिया, शराब माफिया, नारकोटिक्स तस्कर, पशु तस्कर, लूट एवं छिनतई गिरोह, चोरी और झपटमारी में शामिल अपराधियों की अलग-अलग सूची तैयार की जाएगी। इससे पुलिस को यह समझने में आसानी होगी कि कौन अपराधी किस प्रकार की आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त है और उसका प्रभाव क्षेत्र क्या है。

अपराध के पैटर्न का विश्लेषण करना होगा आसान:

पुलिस अधिकारियों का मानना है कि श्रेणीवार डेटाबेस तैयार होने के बाद अपराधियों के कार्य करने के तरीके और अपराध के पैटर्न का विश्लेषण करना आसान हो जाएगा। इससे यह भी पता चल सकेगा कि जिले के किस क्षेत्र में किस प्रकार के अपराध अधिक हो रहे हैं। इन जानकारियों के आधार पर पुलिस गश्ती, निगरानी और छापेमारी की रणनीति को और अधिक प्रभावी बना सकेगी। सूत्रों के अनुसार अपराध की प्रकृति के आधार पर पुलिस अधिकारियों और कर्मियों की विशेष टीमें भी गठित की जाएंगी। ये टीमें अपने-अपने क्षेत्र से जुड़े अपराधियों पर विशेष नजर रखेंगी और उनके खिलाफ लगातार कार्रवाई करेंगी। पुलिस इसे बीट पुलिसिंग की तर्ज पर विकसित करने की योजना बना रही है, जिसमें पुलिस पदाधिकारियों को अपराध की श्रेणी के अनुसार जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।

डाटा आधारित पुलिसिंग को बढ़ावा:

पुलिस का मानना है कि अपराधियों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने से फरार अपराधियों, आदतन अपराधियों और संगठित गिरोहों की गतिविधियों पर नजर रखना आसान होगा। किसी घटना के बाद संबंधित श्रेणी के अपराधियों की सूची तत्काल उपलब्ध होने से जांच और कार्रवाई में तेजी आएगी। साथ ही अपराधियों के बीच समन्वय और उनके नेटवर्क की पहचान भी बेहतर ढंग से की जा सकेगी। अपराध नियंत्रण के लिए आधुनिक तकनीक और डाटा आधारित पुलिसिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है। अपराधियों का व्यवस्थित डेटाबेस तैयार होने के बाद जिले में अपराध पर अंकुश लगाने, अपराधियों की निगरानी बढ़ाने तथा कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने में काफी मदद मिलेगी।

बोले अधिकारी:

एसएसपी डॉ. शौर्य सुमन ने बताया कि जिले में श्रेणी जैसे भू-माफिया, पशु तस्करी आदि के हिसाब से अलग-अलग डेटाबेस तैयार किया जा रहा है। इससे अपराध पर प्रभावी तरीके से नियंत्रण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस की प्राथमिकता अपराधियों में कानून का भय पैदा करना और आम लोगों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुलिस का उद्देश क्या है?
पुलिस का उद्देश्य अपराधियों पर प्रभावी निगरानी रखना, अपराध की रोकथाम करना तथा त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
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